Elderly people and women going to Haj House were stopped in the middle of the road and beaten up by recovery agents हज हाउस जा रहे बुजुर्ग और महिलाओं को बीच सड़क रोका, रिकवरी एजेंटों ने की मारपीट, Lucknow Hindi News - Hindustan
More

हज हाउस जा रहे बुजुर्ग और महिलाओं को बीच सड़क रोका, रिकवरी एजेंटों ने की मारपीट

Lucknow News - राजधानी लखनऊ में गाड़ी की लोन किस्त बकाया थी, लेकिन वसूली का तरीका कानून की हर सीमा लांघ गया। शहीद पथ पर रिकवरी एजेंटों के एक समूह ने हज हाउस जा रहे ए

Sun, 26 April 2026 09:01 AMNewswrap हिन्दुस्तान, लखनऊ
share
हज हाउस जा रहे बुजुर्ग और महिलाओं को बीच सड़क रोका, रिकवरी एजेंटों ने की मारपीट

लखनऊ,संवाददाता। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गाड़ी की लोन किस्त बकाया थी, लेकिन वसूली का तरीका कानून की हर सीमा लांघ गया। शहीद पथ पर रिकवरी एजेंटों के एक समूह ने हज हाउस जा रहे एक परिवार की गाड़ी जबरन रोकी, बुजुर्ग ससुर के साथ हाथापाई कर कपड़े फाड़े और गाड़ी में बैठी महिलाओं से भी अभद्र व्यवहार किया। पुलिस के पहुंचने तक तीन आरोपी फरार हो चुके थे, दो को मौके पर पकड़ा गया। बाराबंकी निवासी राशिद गुरुवार को अपने ससुर जियाउर रहमान को सरोजनी नगर स्थित हज हाउस छोड़ने जा रहे थे। परिवार की स्कॉर्पियो जैसे ही शहीद पथ पर पहुंची, पीछे से आ रही एक सफेद टाटा पंच में सवार युवकों ने उनकी गाड़ी को टक्कर मारी।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:निजी बस कर्मचारियों पर यात्रियों से मारपीट का आरोप, मां-बेटों समेत तीन घायल

इतना ही नहीं, उन्होंने गाड़ी के शीशों पर कुछ फेंका और जबरन स्कॉर्पियो रुकवा ली।गाड़ी रुकते ही 4 से 5 युवकों ने कार का दरवाजा खोल दिया। आरोप है कि उन्होंने राशिद के ससुर जियाउर रहमान के साथ हाथापाई की और उनके कपड़े तक फाड़ दिए। गाड़ी में बैठी महिलाओं के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया। बीच सड़क पर हुई इस घटना से परिवार के सदस्य बुरी तरह घबरा गए।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस कंट्रोल रूम के कर्मी मौके पर पहुंचे। तब तक 4-5 में से तीन आरोपी वहां से भाग निकले थे। हालांकि पुलिस ने दो युवकों को मौके पर ही पकड़ लिया। इंस्पेक्टर पीजीआई धीरेंद्र सिंह ने बताया कि यह मामला वाहन की बकाया लोन किस्तों से जुड़ा है। आरोपी रिकवरी एजेंट थे जो गाड़ी की वसूली के लिए आए थे। उन्होंने बताया कि पकड़े गए दोनों युवकों का चालान कर दिया गया है और फरार तीन आरोपियों की तलाश जारी है।लोन रिकवरी के नाम पर इस तरह बीच सड़क किसी परिवार को रोकना, बुजुर्ग के साथ मारपीट करना और महिलाओं से अभद्रता करना न केवल कानूनन गलत है, बल्कि यह रिकवरी एजेंटों के बढ़ते दुस्साहस को भी दर्शाता है। भारतीय रिजर्व बैंक के दिशानिर्देशों के अनुसार रिकवरी एजेंट किसी भी परिस्थिति में इस तरह की जबरदस्ती या मारपीट नहीं कर सकते। ऐसे में यह सवाल उठता है कि आखिर किस एजेंसी ने इन्हें तैनात किया था और क्या उन पर भी कार्रवाई होगी।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।