इस जिले में बड़े बुलडोजर ऐक्शन की तैयारी, इस बार निशाने पर वकीलों के 200 से ज्यादा चैंबर
सिविल कोर्ट और निबंधन कार्यालय क्षेत्र में सड़क और नालों पर कब्जा कर बनाए गए वकीलों के 200 से अधिक अवैध चैंबरों पर अब बुलडोजर चलने जा रहा है। नगर निगम ने सर्वे पूरा कर इन अवैध निर्माणों पर लाल क्रॉस का निशान लगा दिया है।

वाराणसी, चंदौली, मेरठ, बरेली में ताबड़तोड़ बुलडोजर ऐक्शन के बाद अब राजधानी लखनऊ में इसकी धमक सुनाई देने वाली है। लखनऊ के सबसे व्यस्त न्यायिक क्षेत्र में वर्षों से सड़क और नालों पर कब्जा कर बनाए गए वकीलों के चैंबर अब नगर निगम के निशाने पर आ गए हैं। नगर निगम ने सिविल कोर्ट से लेकर निबंधन कार्यालय तक फैले 200 से अधिक अवैध चैंबरों को चिन्हित कर उन पर लाल क्रॉस का निशान लगा दिया है। अदालत के आदेश के बाद निगम प्रशासन ने इन्हें ध्वस्त करने की पूरी तैयारी कर ली है। इन्हें ध्वस्त करने की कार्रवाई 17 मई रविवार को होगी।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार कई वर्षों से सड़क और नाले की जमीन पर कब्जा कर अस्थायी और स्थायी चैंबर बना लिए गए थे। इससे क्षेत्र की सड़कें संकरी हो गई थीं और नालों की सफाई तक प्रभावित हो रही थी। आम लोगों को रोजाना जाम और गंदगी की समस्या का सामना करना पड़ रहा था। कोर्ट परिसर के आसपास हर तरफ केवल चैंबरों का कब्जा दिखाई देता है।
तीन तरफ से चलेगा अभियान: नगर निगम के जोन-1 के जोनल अधिकारी ओपी सिंह ने बताया कि सभी अवैध और अनधिकृत निर्माणों का सर्वे पूरा कर लिया गया है। दो दिनों के भीतर सभी चैंबरों पर लाल निशान लगाए गए हैं ताकि कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार का विवाद न हो।
उन्होंने बताया कि रविवार को अदालत और कार्यालय बंद रहते हैं तथा भीड़ कम रहती है, इसलिए उसी दिन ध्वस्तीकरण का निर्णय लिया गया है। नगर निगम ने कार्रवाई के लिए कई जेसीबी मशीनों और भारी पुलिस बल की व्यवस्था की है। तीन दिशाओं से एक साथ अभियान चलाया जाएगा।
अलग-अलग सड़कों पर मिले भारी कब्जे
नगर निगम की जांच में अलग-अलग मार्गों पर बड़ी संख्या में अवैध कब्जे पाए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक एक सड़क पर 72, दूसरी सड़क पर 47 और एक अन्य मार्ग पर 25 अवैध चैंबर मिले हैं। इसके अलावा नाले के ऊपर 50 से ज्यादा कब्जे चिन्हित किए गए हैं। निगम का कहना है कि किसी भी अवैध निर्माण को छोड़ा नहीं जाएगा।




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