In 2017 bankers would not answer my phone the treasury was empty now UP has changed says CM Yogi 2017 में बैंक वाले मेरा फोन नहीं उठाते, खजाना खाली था; अब यूपी बदल गया, बोले सीएम योगी, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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2017 में बैंक वाले मेरा फोन नहीं उठाते, खजाना खाली था; अब यूपी बदल गया, बोले सीएम योगी

एक वाकया का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा कि 2017 में जब हमने सरकार बनाई तब खजाना खाली था। हमें अपने चुनावी वादे निभाने थे, लेकिन किसी भी बैंक का चेयरमैन या सीएमडी मेरा फोन उठाने को तैयार नहीं था। यानी यूपी को कर्जा नहीं देना है। लेकिन हमने संसाधन बढ़ाए आज बिना कर्ज के गंगा एक्सप्रेस वे बना है। 

Mon, 4 May 2026 04:58 PMsandeep लाइव हिन्दुस्तान, लखनऊ
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2017 में बैंक वाले मेरा फोन नहीं उठाते, खजाना खाली था; अब यूपी बदल गया, बोले सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लोक भवन सभागार में यूपी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से चयनित 500 लेखा परीक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इनमें पंचायत लेखा परीक्षा विभाग के 371 और स्थानीय निधि लेखा परीक्षा के 129 अभ्यर्थी शामिल हैं। सीएम ने कार्यक्रम में वित्तीय प्रबंधन का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे जैसे प्रोजेक्ट पर 42 हजार करोड़ रुपए से अधिक खर्च हुए, फिर भी सरकार को बैंकों से कर्ज नहीं लेना पड़ा।आज यूपी रेवेन्यू सरप्लस स्टेट बन चुका है।

2017 में बैंक अधिकारी मेरा फोन तक नहीं उठाते थे- सीएम योगी

एक वाकया का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा कि 2017 में जब हमने सरकार बनाई, खजाना खाली था। हमें अपने चुनावी वादों को निभाना था, लेकिन किसी भी बैंक का चेयरमैन या सीएमडी मेरा फोन उठाने को तैयार नहीं था। यानी, यूपी को कर्जा नहीं देना है। ऐसी छवि बना दी गई थी हमारे प्रदेश की। तब उस कठिन दौर में हमने तय किया कि बैंकों या वित्तीय संस्थानों पर निर्भर रहने के बजाय हम संसाधन बढ़ाएंगे, वित्तीय अनुशासन मजबूत करेंगे और बेहतर वित्तीय प्रबंधन का उदाहरण पेश करेंगे। जिसे हमने साबित भी किया।

वित्तीय प्रबंधन में लेखा परीक्षकों की बड़ी भूमिका

अगर हमने भी वित्तीय प्रबंधन नहीं किया होता, बिना बजट पैसा रेवड़ियों की तरह बांटा जाता और बिना वित्तीय अनुशासन अनावश्यक कर्ज लिया जाता, तो आज यूपी के लोगों पर कर्ज का भारी बोझ होता। वित्त विभाग की टीम, स्थानीय लेखा और पंचायत लेखा से जुड़े परीक्षकों ने एक आंतरिक इकाई के रूप में मिलकर काम किया और मजबूत वित्तीय ढांचा तैयार करने में अहम भूमिका निभाई।

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यूपी आज रेवेन्यू सरप्लस स्टेट है- योगी

जिसका परिणाम यह रहा कि यूपी न सिर्फ रेवेन्यू सरप्लस राज्य बना, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था, प्रति व्यक्ति आय और प्रदेश के बजट को तीन गुना करने में सफलता मिली। इसीलिए गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए तमाम बैंकों व वित्तीय संस्थानों ने लाइन लगाकर कहा कि हम पैसा देना चाहते हैं। लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया कि अब उत्तर प्रदेश बदल चुका है, वह अपने दम पर बड़ी परियोजनाएं पूरी करने में सक्षम है। हमें पिछली सरकारों द्वारा लिए गए कर्ज को कम करने में भी सफलता मिली है।

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JPNIC वित्तीय कुप्रबंधन का बड़ा उदाहरण- योगी

सीएम योगी ने जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) का जिक्र करते हुए कहा कि यह वित्तीय कुप्रबंधन का बड़ा उदाहरण है। 220 करोड़ रुपए की लागत से शुरू हुआ प्रोजेक्ट 860 करोड़ रुपए खर्च होने के बाद भी अधूरा है। यह पैसा किसी व्यक्ति या सरकार का नहीं, जनता का है। प्रदेश में ऐसे एक दर्जन मामले हैं, जहां हजारों करोड़ रुपए का दुरुपयोग हुआ।

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