अवैध धर्मांतरण देश के खिलाफ साजिश, दोषियों पर होगी कार्रवाई, छांगुर बाबा को लेकर ऐक्शन में दिखे योगी
बलरामपुर में अवैध धर्मांतरण के नेटवर्क का पर्दाफाश होने के बाद सीएम योगी सख्त नजर आए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कुछ ताकतें योजनाबद्ध तरीके से देश के स्वरूप को बदलने की कोशिश कर रही हैं।

बलरामपुर में अवैध धर्मांतरण के नेटवर्क का पर्दाफाश होने के बाद सीएम योगी सख्त नजर आए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कुछ ताकतें योजनाबद्ध तरीके से देश के स्वरूप को बदलने की कोशिश कर रही हैं। यह समाज को तोड़ने और धार्मिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने की साजिश है। ऐसी गतिविधियों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। अवैध धर्मांतरण को देश व समाज के खिलाफ गहरी साजिश बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इसके खिलाफ सख्ती से कार्रवाई कर रही है। अनुसूचित जाति के लोगों को लालच और भय के जरिए धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया जा रहा है। यह संविधान और सामाजिक समरसता के खिलाफ है। मुख्यमंत्री ने यह बातें शनिवार को अपने सरकारी आवास पर श्री गुरु तेग बहादुर जी महाराज के 350 वें शहीदी वर्ष को समर्पित श्री तेग बहादुर संदेश यात्रा का स्वागत करते हुए कहीं।
सीएम योगी ने फूल बरसाकर संदेश यात्रा का किया स्वागत और सम्मान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्री तेग बहादुर संदेश यात्रा का फूल बरसाकर स्वागत किया। संदेश यात्रा लखनऊ से चलकर कानपुर, इटावा, आगरा होकर दिल्ली के चांदनी चौक और शीशगंज गुरुद्वारा तक जाएगी। मुख्यमंत्री कहा कि प्रदेश सरकार अवैध धर्मांतरण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने हाल ही में बलरामपुर में एक बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें अवैध धर्मांतरण को बढ़ावा देने के लिए विदेशों से धन राशि प्राप्त करने वाले एक नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया। इस कार्रवाई में अवैध धर्मांतरण के लिए रेट तय करने के मामले को उजागर किया गया और अब तक 40 खातों में 100 करोड़ से अधिक का लेन-देन पाया गया है। यह आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा दोनों के लिए गंभीर खतरा है। सीएम योगी ने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य गुरु तेग बहादुर जी महाराज की शहादत को याद करना था, जिन्होंने सनातन धर्म की रक्षा के लिए अपनी जान दी थी।
गुरु तेग बहादुर जी की शहादत और बलिदान की याद दिलाती है संदेश यात्रा
सीएम योगी ने कहा कि यात्रा के माध्यम से 350 वर्षों के शहीदी इतिहास को जीवंत किया जा रहा है, जिसमें उस समय के कठिन कालखंड की याद दिलाई जा रही है जब औरंगजेब जैसे अत्याचारी शासक का शासन था। शासक का उद्देश्य था सनातन धर्म को समाप्त करना और इस्लामिक धर्म को बढ़ावा देना। गुरु तेग बहादुर जी ने इस चुनौती का सामना करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी, लेकिन अपने पथ से कभी विचलित नहीं हुए। उन्होंने अपने बलिदान से आने वाली पीढ़ियों को एक प्रेरणा दी। यह पूरी यात्रा शहादत और बलिदान की परंपरा की नींव पर खड़ी है।
कोई भी जाति और धर्म दबाव में आकर अपनी संस्कृति और धर्म न छोड़ें
सीएम योगी ने कहा कि सिख गुरुओं ने जिस बलिदान और त्याग की परंपरा की नींव रखी थी, उसे हमें आज भी जीवंत बनाए रखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हिंदू और सिखों के बीच फूट डालने के प्रयास कभी भी होते रहेंगे, लेकिन हमें सतर्क रहना होगा और इन साजिशों को नाकाम करना होगा। उन्होंने कहा कि शहीदी दिवस कार्यक्रम हमें यह प्रेरणा देता है कि हम सिख गुरुओं के बलिदान और शहादत की परंपरा को बनाए रखें और इसे वर्तमान समय के अनुसार अपनी रणनीतियों में ढालें। इससे यह सुनिश्चित होगा कि समाज में कोई भी जाति, धर्म, वर्ग अपनी संस्कृति और धर्म को छोड़ने के लिए दबाव में न आएं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देने के निर्णय का स्वागत किया। इस अवसर पर राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख, विधान परिषद सदस्य सरदार हरि सिंह ढिल्लो, अल्पसंख्यक आयोग सदस्य सरदार परविंदर सिंह, महासचिव दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी सरदार जगदीप सिंह कहलो, प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद आदि उपस्थित थे।




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