सीएम योगी के काफिले के सामने अचानक कैसे आ गई बस? 7 पुलिसवालों पर लटकी कार्रवाई की तलवार
सीएम योगी की सुरक्षा में चूक सामने आने के बाद थानेदार समेत आठ पुलिसवालों को उसी समय ड्यूटी से हटा दिया गया था। मामले की जांच एसपी सिटी को सौंपी गई थी। एसएसपी के आदेश पर हुई जांच में जहां पुलिसवालों से पूछताछ की गई वहीं सीसीटीवी फुटेज, ड्यूटी चार्ट आदि को भी खंगाला गया।

सीएम योगी आदित्यनाथ की सुरक्षा में चूक के मामले में सात पुलिसवालों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। जांच में इन पुलिसवालों को सुरक्षा चूक के लिए जिम्मेदार माना गया है। गोरखपुर के शाहपुर इलाके में पिछले साल चार दिसंबर को सीएम योगी के काफिले के सामने अचानक एक स्कूल बस आ गई थी। इस मामले में गोरखपुर के तत्कालीन एसएसपी ने जांच के आदेश दिए थे। मामले की जांच अब पूरी हो गई है। सुरक्षा चूक के लिए जिम्मेदार पुलिसवालों पर जल्द ऐक्शन हो सकता है।
बता दें कि सीएम की सुरक्षा में चूक सामने आने के बाद मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए थानेदार समेत आठ पुलिसवालों को उसी समय ड्यूटी से हटा दिया गया था। मामले की जांच एसपी सिटी को सौंपी गई थी। एसएसपी के आदेश पर हुई जांच में जहां पुलिसवालों से पूछताछ की गई वहीं सीसीटीवी फुटेज, ड्यूटी चार्ट आदि को भी खंगाला गया। सूत्रों के अनुसार जांच चौराहे पर ड्यूटी कर रहे ट्रैफिक के चार और सिविल पुलिस के तीन कर्मचारी सुरक्षा मानकों के पालन में लापरवाही बरतते पाए गए। जांच में पाया गया कि जहां सीएम फ्लीट के गुजरने से पहले चौराहे को पूरी तरह से खाली कराया जाना चाहिए था वहां निर्धारित प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन नहीं किया गया। इसी वजह से सुरक्षा में यह चूक सामने आई।
सीएम काफिले के सामने निजी स्कूल की एक बस बैरिकेडिंग के बीच से निकलकर अचानक आ गई। बस के वहां आ जाने की वजह से कुछ क्षणों के लिए काफिले का सुरक्षा घेरा प्रभावित हुआ। हालांकि, स्थिति को तत्काल संभाल लिया गया। सीएम योगी का काफिला बिना किसी बड़ी बाधा के आगे बढ़ गया।
कई अधिकारियों की हुई जांच
सीएम सुरक्षा को लेकर कई पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच हुई। जांच के दौरान अधिकारियों ने सीएम सिक्योरिटी के पूरे सिस्टम की समीक्षा की। अधिकारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया। अभी तक की जांच में सात पुलिसकर्मियों को इस सुरक्षा चूक के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार माना गया है। अब इन पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
इस लापरवाही की जांच अब भी जारी
चार दिसंबर को गोरखपुर शहर में हुई सुरक्षा चूक से पहले पिछले साल जुलाई में गोरखपुर एक्सप्रेस वे के उद्घाटन के दौरान भी सीएम के कार्यक्रम की तैयारी में चूक सामने आई थी। तब एसएसपी की जांच में पाया गया था कि खजनी इलाके में सीएम के कार्यक्रम को लेकर न तो सुरक्षा का मानक तैयार किए गए थे न ही ड्यूटी प्वाइंट चिह्नित किए गए थे। इस मामले में इंस्पेक्टर खजनी अर्चना सिंह को हटा दिया गया था। तत्कालीन एसएसपी राजकरन नय्यर ने सीओ खजनी के खिलाफ भी जांच बिठाई थी। यह जांच अब भी जारी है।




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