कड़ी धूप और झुलसा देने वाली गर्म हवाओं के बीच दोपहर में सन्नाटे में डूब रहा शहर
Kannauj News - जिले में भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है, जहां तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। लोग लू और उमस के कारण घरों में कैद हैं, और गर्मी से स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं। बिजली संकट ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है, जिससे किसानों और व्यापारियों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
जिला इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। अप्रैल के महीने के अंतिम पड़ाव में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पास पहुंच चुका है और हालात ऐसे हैं कि दिन हो या रात, लोगों को कहीं भी राहत नहीं मिल रही। तेज धूप, लू और उमस ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। दोपहर के समय हालात सबसे ज्यादा खराब हो जाते हैं। करीब 15 से 18 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चलने वाली गर्म हवाओं और कड़क धूप के बीच सड़कों पर ऐसा सन्नाटा पसरा रहता है मानो कर्फ्यू लगा हो। कड़ी धूप और झुलसा देने वाली गर्म हवाओं के चलते लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं।
जरूरी काम होने पर ही लोग बाहर निकल रहे हैं, वो भी सिर और चेहरा ढककर।गर्मी का असर अब लोगों की सेहत पर भी साफ नजर आने लगा है। चक्कर आना, डिहाइड्रेशन, सिर दर्द और थकान जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। जिला अस्पताल और निजी क्लीनिकों में भी गर्मी से संबंधित मरीजों की संख्या में इजाफा देखा जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ, बिजली संकट ने लोगों की परेशानी को कई गुना बढ़ा दिया है। लगातार हो रही कटौती के चलते पंखे और कूलर भी जवाब दे रहे हैं। रात के समय भी बिजली न मिलने से लोग जागकर रात काटने को मजबूर हैं। ग्रामीण इलाकों में हालात और भी बदतर हैं, जहां कई-कई घंटे तक बिजली गायब रहती है। गर्मी का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ रहा है। खेतों में खड़ी फसलें तेज धूप और पानी की कमी के कारण सूखने लगी हैं। बिजली न होने से सिंचाई बाधित हो रही है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। जिन फसलों को इस समय पानी की जरूरत है, वे समय पर सिंचाई न मिलने से बर्बादी की कगार पर हैं। पशु-पक्षी भी इस भीषण गर्मी से बेहाल हैं। तालाब और जल स्रोत सूखने लगे हैं, जिससे जानवरों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में मवेशियों की हालत खराब होती जा रही है। बाजारों पर भी गर्मी का सीधा असर देखने को मिल रहा है। दिन के समय दुकानें खाली पड़ी रहती हैं, व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। ठंडे पेय पदार्थों, लस्सी, शर्बत और आइसक्रीम की मांग जरूर बढ़ी है, लेकिन इसके अलावा बाकी व्यापार ठप सा हो गया है।
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