क्या वाजपेयी भी तुष्टिकरण कर रहे थे? इकरा हसन ने पूछा सवाल, वंदे मातरम के इन शब्दों का मतलब भी बताया
लोकसभा में वंदे मातरम पर हुई चर्चा में सपा सांसद इकरा हसन ने तीखे तेवर दिखाए। कैराना सांसद इकरा ने सुजलाम, सुफलाम का अर्थ समझाते हुए 1998 की एक घटना का जिक्र किया। उन्होंने सवाल पूछा कि क्या उस समय अटल बिहारी वाजपेयी भी तुष्टिकरण कर रहे थे।

लोकसभा में वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने पर सोमवार को चर्चा हुई। इस चर्चा में यूपी की कैराना सीट से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन भी शामिल हुईं। चर्चा के दौरान उन्होंने ‘सुजलाम, सुफलाम’ का अर्थ समझाया और भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। इकरा हसन ने 1998 की एक घटना का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि क्या उस समय अटल बिहारी वाजपेयी भी तुष्टिकरण कर रहे थे?
इकरा हसन ने कहा, "वंदे मातरम के किन छंदों को अपनाया जाए ये फैसला सुभाष चंद्र बोस और रविंद्रनाथ टैगोर के परामर्श के बाद हुआ तो क्या हम अब महानायकों के समझ पर प्रश्न चिह्न उठाएंगे या उन्हें देश को बांटने वाला या तुष्टिकरण करने वाला कहने का पाप करेंगे। उन महान हस्तियों ने वंदे मातरम के उस छंद को अपनाया जिन्होंने देश के हर वर्ग हर धर्म को एक सूत्र में पिरोने का काम किया।"
1998 की घटना का किया जिक्र
इकरा हरस ने आगे कहा कि 1998 में यूपी सरकार के तत्कालीन मंत्री रविंद्र शुक्ला ने स्कूलों में राष्ट्रीय गीत को गाना अनिवार्य कर दिया था। लेकिन तब के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी लखनऊ दौरे पर थे और उन्होंने इस फैसले पर नाराजगी जताई थी। इस पर यूपी सरकार ने राष्ट्रीय गीत अनिवार्य करने वाले मंत्री को बर्खास्त कर दिया था। अब सवाल ये है कि जो विजन आजादी के समय लोगों के स्वेच्छा पर छोड़ने का था। उसी का पालन अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था तो क्या वह भी मुस्लिम तुष्टिकरण कर रहे थे? नहीं वह राजधर्म निभा रहे थे।
सुजलमा, सुफलाम का समझाया मतलब
वंदे मातरम के असली भाव को समझना जरूरी है। ये गीत तो देश के जल, जंगल और हरियाली और निर्मल हवा को समर्पित है। सुजलाम सुफलाम का अर्थ है, ऐसा देश जहां स्वस्थ्य और पर्याप्त जल हो, जहां नदियां जिंदा हो। यमुना का हाल देखिए, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति की 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक यमुना के कई हिस्सों में बीओडी स्तर 127 एमजी पर लीटर तक पहुंच गया। जबकि किसी भी जीवित नदी के लिए 3 एमजी पर लीटर से कम होना चाहिए। जब पानी जहर हो जाएगा तो सुजलाम कैसे होगा? जब किसान बर्बाद हो जाएगा तो सुफलाम कैसे होगा?




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