Yogi Adityanath Criticizes Akhilesh Yadav s Politics in Noida Development Speech मुख्यमंत्री रहते नोएडा नहीं गए, आज विभाजनकारी राजनीति के लिए पहुंच गए: योगी, Lucknow Hindi News - Hindustan
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मुख्यमंत्री रहते नोएडा नहीं गए, आज विभाजनकारी राजनीति के लिए पहुंच गए: योगी

Lucknow News - लखनऊ, विशेष संवाददाता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को सपा प्रमुख अखिलेश

Sun, 29 March 2026 08:15 PMNewswrap हिन्दुस्तान, लखनऊ
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मुख्यमंत्री रहते नोएडा नहीं गए, आज विभाजनकारी राजनीति के लिए पहुंच गए: योगी

लखनऊ, विशेष संवाददाता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर बिना नाम लिए करारा हमला किया। उन्होंने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि वे मुख्यमंत्री रहते हुए नोएडा नहीं गए, लेकिन अपनी विभाजनकारी राजनीति के लिए आज नोएडा और ग्रेटर नोएडा पहुंच गए हैं। इन लोगों ने नोएडा के विकास के लिए बाधाएं खड़ी कीं, वे आज विकास की बात करते हैं।मैं अंधविश्वास नहीं मानता, सबकी आस्था का सम्मान करता हूंमुख्यमंत्री ने कहा कि मेरे कपड़े को देखकर लोग मानते होंगे कि मैं अंधविश्वास को मानता होऊंगा। मैं आस्था में विश्वास करता हूं, सबकी आस्था का भी सम्मान करता हूं, लेकिन अंधविश्वास को कतई नहीं मानता।

