Humayun Nagar Faces Severe Waterlogging and Poor Sanitation Issues बोले मेरठ: आखिर कब तक ढोएंगे बदहाली का बोझ, Meerut Hindi News - Hindustan
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बोले मेरठ: आखिर कब तक ढोएंगे बदहाली का बोझ

Meerut News - हुमायूं नगर में नगर निगम की बदहाली का सामना करते हुए लोग गंदे पानी और चोक नालियों से जूझ रहे हैं। यहां की सड़कों पर हर समय जलभराव रहता है, जिससे बच्चों और लोगों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की कमी और अनदेखी से स्थानीय लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।

Thu, 29 Jan 2026 12:58 AMNewswrap हिन्दुस्तान, मेरठ
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बोले मेरठ: आखिर कब तक ढोएंगे बदहाली का बोझ

शहर में नगर निगम के बहुत सारे इलाके ऐसे हैं जो आज भी बदहाली से जूझ रहे हैं। जहां नालियां ऊफनती रहती हैं और सीवर लाइनें हमेशा चोक रहती हैं। ऐसा ही एक इलाका है हुमायूं नगर, जहां चारों ओर सड़कों पर भरा गंदा पानी इलाके की बदहाली बयां करता है। ऐसा लगता है मानों अभी-अभी बारिश हुई हो और जलभराव हो गया। इस इलाके में गलियों से लेकर मुख्य सड़कों तक चलना दूभर रहता है। जबकि यहां से जाने वाला रास्ता हापुड़ रोड को लिसाड़ी रोड, बिजली बंबा बाइपास और दिल्ली रोड तक को जोड़ता है। कई स्कूल मौजूद हैं, जहां रोजाना हजारों बच्चे सड़क पर भरे गंदे पानी से होकर गुजरते हैं।

