होली में सीज किए नमूने, जांच रिपोर्ट अब तक न आई
Lucknow News - होली के त्योहार से पूर्व एफएसडीए ने ताबड़तोड़ छापे मारे। बड़ी संख्या में खोया, गुझिया, मिठाई आदि के नमूने लिए। कुछ सीज भी किया। जांच रिपोर्ट अब तक नहीं आई। यदि गुणवत्ता सही मिली तो मिठाइयों का क्या होगा। कारोबारियों के नुकसान की भरपाई कौन करेगा। लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखना जरूरी है।

होली के त्योहार से पूर्व एफएसडीए ने ताबड़तोड़ छापे मारे। बड़ी संख्या में खोया, गुझिया, मिठाई आदि के नमूने लिए। संदेह के आधार पर कुछ सीज भी किया। पूरा माल कोल्ड स्टोरेज में रखवा दिया गया, लेकिन अब तक जांच रिपोर्ट नहीं आई। यदि गुणवत्ता सही मिली तो उन मिठाइयों और खोया आदि का क्या होगा। तीन माह में उनकी गुणवत्ता पर भी संदेह है। बाजार में बिकने के लिए आईं तो उसे खाकर लोग बीमार होंगे। फेंकी गईं तो कारोबारियों के नुकसान की भरपाई कौन करेगा। इसकी जिम्मेदारी किसी के पास नहीं है। दरअसल हर होली, दीपावली और रक्षाबंधन से पूर्व एफएसडीए के छापों की कार्रवाई बढ़ जाती है। लोगों के स्वास्थ्य के सुरक्षा में मद्देनजर खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जाते हैं। जिनमें संदेह होता है उन्हें सीज करके कोल्ड स्टोरेज में रखवा दिया जाता है, लेकिन विभाग के पास ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है जिसमें नमूनों के जांच तत्काल हो सके। तकनीकी के नए दौर में विभाग अब भी पुराने ढर्रे पर चल रहा है। नमूने एकत्र किए जाते है। लिखा-पढ़ी होती है। एक-दो दिन में उन्हें जांच के लिए लैब भेजा जाता है। एक साथ बड़ी मात्रा में नमूनों के पहुंचने से लैब में काम का दबाव काफी जाता है। लैब में स्टाफ भी नहीं बढ़ाया जाता, लिहाजा धीरे-धीरे जांच प्रक्रिया आगे बढ़ती रहती है।
स्वास्थ्य संबंधी चिंताएँ
ऐसे में जिन खाद्य पदार्थों को सीज न करके सिर्फ नमूने लिए गए हैं और तीन-चार माह बाद रिपोर्ट में गुणवत्ता खराब मिली तो जिन लोगों ने उसे खा लिया होगा उसके स्वास्थ्य पर पर असर पड़ चुका होगा। कार्रवाई के नाम पर ऐसे कारोबारियों के खिलाफ मुकदमा चलता है और उनके खिलाफ जुर्माना तय होता है लेकिन जिनके स्वास्थ्य पर असर पड़ा होगा, उन्हें न तो खोजा जा सकता है और न उनकी कोई जांच कराई जा सकती है। जिन खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सही मिली तो लम्बे समय तक सुरक्षित रखने के बाद भी उनकी गुणवत्ता खराब हो गई होगी। उनके नुकसान की भरपाई कौन करेगा, इसकी जिम्मेदारी भी किसी के पास नहीं है।
जांच की आवश्यकता
हमे सबसे पहले लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखना है। त्योहारों पर बड़ी मात्रा में मिठाइयों व खोया की खपत होती है। ऐसे में जांच जरूरी है। जिन पदार्थों में संदेह ज्यादा होता है उन्हें सील किया जाता है। कोल्ड स्टोरेज में रखे खाद्य पदार्थ खराब हो गए होंगे तो उन्हें नष्ट करा दिया जाएगा।
विजय प्रताप सिंह, सहायक आयुक्त द्वितीय, एफएसडीए
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