ग्लोबल फार्मा हब बनेंगे यूपी के ये दो जिले, योगी आदित्यनाथ सरकार की हरी झंडी
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, यूपी सरकार यूपीसीडा के माध्यम से ललितपुर में एक ‘फ्यूचर-रेडी’ फार्मा इकोसिस्टम विकसित कर रही है। पहले चरण में 352.91 एकड़ क्षेत्र में फॉर्मुलेशन इकाइयों, बल्क ड्रग्स और कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर का काम युद्धस्तर पर जारी है

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फार्मा कॉन्क्लेव के सुझावों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए स्पष्ट किया कि रेड और ऑरेंज श्रेणी की बल्क ड्रग मैन्युफैक्चरिंग इकाइयां अब नोएडा के साथ ललितपुर में उपलब्ध भूमि का लाभ उठा सकेंगी। मुख्यमंत्री योगी आदत्यिनाथ ने ललितपुर और नोएडा में फार्मा पार्क के विस्तार को हरी झंडी देते हुए बल्क ड्रग इकाइयों को स्थापित करने की अनुमति दी।
उन्होंने बताया, यूपी सरकार यूपीसीडा के माध्यम से ललितपुर में एक ‘फ्यूचर-रेडी’ फार्मा इकोसिस्टम विकसित कर रही है। पहले चरण में 352.91 एकड़ क्षेत्र में फॉर्मुलेशन इकाइयों, बल्क ड्रग्स और कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर का काम युद्धस्तर पर जारी है। दूसरे चरण में 1,465 एकड़ के विकास के लिए ‘एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट’ पहले ही जारी किया जा चूका है। लगभग 8,000 एकड़ के विशाल भूमि बैंक के साथ उत्तर प्रदेश अब फार्मा निवेश के लिए दुनिया के सामने एक प्रमुख रूप में उभर रहा है।
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) सेक्टर-28 में 350 एकड़ में मौजूदा मेडिकल डिवाइस पार्क के साथ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निकट सेक्टर-7 में 250 एकड़ में एक और फार्मा फॉर्मुलेशन पार्क प्रस्तावित है, जो बेहतर निर्यात कनेक्टिविटी के साथ उत्तर प्रदेश को उत्तर भारत के प्रमुख हेल्थकेयर मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करेगा। डा. राधा रंगराजन (सीडीआरआई), प्रो. शुभिनी ए सराफ (नाइपर रायबरेली), डा. नीमा मिश्रा (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजिकल्स) और डा. सीमा पाई (आईएससीआर) फार्मा कॉन्क्लेव 1.0 ने मजबूत रिसर्च व इनोवेशन बैकबोन के निर्माण के महत्व पर चर्चा कर चुकी हैं। उद्योग प्रमुखों में एमएसएन रेड्डी (एमएसएन लेबोरेट्रीज़), आदित्य बर्मन (डाबर इंडिया लिमिटेड) और एवीपी एस चक्रवर्ती (एफओपीई टी एंड ए) द्वारा निवेश विस्तार, कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग के अवसरों और बॉटनिकल तथा पारंपरिक औषधि उत्पादों की बढ़ती वैश्विक मांग पर अपने विचार साझा किए।
यीडा में 'एएससीए' लैब से विदेशों पर निर्भरता होगी खत्म
इसी इकोसिस्टम को मजबूती देते हुए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) सेक्टर-28 में 350 एकड़ में मौजूदा मेडिकल डिवाइस पार्क के साथ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निकट सेक्टर-7 में 250 एकड़ में एक और फार्मा फॉर्मुलेशन पार्क प्रस्तावित है, जो बेहतर निर्यात कनेक्टिविटी के साथ उत्तर प्रदेश को उत्तर भारत के प्रमुख हेल्थकेयर मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करेगा। यहाँ की सबसे बड़ी विशेषता उन्नत परीक्षण प्रयोगशालाएं और 'अनुरूपता मूल्यांकन' के लिए (Accreditation scheme for conformity assessment) ASCA, एएससीए प्रमाणन सुविधा होगी। इससे भारतीय फार्मा उद्यमियों को अब गुणवत्ता परीक्षण के लिए विदेशों का रुख नहीं करना पड़ेगा, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी।
फार्मा कॉन्क्लेव 1.0 की एक प्रमुख उपलब्धि के रूप में लगभग ₹10,000 करोड़ के निवेश आशयों की घोषणा की गई, साथ ही फार्मास्यूटिकल एवं मेडिकल डिवाइस क्षेत्र में 11 समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान हुआ। इन प्रस्तावों से मैन्युफैक्चरिंग क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि, रोजगार सृजन तथा स्वास्थ्य आपूर्ति श्रृंखलाओं के मजबूत होने की उम्मीद है, जिससे राज्य के फार्मा क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलेगी।




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