अखिलेश दुबे को बड़ी राहत, दो और मामलों में बरी, 39 शिकायतों के नहीं मिले पुख्ता सबूत
भाजपा नेता रवि सतीजा को फर्जी रेप केस में फंसाने के आरोपी वकील अखिलेश दुबे को दो और मामलों में क्लीनचिट मिली है। अखिलेश दुबे को बीते वर्ष नवंबर में 37 शिकायतों में क्लीनचिट दी गई थी। दरअसल रवि सतीजा ने छह अगस्त 2025 को बर्रा थाने में सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया था।

यूपी के कानपुर में भाजपा नेता रवि सतीजा को फर्जी रेप केस में फंसाने के आरोपी वकील अखिलेश दुबे को दो और मामलों में क्लीनचिट मिली है। अखिलेश दुबे को बीते वर्ष नवंबर में 37 शिकायतों में क्लीनचिट दी गई थी। भाजपा नेता रवि सतीजा ने छह अगस्त 2025 को बर्रा थाने में अखिलेश दुबे, शैलेंद्र यादव, विमल यादव, लवी मिश्रा, अभिषेक बाजपेई समेत दो युवतियों पर मुकदमा कराया था।
इस मामले में अखिलेश दुबे, लवी मिश्रा, शैलेंद्र यादव को जेल भेजा गया था। ऑपरेशन महाकाल के दौरान जांच कर रही एसआईटी को जमीनों पर कब्जे से जुड़ी 61 शिकायतें मिली थीं। 46 शिकायतें अखिलेश और उसके साथियों से जुड़ी थीं। नवंबर 2025 तक हुई जांच में 37 शिकायतें आधारहीन मिली थीं। अब दो और मामलों में साक्ष्य न होने के चलते क्लीनचिट दी गई है। जबकि अन्य शिकायतों पर कार्रवाई हो चुकी है। वहीं जमीन के अन्य मामलों से जुड़ी शिकायतों का भी एसआईटी ने साक्ष्य न होने के चलते निस्तारण कर दिया है।
30 मामलों में नहीं मिले साक्ष्य
इस मामले में पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि एसआईटी को अखिलेश के खिलाफ 46 शिकायतें मिली थीं। जांच में 39 मामलों में लगे आरोपों में कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। अन्य शिकायतों पर कार्रवाई हो चुकी है।
अखिलेश दुबे के फरार साथी के घर कुर्की
इससे पहले अखिलेश दुबे के फरार साथी अभिषेक बाजपेयी के घर पर नौबस्ता पुलिस ने 10 जनवरी को कुर्की की। भाजपा नेता रवि सतीजा की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट के बाद से आरोपित अभिषेक फरार चल रहा है।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सूरज मिश्रा की कोर्ट ने संपत्ति कुर्क के आदेश दिए थे जबकि एक महीने पूर्व आरोपित के घर नोटिस चस्पा करने की कार्रवाई की गई थी। हालांकि वह हाजिर नहीं हुआ था। असके बाद करीब ढाई घंटे की कुर्की कार्रवाई में पुलिस घर के खिड़की-दरवाजे तक ले गई। वहीं, पुलिस मामले के एक अन्य आरोपित विमल यादव के घर रविवार को नोटिस चस्पा करेगी।




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