Critical Changes in India CM Yogi Highlights 12 Years of Transformation under Modi Governance पीएम के विजन का यूपी को मिला सर्वाधिक लाभ: योगी, Lucknow Hindi News - Hindustan
More

पीएम के विजन का यूपी को मिला सर्वाधिक लाभ: योगी

Lucknow News - -2047 तक फाइव ट्रिलियन इकॉनामी बनेगा उत्तर प्रदेश -यूपी और देश में

Fri, 12 June 2026 07:37 PMNewswrap हिन्दुस्तान, लखनऊ
share
पीएम के विजन का यूपी को मिला सर्वाधिक लाभ: योगी

- 12 साल में आस्था व सांस्कृतिक विरासत का सम्मान

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:बदलते भारत को दुनिया देख रही; मोदी सरकार के 12 साल होने पर CM योगी ने गिनाईं उपलब्धियां

लखनऊ, विशेष संवाददाता

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:देश की वैश्विक प्रतिष्ठा में 12 वर्षों में वृद्धि हुई : पियूष गोयल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले 12 सालों में देश और दुनिया ने बदलते हुए भारत को देखा है। भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी शक्ति, सामर्थ्य और नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया है। बीते 12 सालों में प्रधानमंत्री के विजन का सर्वाधिक लाभ यूपी को मिला है।

बदलावों पर चर्चा

मुख्यमंत्री शुक्रवार को लोकभवन में प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर देश और प्रदेश में आए व्यापक बदलावों पर बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को आधार बनाकर अपना विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है और इसी के अनुरूप कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जा रहा है। यूपी वर्ष 2030 तक वन ट्रिलियन, 2036 तक दो ट्रिलियन और 2047 तक पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य के साथ काम कर रहा है। विकसित भारत के साथ विकसित यूपी और आत्मनिर्भर भारत के साथ आत्मनिर्भर यूपी का निर्माण ही संकल्प है। उन्होंने कहा कि आज देश का प्रत्येक नागरिक नए भारत का हिस्सा होने पर गर्व महसूस कर रहा है।

गरीबी रेखा से ऊपर आने वाली संख्या

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता से पहले सिर्फ योजनाएं मिलती थीं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पहली बार योजनाओं को जन आंदोलन का स्वरूप मिला। प्रधानमंत्री मोदी ने विकास की धुरी के रूप में गरीब, महिला, युवा व किसान को केंद्र में रखा। भारत ने पिछले 12 सालों में आस्था व आर्थिकी का अद्भुत संगम देखा है। 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर लाने में सफलता मिली। यूपी को प्रधानमंत्री की योजनाओं का सर्वाधिक लाभ मिला है। राज्य में 65 लाख गरीबों को आवास, 3 करोड़ परिवारों को शौचालय, लगभग दो करोड़ परिवारों को उज्ज्वला गैस कनेक्शन और 15 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिला। कोविड काल में 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया गया। गरीब अब केवल वोट बैंक नहीं रहा, बल्कि विकास प्रक्रिया का केंद्र बन चुका है।

महिलाओं की नई पहचान

उन्होंने महिला सशक्तीकरण पर कहा कि ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’, मातृ वंदन योजना, नारी शक्ति वंदन अधिनियम और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं ने महिलाओं को नई पहचान दी है। यूपी में बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, बैग, पुस्तकें और स्वेटर उपलब्ध कराए गए। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना व मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से बेटियों के जीवन को सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने का काम किया गया। मिशन शक्ति अभियान और पुलिस बल में महिलाओं के लिए 20% आरक्षण ने उन्हें सुरक्षा व अवसर प्रदान किए हैं। उद्योगों में वीमेन वर्कफोर्स 12% से बढ़कर 36% हो गई है।

युवाओं को प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं के प्रोत्साहन के लिए शिक्षा, कौशल विकास, नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा दिया। परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम, मुद्रा योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना, आत्मनिर्भर भारत अभियान, फिट इंडिया और खेलो इंडिया जैसे कार्यक्रमों ने युवाओं को नई ऊर्जा और अवसर दिए हैं। पहली बार युवाओं को यह विश्वास मिला कि वे नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बन सकते हैं।

