अमेरिका व्यापार समझौते में भारत को कुछ नहीं मिला: राहुल गांधी
Lucknow News - - कांग्रेस में कमी न होती तो कांशीराम राजनीति में सफल नहीं होते - कांशीराम

लखनऊ, विशेष संवाददातालोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते पर एक बार फिर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे भारत को कुछ नहीं मिला। कांग्रेस को दलितों के हक में जिस तेजी से काम करना चाहिए था, उसमें कमियां रहीं। ये कमी न होती तो कांशीराम राजनीति में सफल नहीं होते। उन्होंने यह भी कहा कि अगर नेहरू जिंदा होते तो कांशीराम कांग्रेस के मुख्यमंत्री हो जाते।राहुल गांधी प्रदेश कांग्रेस द्वारा शुक्रवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में कांशीराम की 92वीं जयंती पर आयोजित ‘सामाजिक परिवर्तन दिवस’ को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिका से व्यापार समझौते के मुताबिक भारत अमेरिका से नौ लाख करोड़ रुपये का सामान खरीदेगा।
अमेरिका से इतनी खरीददारी करेंगे तो हमारा किसान क्या करेगा? कृषि मामले में हमने कभी समझौता नहीं किया था। चार महीने तक अमेरिका से व्यापार समझौता इसी वजह से रुका रहा। अब कृषि बाजार अमेरिका के लिए खोल दिया गया है।राहुल ने तेल खरीद पर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि हमारी ऊर्जा सुरक्षा के साथ भी समझौता हुआ है। अमेरिका तय कर रहा कि हमें कहां से तेल खरीदना है और कहां से गैस। भारत में गैस का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने तेल मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम एप्सटीन फाइल में होने और उनकी बेटी की कंपनी को जॉर्ज सोरोस से फंडिंग की बात कही। मैंने लोकसभा में केवल एप्सटीन का नाम लिया था और लोकसभा अध्यक्ष ने मुझे बोलने से मना कर दिया। कार्यक्रम में कांशीराम को भारत रत्न देने का प्रस्ताव भी पास हुआ।जिंदाबाद से कुछ नहीं होताजिंदाबाद के नारे लगाते हुए कार्यकर्ताओं को राहुल गांधी ने रोका और कहा कि नारे लगाने से कुछ नहीं होता। आपको अच्छा लग सकता है, लेकिन इससे कोई फायदा नहीं है। बदलाव तब आता है जब व्यक्ति यह ठान ले कि जो गलत हो रहा है उसे वह स्वीकार नहीं करेगा। राजनीति में सिर्फ चाहने से कुछ नहीं मिलता। पाने के लिए विचारधारा की लड़ाई लड़नी पड़ती है।हिंदुस्तान की राजनीति बदलने का मौकाउन्होंने कहा कि हमारे पास हिंदुस्तान की राजनीति बदलने का पूरा मौका है। केवल चुनाव जीतने वाली राजनीति नहीं बल्कि देश बदलने वाली होनी चाहिए। उन्होंने देश का डेटा अमेरिका को भी दिए जाने का आरोप लगाया। अगर उत्तर प्रदेश से सिर्फ 100 ऐसे लोग मिलें, जो समझौता न करें तो सब कुछ बदल सकता है। कांग्रेस के एससी-एसटी विभाग के अध्यक्ष डा. राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि नीतियां जल्द बनानी होंगी। चुनाव के पहले नीति बनने पर बात लोगों तक नहीं पहुंच पाती।मंच तक नहीं पहुंच सके कांग्रेस के यूपी प्रभारीकांग्रेस के यूपी प्रभारी अविनाश पांडे मंच पर नहीं पहुंच सके। वहीं, कांग्रेस के सांसद और प्रदेश एससी-एसटी विभाग के अध्यक्ष तनुज पुनिया को भी मंच पर जगह नहीं मिली। कांग्रेस विधायक वीरेंद्र चौधरी को भी मंच के सामने लगी कुर्सी ही मिली। इसके अलावा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बृजलाल खाबरी भी मंच से नीचे ही थे।
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