हालात इस कदर खराब हैं कि रोज गाड़ियां व रिक्शे पलटते हैं। घरों में गंदा पानी पहुंचता है, मानों इलाके में लोग नारकीय जिंदगी जीने के मजबूर हैं, जो सफाई, सड़क और पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं चाहते हैं। शहर की चमक-दमक और विकास के दावों के बीच अगर कहीं सच्चाई को नजदीक से देखना हो, तो हुमायूं नगर की गलियों में कदम रखिए। करीब 10 हजार से ज्यादा आबादी और 5 हजार से अधिक वोटर्स वाले इस इलाके की हालत सवाल पूछती नजर आती है, क्या विकास केवल कागजों और भाषणों तक ही सीमित रह गया है। 36 नंबर वार्ड में आने वाला हुमायूं नगर आज भी बदहाली का बोझ ढो रहा है, जहां हर सुबह गंदे पानी से भरी सड़कों के साथ होती है और हर शाम उसी परेशानी के साथ ढल जाती है। यहां की गलियां और मुख्य सड़कें किसी बरसाती नाले का रूप ले चुकी हैं। चारों ओर भरा गंदा पानी ऐसा आभास कराता है मानो अभी-अभी तेज बारिश हुई हो, जबकि हकीकत यह है कि गोबर व गंदगी से अटी नालियां ऊफनती रहती हैं और सीवर लाइनें हमेशा चोक रहती हैं। चलना तो दूर, संभलकर कदम रखना भी चुनौती बन जाता है। हुमायूं नगर का यह रास्ता हापुड़ रोड को लिसाड़ी रोड, बिजली बंबा बाइपास और दिल्ली रोड से जोड़ता है, यानी रोजाना हजारों लोग इसी बदहाली से होकर गुजरने को मजबूर हैं। इलाके में कई स्कूल मौजूद हैं। रोजाना हजारों मासूम बच्चे किताबें थामे गंदे पानी से होकर स्कूल जाते हैं। उनके जूतों के साथ-साथ सपनों पर भी मानो कीचड़ चिपक जाता है। जगह-जगह गड्ढे, फिसलन और जलभराव के कारण रोज वाहन और रिक्शे पलटते हैं, हादसों का डर हर पल बना रहता है। घरों में नलों से गंदा पानी पहुंचता है, जिससे बीमारियों का खतरा अलग से मंडराता है। यह हालात किसी सभ्य शहर के नहीं, बल्कि नारकीय जीवन के प्रतीक बन चुके हैं। हिन्दुस्तान बोले मेरठ टीम ने इस इलाके में लोगों के साथ संवाद कर उनकी समस्याओं को जाना। जो इलाके में बुनियादी सुविधाओं के अभाव में ऊब चुके हैं और अब समस्याओं से निजात चाहते हैं। बिना बरसात के सड़कें लबालब, चलना भी दूभर हापुड़ रोड से होते हुए हुमायूं नगर पहुंचते हैं तो स्थिति देखते ही लगता है मानों अभी-अभी बारिश हुई हो। यहां मौजूद लोग इस बदहाली से रोज जूझते हैं, जिनका कहना है कि इस सड़क से रोज हजारों लोग और बड़े वाहन गुजरते हैं। यह सड़क हापुड़ रोड को कई इलाकों से जोड़ती है, लिसाड़ी रोड जाना हो या फिर दिल्ली रोड या बिजली बंबा बाइपास, यहां से जा सकते हैं। पूरी सड़क टूटी पड़ी है और नालियों का पानी सड़क पर भरा रहता है। इलाके में नालियां गोबर और गंदगी के कारण चोक हुई पड़ी हैं और ऊफनती रहती हैं। गंदा पानी इस सड़क पर भरा रहता है, जबकि यह इलाके की मुख्य सड़क है। हालात ऐसे हैं कि लोग पैदल भी नहीं निकल पाते हैं। क्षेत्रीय प्रतिनिधि और अधिकारियों को इस संबंध में शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है। यहां पूरे इलाके में नालियां बनें और सड़क का निर्माण हो, तो कुछ बात बने। ऊफनती नालियां और चोक सीवर से होता जलभराव लोगों का कहना है कि इस इलाके में सड़कों पर हर वक्त गंदा पानी भरा रहता है। यहां नालियां और सीवर एकदम चोक पड़े हुए हैं, गलियों से लेकर मुख्य सड़कों तक चलना दूभर होता है। लोग घर से निकलते समय यही सोचते हैं कि आज सुरक्षित लौट पाएंगे या नहीं। यहां की गलियां और मुख्य सड़कें किसी बरसाती नाले का रूप ले चुकी हैं। महीनों तक यहां नालियां साफ नहीं होती हैं, सीवर लाइन तो शायद ही कभी साफ होते हों। हुमायू नगर में कई डेरियां हैं, जिनका गोबर इन नालियों में बहता है, जिससे सभी नालियां चोक हो चुकी हैं। वहीं इलाके में सफाई व्यवस्था एकदम खराब है, गंदगी भी नालियों में बहती है। इस कारण पूरा इलाका बदहाली से जूझता रहता है। पूरे इलाके में जलभराव और गंदगी के कारण संक्रमण का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। सैंकड़ों बच्चे रोज कीचड़ और गंदगी से गुजरते हैं हुमायूं नगर के लोग पास में मौजूद स्कूल और उसके पास गंदगी व जलभराव दिखाते हुए कहते हैं कि रोज ये मासूम बच्चे इस गंदे पानी से होकर जाते हैं। इलाके में दो बड़े स्कूल और एक मदरसा है, साथ ही मस्जिद भी है। कई बार स्कूल आते-जाते छोटे बच्चे कीचड़ में फिसलकर गिर जाते हैं। जिनको चोट लग जाती है और स्कूल के बजाय घर या डॉक्टर के पास जाना पड़ता है। यहां बच्चों को संक्रमण का भी खतरा मंडराता रहता है। जिसको जल्द सही किया जाना चाहिए। इस रोड से गुजरने वाले दुपहिया वाहन गंदे पानी में फिसलकर गिरते हैं। ई-रिक्शा व टेंपो आए दिन पलटते रहते हैं। जिससे लोग गंभीर चोटिल हो जाते हैं। यहां लोग नारकीय जीवन जी रहे हैं, हालातों से रोज जूझते हैं, परेशान होते हैं। कई बार तो यहां सड़क पर पानी से बचने के लिए लोग इधर-उधर से निकलते हैं और जाम लग जाता है। नालियों के बीच लगे खंभे, खतरे की बने घंटी क्षेत्र के लोग नालियों के बीच लगे खंभे दिखाते हुए कहते हैं कि इनमें आए दिन करंट का डर बना रहता है। जब भी जलभराव ज्यादा होता है तो खतरा और भी बढ़ जाता है। नालों के