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यूपी में नए स्टार्टअप को योगी सरकार ने दी एक और बड़ी छूट, इस काम से दस साल तक के लिए राहत

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य में स्टार्टअप्स को बड़ी राहत दी है। नई स्टार्टअप नीति के तहत, पंजीकृत स्टार्टअप्स अब 'स्व-प्रमाणन' (Self-Certification) व्यवस्था के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे।

Fri, 17 April 2026 06:20 AMYogesh Yadav राजकुमार शर्मा, लखनऊ
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यूपी में नए स्टार्टअप को योगी सरकार ने दी एक और बड़ी छूट, इस काम से दस साल तक के लिए राहत

UP News: यूपी में नए स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार ने नई पहल की है। स्टार्टअप नीति के तहत प्रदेश में पंजीकृत स्टार्टअप को सरकार 10 साल से निरीक्षण में छूट देगी ताकि सूबे में उन्हें अपनी व्यवसायिक जड़ें जमाने में आसानी हो और इसमें लालफीताशाही का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। इसके लिए उन्हें श्रम विभाग में स्वप्रमाणन व्यवस्था के तहत आवेदन करना होगा। यह लाभ गैर खतरनाक श्रेणी के कारखानों, प्रतिष्ठानों और उत्कृष्टता केंद्रों को मिलेगा।

एक ओर मध्य-पूर्व में हालिया युद्ध के कारण दुनियाभर के देशों के सामने अलग-अलग तरह की चुनौतियां हैं। श्रम कानूनों में व्यापक बदलाव के चलते सभी श्रेणियों के उद्योगों को विभिन्न प्रकार की राहत दी जा रही हैं। इसी क्रम में स्टार्टअप पर सरकार का खास फोकस है। प्रदेश में बेहतर औद्योगिक माहौल बनाने के लिए सरकारी दखल को नियंत्रित किया जा रहा है। वहीं औद्योगिक प्रतिष्ठानों की निरीक्षण प्रक्रिया का भी सरलीकरण किया गया है।

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कम जोखिम और मध्यम जोखिम वाली इकाइयों को भी राहत

एक ओर कम जोखिम वाले उद्योगों को निरीक्षण से मुक्ति देकर स्वप्रमाणन की व्यवस्था लागू की गई है, वहीं मध्यम जोखिम वाली इकाइयों के लिए निजी एजेंसियों से थर्ड पार्टी ऑडिट कराने की छूट दी गई है। वहीं स्टार्टअप नीति के तहत स्थापित इकाइयों को 10 साल तक निरीक्षण से छूट की व्यवस्था की गई है। इन सबका लाभ प्रदेश की हजारों नई और पुरानी औद्योगिक इकाइयों को मिलेगा।

निवेश मित्र पोर्टल पर प्रदर्शित होते ही मिलेगी छूट

श्रम विभाग के प्रमुख सचिव डा. एमके शन्मुगा सुंदरम द्वारा इस संबंध में जारी आदेश में कहा गया है कि ऐसे कारखानों या प्रतिष्ठानों की इकाई स्थापित होने एवं निवेश मित्र पोर्टल पर प्रदर्शित होने के दिन से 10 वर्ष तक अथवा जब तक उनका दर्जा स्टार्टअप के रूप में नहीं हो जाता, दोनों में से जो भी पहले हो। बस इसके लिए उन्हें विभाग में स्वप्रमाणन व्यवस्था के तहत आवेदन देना होगा। श्रम कानूनों के उल्लंघन और शिकायतों पर भी तब तक निरीक्षण नहीं होगा, जब तक उल्लंघन की विश्वसनीय और सत्यापन योग्य लिखित शिकायत न मिले। ऐसा होने पर श्रमायुक्त की अनुमति से निरीक्षण किया जा सकता है। इसके अलावा दुर्घटना होने की स्थिति निरीक्षण किया जाएगा।

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यूपी में स्टार्टअप की मौजूदा स्थिति

कुल स्टार्टअप संख्या- 18668 से अधिक

16000 से अधिक स्टार्टअप को उद्योग प्रोत्साहन

7236 स्टार्टअप में कम से कम एक महिला निदेशक

08 यूनिकार्न स्टार्टअप

01 लाख से अधिक रोजगार सृजन

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