Doctor Defrauded of 3 5 Million for Kidney Transplant in Lucknow पिता की किड़नी ट्रांसप्लांट कराने के नाम पर दिल्ली के डॉक्टर से 35 लाख रुपए ठगे, रुपए वापस मांगने पर बंद, Lucknow Hindi News - Hindustan
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पिता की किड़नी ट्रांसप्लांट कराने के नाम पर दिल्ली के डॉक्टर से 35 लाख रुपए ठगे, रुपए वापस मांगने पर बंद

Lucknow News - पिती की किडनी ट्रांसप्लांट कराने के नाम पर दिल्ली के एक डॉक्टर से 35 लाख रुपए ठग लिए गए। डॉक्टर ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने उन्हें बंद खाते

Thu, 19 Feb 2026 07:34 PMNewswrap हिन्दुस्तान, लखनऊ
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पिता की किड़नी ट्रांसप्लांट कराने के नाम पर दिल्ली के डॉक्टर से 35 लाख रुपए ठगे, रुपए वापस मांगने पर बंद

लखनऊ,प्रमुख संवाददाता। पिता की किडनी ट्रांसप्लांट कराने के नाम पर दिल्ली के एक डॉक्टर से 35 लाख रुपये ठग लिए गए। जब डॉक्टर ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने उन्हें बंद खाते का चेक दे दिया, जो बैंक में जमा करने पर बाउंस हो गया। इसके बाद पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। पश्चिम विहार, नई दिल्ली निवासी डॉ. भारत भूषण ने बताया कि वह दिल्ली में प्रैक्टिस करते हैं। उनकी पहचान फ्लोरेट अस्पताल, नई दिल्ली के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज मेहतो के माध्यम से लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल में तैनात शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. देवेंद्र सिंह से हुई थी।

दोनों के बीच अच्छे संबंध बन गए थे। इसी दौरान डॉ. देवेंद्र सिंह ने अपने पिता की किडनी ट्रांसप्लांट के लिए 35 लाख रुपये की जरूरत बताई और चार महीने में रकम लौटाने का आश्वासन दिया। डॉ.मनोज मेहतो के कहने पर डॉ. भारत भूषण ने कागजी प्रक्रिया पूरी कर रुपए देने के लिए सहमति दे दी। जब डॉ.भारत भूषण ने बैंक खाते की जानकारी मांगी तो डॉ. देवेंद्र सिंह ने खुद को सरकारी कर्मचारी बताते हुए अपने खाते में पैसे लेने से इनकार कर दिया और अपने दोस्त अमन श्रीवास्तव का बैंक खाता दे दिया। इसके बाद डॉ. भारत भूषण ने ऑनलाइन ट्रांसफर और चेक के माध्यम से कुल 35 लाख रुपये अमन श्रीवास्तव के खाते में जमा कर दिए। चार महीने बीत जाने के बाद भी रकम वापस नहीं मिली। 28 नवंबर 2023 को डॉ. भारत भूषण अपनी पत्नी दीपशिखा और दो मित्रों के साथ लखनऊ पहुंचे। यहां डॉ. देवेंद्र सिंह ने उन्हें गोमती नगर के एक सुनसान स्थान पर मिलने के लिए बुलाया और देर रात तक टालमटोल करते रहे। बाद में उन्हें इंदिरानगर स्थित अमन श्रीवास्तव के घर ले जाया गया, जहां उन्हें एक चेक दे दिया गया। डॉ. देवेंद्र सिंह ने कहा कि यदि दस दिन में पैसे वापस नहीं मिलते हैं तो चेक बैंक में जमा कर सकते हैं। निर्धारित समय के बाद जब डॉ.भारत भूषण ने चेक बैंक में जमा किया तो वह बाउंस हो गया। बैंक से पता चला कि जिस खाते का चेक दिया गया था, वह करीब दो साल पहले ही बंद हो चुका था। इसके बाद पीड़ित ने कोर्ट में मामला दर्ज कराया। शिकायत के बाद आरोपियों की ओर से उन्हें धमकियां भी दी जाने लगीं। इंस्पेक्टर गोमतीनगर बृजेश चंद्र तिवारी ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।

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