मुझे बोला गया था कि नोएडा नहीं जाना है। मैंने कहा क्यों? क्या वहां सीएम नहीं जाते। मैंने कहा क्या नोएडा यूपी से बाहर है। बताया गया कि यह मान्यता है कि वहां जाएंगे तो सीएम कुर्सी से उतर जाएंगे। हमने कहा कि कुर्सी से एक न एक दिन जाना ही है, तो कुर्सी के मोह में हम क्यों पड़ें? मैं वहां जरूर जाऊंगा और गया भी था। उस दौरान देखा कि वहां 4 लाख मामले बिल्डर और बायर्स के हैं। मैंने बायर्स और बिल्डर से बात की। साथ ही बिल्डर्स को मकान बनाने को कहा, चाहे जैसे बनाओ। आज सभी 4 लाख लोगों को मकान दिए जा चुके हैं। उस दौरान अंधविश्वास को मानने वाले लोग कौन थे, जो भारत की आस्था पर उंगली उठाते हैं?मुख्यमंत्री ने कहा है कि पिछले नौ वर्षों में नौ लाख मैनपावर सरकारी सेवाओं में जुड़ी है। ये सभी प्रतिभाशाली और युवा ऊर्जा से भरपूर हैं। इसी का नतीजा है कि जो राज्य पहले बीमारू था, वह आज भारत की इकोनॉमी का ग्रोथ इंजन बन गया है। वर्ष 2016 की तुलना में आज प्रति व्यक्ति आय तीन गुना करने में सफलता प्राप्त की है।पहले नोएडा और ग्रेटर नोएडा को क्राइम कैपिटल के रूप में जाना जाता थामुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिभा जब भी सम्मानित होगी और उसे प्लेटफार्म मिलेगा, उसका लाभ देश और राज्य को मिलेगा। भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए एक-एक स्टेजेस पर शासन द्वारा निगरानी की जाती है। हमारी तीसरी आंख उन सबको वॉच करती है, जो भर्ती प्रक्रिया में सेंध लगाने के लिए सक्रिय हो जाते हैं। ऐसे लोगों को हम पहले ही खींच कर बाहर निकाल लाते हैं और उनका कैसे इलाज किया जाता है, यह किसी से छिपा नहीं है। इसी का परिणाम है कि प्रत्येक सेक्टर में यूपी ने विकास किया है। यूपी के नौजवानों के सामने जो पहचान का संकट था, उस पहचान के संकट से वह मुक्त हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट का लोकार्पण किया। इसे प्रदेश सरकार ने बनाया, जिस प्रदेश की आबादी सबसे बड़ी है, हम कार्य भी सबसे बड़ा करेंगे। इसे हम लोगों ने जेवर में करके दिखाया है। इससे एक लाख नौजवानों को सीधे-सीधे नौकरी मिलेगी। वर्ष 2017 के पहले यह क्षेत्र प्रदेश के साथ देश के क्राइम कैपिटल के रूप में जाना जाता था। शाम को 5 बजे के बाद गतिविधियां शून्य हो जाती थीं। प्रातः 10 बजे के पहले तक कर्फ्यू जैसा माहौल रहता था। आज यह डबल इंजन सरकार की स्पीड और दृढ़ इच्छाशक्ति है कि केवल प्रदेश नहीं बल्कि देश और दुनिया का इन्वेस्टमेंट का बेस्ट डेस्टिनेशन के रूप में उभर कर सामने आया है।कुछ लोग अफवाहें और दुष्प्रचार कर माहौल खराब करना चाहते हैंमुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश और दुनिया का हर बड़ा संस्थान ग्रेटर नोएडा आना चाहता है। आज वहां मेडिकल डिवाइस पार्क, इंटरनेशनल फिल्म सिटी, वर्ल्ड क्लास यूनिवर्सिटीज, टॉय पार्क और अपैरल पार्क बन रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में सेमीकंडक्टर की सबसे बड़ी यूनिट का शिलान्यास किया। इस युग में सेमीकंडक्टर के बगैर पूरी दुनिया एकदम लाचार है, जैसे एक समय तेल के बगैर दुनिया लाचार हो जाती थी, ऐसे ही सेमीकंडक्टर के बगैर दुनिया लाचार हो जाती है, वह अब यूपी के अंदर बनेगा। इसे वर्ष 2017 के पहले सोचा नहीं जा सकता था क्योंकि उस दौरान इच्छाशक्ति और नीयत साफ नहीं थी। वे लोग पहले भी कुछ नहीं करना चाहते थे, आज भी करने की इच्छाशक्ति नहीं है, जो कार्य हो रहा है उस कार्य को डिस्टर्ब कर रहे हैं। इतना ही नहीं, दुष्प्रचार और अफवाह फैला करके माहौल को खराब करने का काम कर रहे हैं। दुनिया संकट में है और उथल-पुथल चल रही है। तमाम देशों में इमरजेंसी लागू हो गई है। लोगों में वहां संशय का माहौल बना हुआ है। गल्फ वार के नाते अस्थिरता का माहौल है। तमाम देशों ने अपने यहां लोगों की सर्विस को कम करना प्रारंभ कर दिया है। कार्य के घंटे और वेतन को कम करना प्रारंभ कर दिया है, क्योंकि अब उनकी इकॉनामी जवाब दे रही है। अमेरिका जैसा देश, जिसकी खाड़ी के देशों पर निर्भरता कम है, वहां पर भी पेट्रोलियम उत्पादों के दाम आसमान छू रहे हैं। भारत के अगल-बगल के देशों में पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश, म्यांमार, श्रीलंका, थाईलैंड, इंडोनेशिया सबकी हालत खराब है। अघोषित इमरजेंसी जैसी स्थितियां चल रही हैं, लेकिन इन सब में बिना रुके, बिना डिगे, बिना थके भारत दुनिया के अंदर एकमात्र देश है, जो लगातार अपनी यात्रा की ओर मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है, इसलिए क्योंकि भारत के पास प्रधानमंत्री मोदी जैसी विजनरी लीडरशिप है।बहराइच से 500 परिवारों को विस्थापित करने का काम पहले भी हो सकता थामुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में बहराइच में भारत-नेपाल बॉर्डर पर शारदा और सरयू नदी के तट पर स्थित एक गांव के 500 लोगों को विस्थापित किया गया है। सभी को आवास, जमीन का पट्टा और प्रत्येक परिवार को 21 लाख रुपये की सहायता दी गई। इनके लिए पार्क, स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र और राशन की दुकान उपलब्ध करवाई गई। ये काम पहले भी हो सकता था, लेकिन जब उस सरकार के पास संवेदना होती तब सरकार इसके बारे में सोचती।वर्ष 2017 से पहले मेडिकल कॉलेज की संख्या भगवान भरोसे थीपहले की सरकारें हॉस्पिटल की बिल्डिंग बनाकर एक दो डॉक्टर नियुक्त करके वाहवाही लूटते थे जबकि चिकित्सीय सेवा की रीढ़ नर्सिंग स्टाफ होता है, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। वर्ष 2017 के पहले मेडिकल कॉलेजेस की संख्या भगवान भरोसे थी। वह हमारी सेवाओं पर प्रश्न खड़ा करते हैं, मुझे हंसी आती है। वे सत्ता में रहने के बाद भी कुछ नहीं कर पाए। उस दौरान नियुक्ति की प्रक्रिया प्रारंभ होती तो आप में से एक भी सेलेक्ट नहीं होता क्योंकि आप में से बहुत सारे लोग ऐसे हैं, जिनके मां-बाप के पास पैसा पढ़ाने के लिए है, लेकिन वह अनैतिक तरीके के लिए पैसा नहीं दे सकते और देना भी नहीं चाहिए। पहले की सरकार के दौरान मर चुकी एमएसएमई में आज तीन करोड़ से ज्यादा लोग काम कर रहे हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि आज रविवार के दिन नियुक्ति पत्र वितरित किए जा रहे हैं। हमारे लिए रविवार का दिन छुट्टी का नहीं होता है। संडे हो या मंडे, हमारे लिए सब एक जैसे दिन होते हैं। हमें सुबह से लेकर शाम तक काम करना ही करना है, क्योंकि नहीं करेंगे तो परिणाम नहीं आएंगे। हम लोग छुट्टी की परवाह किए बगैर, बिना रुके- डिगे- थके प्रधानमंत्री की प्रेरणा और उनके मार्गदर्शन में कार्य कर रहे हैं। ऐसे ही डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान को नई ऊंचाई तक लेकर के जाना है। हम सभी को स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का हिस्सा बनाना है।इस अवसर पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं शिक्षा अमित घोष, लोहिया संस्थान के निदेशक डॉ. सीएम सिंह, केजीएमयू वाइस चांसलर डॉ. सोनिया नित्यानंद आदि उपस्थित थे।

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