High Court took a tough stand against DM Balrampur UP, imposing a fine for failing to submit an affidavit यूपी के इस डीएम पर हाईकोर्ट का सख्त रुख, जवाब न देने पर लगाया जुर्माना, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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यूपी के इस डीएम पर हाईकोर्ट का सख्त रुख, जवाब न देने पर लगाया जुर्माना

उत्तर प्रदेश के इस जिलाधिकारी पर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सख्त रुख अपनाया है। जवाबी हलफनामा न दाखिल करने पर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने डीएम पर 11 हजार रुपये का हर्जाना लगाया है।

Mon, 24 Nov 2025 09:40 PMDeep Pandey लखनऊ, विधि संवाददाता
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यूपी के इस डीएम पर हाईकोर्ट का सख्त रुख, जवाब न देने पर लगाया जुर्माना

यूपी में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने डीएम पर सख्ती दिखाई है। छह साल से बार-बार आदेश देने के बावजूद जवाबी हलफनामा न दाखिल करने पर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सख्त रुख अपनाते हुए, जिलाधिकारी बलरामपुर पर 11 हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। न्यायालय ने कहा है कि हर्जाने की उक्त रकम याचियों को भुगतान की जाएगी। मामले की अगली सुनवायी 15 दिसम्बर को होगी।

यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय व न्यायमूर्ति जफीर अहमद की खंडपीठ ने नबी अली व अन्य की ओर से वर्ष 2019 में दाखिल जनहित याचिका पर दिया है। याचिका में एक अंत्योष्टि स्थल पर शेड लगाने की मांग की गई है। मामला बलरामपुर जनपद का है। न्यायालय ने 8 नवंबर 2019 को पहली बार आदेश पारित करते हुए, जिलाधिकारी बलरामपुर को लघु प्रतिउत्तर शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया था, इसके पश्चात 22 नवंबर 2019, 6 दिसम्बर 2019 व 5 मार्च 2020 को भी उक्त शपथ पत्र दाखिल करने के लिए समय दिया गया। लेकिन छह वर्ष बाद भी जवाब नहीं दाखिल हो सका। इस पर न्यायालय ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसा असहयोग और उदासीनता अस्वीकार्य है।

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वहीं एक दूसरे मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कार्यवाहक हेडमास्टर के पद पर काम करने वाले टीजीटी प्रवक्ता को हेडमास्टर पद का वेतन मान पाने का हकदार माना है। इसके साथ ही सेंट्रल रेलवे को निर्देश दिया कि याची को कार्यवाहक हेडमास्टर के पद पर काम करने की अवधि के दौरान नियमित हेडमास्टर का वेतनमान छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ भुगतान किया जाए। यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली एवं न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने अध्यापक उमाकांत पांडे की याचिका पर दिया है।

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