बीच लगे खंभे से पानी की निकासी भी रुक जाती है। कई बार पशुओं को करंट लग चुका है, लोगों को बचकर निकलना पड़ता है। यहां बिना बरसात के ही जलभराव रहता है, अगर थोड़ी सी बारिश हो जाए तो इलाका तालाब बन जाता है। फिर तो यहां से निकलना ही दूभर हो जाता है। वहीं एक खंभा नाली की बीच खड़ा है और गिरने के कगार पर है, जो फाइबर केबिल और बिजली के वायर से रोक रखा है। किसी भी दिन गिरेगा तो बड़ा हादसा होना तय है। इसलिए इन खंभों को हटाया जाए और लटकते हुए तारों को ठीक किया जाए, उन्हें सपोर्ट मिले, ताकि कोई बड़ा हादसा ना हो। खंभों पर लगें स्ट्रीट लाइटें, सरकारी पानी की हो व्यवस्था लोगों का कहना है कि यहां खंभों पर स्ट्रीट लाइटें भी नहीं हैं। एक तो रास्ता खराब है, ऊपर से रात में अंधेरा रहता है। जिसके कारण यहां लोग गिरते रहते हैं और चोट खाते है। इस सड़क पर ट्रैफिक भी बहुत ज्यादा रहता है, इसके बावजूद अंधेरा रहता है। सभी खंभों पर स्ट्रीट लाइटें लगनी चाहिएं। वहीं इस इलाके में सरकारी पानी की लाइन है, जहां आधे इलाके में पानी आता है और आधे में आता ही नहीं है। जहां पानी आता है वहां कई बार गंदा पानी आता है, जो पीने लायक नहीं होता। आए दिन पाइप लाइन लीकेज होने के कारण गंदा पानी घरों में पहुंचता है। जिसका सबसे बड़ा कारण चोक नालियां और सीवर की खराब व्यवस्था है। साथ ही सड़कों पर भरने वाला गंदा पानी भी पाइप लाइन में मिल जाता है। इस इलाके में सबसे पहले जलभराव और सड़क का समाधान होना चाहिए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। समस्या क्या है? - पूरे हुमायूं नगर में टूटी गलियां और बदहाल सड़कें हैं - सभी जगह सीवर लाइनें चोक और नालियां उफनती हैं - घरों तक में गंदा पानी पहुंचता है, लोग बीमार होते हैं - नालियों के बीच लगे खंबों में करंट का खतरा रहता है - सड़कों पर खंभों के ऊपर स्ट्रीट लाइट्स का अभाव है - जलभराव बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए परेशानी सुझाव - पूरे इलाके में नई और मजबूत सड़क का निर्माण किया जाए - सीवर लाइन और नालियों की नियमित सफाई होनी चाहिए - पीने के पानी की पाइपलाइन की जांच के साथ मरम्मत हो - नालियों से बिजली खंबों को हटाकर सुरक्षित स्थान पर लगाएं - हर गली और सड़क पर स्ट्रीट लाइट्स की व्यवस्था होनी चाहिए - स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नगर निगम की जवाबदेही तय हो हमारी भी सुनो हुमायूं नगर का यह रास्ता सबसे ज्यादा चलता है, लेकिन इसकी हालत इतनी खराब है कि लोग पैदल भी नहीं चल सकते हैं। - साजिद सड़क पर यह तो बिना बरसात के इतना पानी भरा पड़ा है, अगर बारिश हो जाए तो गंदे पानी से निकलना भी दूभर हो जाता है। - रिजवान इस रास्ते पर ट्रैफिक भी बहुत ज्यादा चलता है, इसके बाद भी सुधार नहीं हो पा रहा है, नालियां पूरी तरह गंदगी से अटी पड़ी है। - मो. आरिफ सीवर लाइन चोक रहते हैं जो चलते ही नहीं हैं, नालियों में गंदगी इतनी रहती है कि गंदा पानी ऊफनकर सड़कों पर भर जाता है। - राशिद कस्सार यहां सड़क हमेशा नाली की तरह भरी रहती है, आसपास कई स्कूल हैं, मदरसा है और मस्जिद भी, लेकिन हालात नहीं सुधर रहे। - हाजी नौशाद इस पूरे इलाके में गलियों की हालत भी बहुत खराब हुई पड़ी है, नालियां टूटी पड़ी हैं और गंदगी से भरी पड़ी हैं, जिससे बहुत दिक्कत होती है। - मो. वसीम रोज स्कूल जाने वाले बच्चे इस गंदे पानी में गिरते हैं, आए दिन ई-रिक्शा और बड़ी गाड़ियां यहां गिरती रहती हैं, लोग चोटिल हो जाते हैं। - मो. मुबस्सिर पूरे इलाके की बदहाली से लोग परेशान हैं, सड़क पर गंदा पानी इतना भरा रहता है कि बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं तो निकल भी नहीं पाते। - मो. आमिर नालियों की सफाई महीनों नहीं होती है, जिससे वह ऊपर तक गंदगी से भर जाती हैं, सबसे ज्यादा नालियों में डेरियो का गोबर रहता है। - मो. युनुस बिजली के खंभे नालियों के बीच खड़े हुए हैं, जिससे करंट आने का खतरा बना रहता है, एक खंभा तो गिरने के कगार पर है, बस टिका है। - मो. आदिल इस इलाके को कोई देखने वाला ही नहीं है, कई बार नगर निगम और ऑनलाइन भी शिकायत की गई, आजतक कुछ नहीं हुआ। - मो. आबिद यह सड़क हापुड़ रोड को लिसाड़ी रोड व दिल्ली रोड को जोड़ती है, इसके बाद भी यह पूरी तरह टूटी पड़ी है, गंदा पानी हमेशा भरा रहता है। - मो. वसीम इस इलाके में नालियों की सफाई हो और सीवर लाइनों को चालू किया जाए, ताकि निकासी ठीक हो सके, गंदा पानी से संक्रमण का खतरा रहता है। - मो. अयान यहां थोड़ी सी बारिश हो जाए तो हालात बहुत ज्यादा खराब हो जाते हैं, गंदगी के कारण इलाके में संक्रमण और बीमारी फैल रही है। - मो. आसिफ खंभों पर स्ट्रीट लाइटें तक नहीं हैं, हालात ऐसे हो गए हैं कि रात को सड़क पर चल भी नहीं सकते, सड़कों पर बिना बरसात जलभराव रहता है। - मो. शुएब इस पूरे इलाके में गंदगी इतनी रहती है कि लोगों का जीना मुहाल हो गया है, सड़कों पर गंदा पानी भरा रहता है, आए दिन गाड़ियां पलटती हैं। - निजामुद्दीन

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