मंदिर पर लिखा आई लव मोहम्मद, गलत स्पेलिंग देखकर पुलिस का ठनका माथा, फिर हो गई कार्रवाई
दिर पर नारा लिखने वाले ने स्पेलिंग मिस्टेक कर दी। यहीं से पुलिस का माथा ठनक गया। सभी स्थानों पर लिखे गए मोहम्मद की स्पेलिंग गलत थी। कहीं मुहाद तो कहीं मुमाद लिखा हुआ था।

कहते हैं कि अपराधी कितना भी बड़ा क्यों न हो। जुर्म करते समय वह कोई न कोई सुराग छोड़ ही देता है। यूपी के अलीगढ़ में मंदिर पर आई लव यू मोहम्मद के नारे लिखने वाले चार आरोपियों के साथ भी कुछ ऐसा हुआ। उनकी एक गलती ने पुलिस को उन लोगों तक पहुंचा दिया। पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर लिया। दरअसल गिरफ्तार लोगों ने मंदिर पर आई लव मोहम्मद का नारा लिखा। मंदिर पर नारा लिखने वाले ने स्पेलिंग मिस्टेक कर दी। यहीं से पुलिस का माथा ठनक गया। सभी स्थानों पर लिखे गए मोहम्मद की स्पेलिंग गलत थी। कहीं मुहाद तो कहीं मुमाद लिखा हुआ था। पुलिस का शक गहरा गया कि यह नारे किसी को फंसाने के लिए साजिश हो सकती है। इसके अलावा गांव के बीचों-बीच ऐसी हरकत करना भी पुलिस के गले नहीं उतर रहा था। आरोपी जब पकड़े गए तो उन्होंने स्वीकारा कि घटना से पहले शराब पी थी। फिर नशे में उन्होंने नारे लिखे थे।
मुकदमे में नामजद किए गए मुस्तकीम गांव भगवानपुर की मस्जिद में मौलवी हैं और अपने परिवार के साथ वहीं रहते हैं। वह अपने समुदाय के बच्चों को धार्मिक शिक्षा देने के साथ पास के गांव जिरौली डोर में भी कई परिवारों के बच्चों को पढ़ाते थे। 20 सितंबर की शाम को मुस्तकीम जिरौली डोर में बच्चों को पढ़ाने जा रहे थे। रास्ते में गांव बुलाकगढ़ी के कुछ बच्चों ने उनसे राम-राम कहा। आरोप था कि मौलवी ने बच्चों को गाली दी। उसके परिवार के जीशांत ने विरोध किया तो दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद विवाद बढ़ गया था। जीशांत ने मौलवी के सिर पर ईंट से प्रहार किया। वहीं मौलवी ने भी ईंट उठाकर पलटवार किया था। इस घटना में दोनों ओर से मुकदमे दर्ज हुए थे। दोनों में चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है।
शराब पीने के बाद मंगाई थी स्प्रे की बोतल
इसकी पटकथा 15 दिन पहले लिख ली गई थी। वहीं, घटना वाले दिन भगवानपुर निवासी एक युवक की बर्थडे पार्टी में आरोपियों ने शराब पी, जहां इस पर फिर से चर्चा हुई। शराब कम पड़ गई तो दिलीप सूतमिल से शराब खरीदने गया था। इसी दौरान उससे जीशांत ने सूतमिल से स्प्रे पेंट की बोतल खरीदकर लाने को कहा। देररात 11 बजे तक शराब पीने के बाद सभी आरोपी निकल गए। रात में गभाना की तरफ से दो बाइकों पर आए और पहले भगवानपुर, फिर बुलाकगढ़ी के मंदिरों पर नारे लिखे। इसके बाद अगले दिन जब हंगामा हुआ तो आरोपी गांव से फरार हो गए। जीशांत हरियाणा में फरार हो गया। आकाश हाथरस में जलेसर रोड स्थित एक गांव में जाकर छिप गया। दिलीप गाजियाबाद में एक परिचित की मदद से होटल में रुका। फिर मानेसर चला गया। वहां से पुलिस ने उसे पकड़ा, जिसके बाद अन्य आरोपी पकड़े गए।
फरार आरोपी का भी चल रहा था विवाद
इसके अलावा जनवरी 2024 का भी एक विवाद सामने आया है। इसके अनुसार गांव भगवानपुर निवासी राहुल के चाचा ने एक मकान गांव के गुल मोहम्मद को बेचा था। इसके बाद वे बाहर चले गए। लेकिन, राहुल मकान में अपना हिस्सा बताकर गुल मोहम्मद से विवाद करते थे। इसे लेकर दोनों पक्षों में जनवरी 2024 में पथराव व मारपीट हुई थी। इसमें पुलिस की ओर से दोनों मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें दिलीप, आकाश व अभिषेक को शामिल कर लिया। राहुल फरार है।
लग रहा था कि पुलिस तत्काल करेगी गिरफ्तारी
आरोपियों को पता था कि पिछले माह प्रदेश के कई जिलों में आई लव मोहम्मद लिखे गए। इस पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। उनको लगा था कि यह नारे लिखने से पुलिस तत्काल आरोपियों को गिरफ्तार कर लेगी। चूंकि नारे अपने ही घरों के बाहर मंदिरों की दीवारों पर लिखे थे, जिससे कि किसी को उन पर शक न हो। जब हंगामा हुआ तो आरोपियों ने दूसरे पक्ष का नाम लेकर उकसाया। इसके बाद उन्हीं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
नामजदों की भूमिका नहीं
एसएसपी ने बताया कि अभी तक की जांच में नामजदों की कोई भूमिका सामने नहीं आई है। वे पूरी तरह निर्दोष हैं। उनके नाम मुकदमे से निकाल दिए जाएंगे। वहीं, इस घटना के बाद गांव में सीसीटीवी भी लगवाए जा रहे हैं। वहीं उन्होंने लोगों से अपील की है कि कोई भी घटना हो तो पुलिस पर भरोसा बनाएं रखें।




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