किसानों के लिए योजनाएं

सीएम ने कहा कि किसान पहले सिर्फ चुनावी एजेंडे तक सीमित थे। प्रधानमंत्री ने किसानों को सरकार की प्राथमिकता में शामिल किया। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, फसल बीमा योजना और सॉइल हेल्थ कार्ड जैसी योजनाओं ने किसानों को मजबूत किया है। यूपी में तीन करोड़ से अधिक किसान सम्मान निधि का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। गन्ना किसानों को 3.22 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है और 24 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई सुविधा से जोड़ा गया है।

संस्कृति का सम्मान

योगी ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान प्रधानमंत्री ने देशवासियों के सामने ‘पंच प्रण’ का आह्वान किया, जो विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की आधारशिला हैं। उनके नेतृत्व में भारत की आस्था व सांस्कृतिक विरासत को सम्मान मिला। 500 वर्षों के संघर्ष के बाद अयोध्या में भगवान श्रीराम की जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ और नरेंद्र मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री बने जिन्होंने राम मंदिर के शिलान्यास, प्राण-प्रतिष्ठा तथा मंदिर पर सनातन ध्वज आरोहण जैसे तीनों ऐतिहासिक काम किए। अयोध्या में रामलला की प्रतिष्ठा, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक और केदारपुरी के पुनरुद्धार जैसे काम भारत की सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण के प्रतीक हैं। स्वतंत्रता के बाद भी कई अवसरों पर देश की आस्था एवं सांस्कृतिक विरासत को अपेक्षित सम्मान नहीं मिला। सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार के समय तत्कालीन प्रधानमंत्री ने वहां जाने से इनकार कर दिया था और राष्ट्रपति को भी कार्यक्रम में शामिल होने से रोका गया था। इसके विपरीत आज नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर को सम्मानपूर्वक पुनर्स्थापित किया जा रहा है।

आयुष और सहकारिता में सुधार

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय ज्ञान परंपरा और स्वदेशी व्यवस्थाओं को सशक्त बनाने के लिए आयुष मंत्रालय का गठन किया तथा सहकारिता आंदोलन को नई ऊर्जा प्रदान की। यूपीए सरकार में देश के 120 जिले नक्सलवाद प्रभावित थे। सपा भी उस गठबंधन में थी। आज बस्तर में नक्सलवाद की जगह विकास ने ले ली है।

सुरक्षा पर जोर

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने आतंकवाद और सीमा पार से मिलने वाली चुनौतियों का निर्णायक जवाब दिया है। ऑपरेशन सिंदूर, सर्जिकल और एयर स्ट्राइक जैसी कार्रवाइयों ने स्पष्ट कर दिया कि यदि कोई भारत की सुरक्षा व संप्रभुता को चुनौती देगा तो उसे उसके घर में घुसकर जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में उत्पन्न संकट के बावजूद भारत ने अपने नागरिकों को ऊर्जा संकट से बचाए रखा।

उपस्थित लोग

मुख्यमंत्री ने लोकभवन में आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री द्वय केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक के साथ ही सहयोगी दल अपना दल (एस) के उपाध्यक्ष आशीष पटेल, सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर, निषाद पार्टी के अध्यक्ष डा. संजय निषाद व रालोद के अनिल कुमार मौजूद रहे।

विपक्ष पर प्रहार

मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों की राजनीति वर्षों तक भ्रष्टाचार, कुशासन, परिवारवाद, तुष्टिकरण, अव्यवस्था और असुरक्षा पर आधारित रही, उन्हें आज देश में हो रहा विकास और परिवर्तन स्वीकार नहीं हो रहा है। पहले देश की आस्था, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय गौरव के प्रतीकों से दूरी बनाई जाती थी तथा समाज को जाति, क्षेत्र, भाषा और मत-मजहब के आधार पर बांटने का प्रयास किया जाता था। उन्होंने कहा कि वो कौन लोग थे, जो राम, कृष्ण और महादेव का नाम लेने से परहेज करते थे।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।