शरद पूर्णिमा का इंतजार खत्म, 6 अक्टूबर को मनाई जाएगी
Gorakhpur News - गोरखपुर में शरद पूर्णिमा इस बार 6 अक्टूबर को मनाई जाएगी। इस दिन चंद्रमा मीन राशि में होगा और इसकी रात अमृत बरसने की मान्यता है। इस दिन गोजागर व्रत, महालक्ष्मी पूजन और खीर का विशेष महत्व माना जाता है।

शरद ऋतु की पूर्णिमा इस बार कई शुभ संयोगों के साथ आ रही है। वाराणसी से प्रकाशित पंचांगों के अनुसार, शरद पूर्णिमा का व्रत इस वर्ष 6 अक्टूबर को रखा जाएगा। इस दिन चंद्रमा अपने पूर्ण सौंदर्य में मीन राशि पर स्थित रहेगा और रात्रि में उसकी दूधिया चांदनी से अमृत के बरसने की मान्यता है। ज्योतिषाचार्य पं. शरद चंद मिश्र ने बताया कि इस दिन गोजागर व्रत, महालक्ष्मी पूजन, रात्रि जागरण और खीर का विशेष महत्व है।
उन्होंने बताया कि 6 अक्तूबर को दिन में 11:24 बजे चतुर्दशी समाप्त होकर पूर्णिमा तिथि आरंभ होगी, जो अगले दिन 7 अक्टूबर सुबह 9:33 बजे तक रहेगी। पूर्णिमा का आरंभ प्रदोषकाल और अर्धरात्रि में होने से इस दिन शरद पूर्णिमा व्रत और गोजागर व्रत का विशेष महत्व रहेगा। पौराणिक मान्यता है कि इसी रात भगवान श्रीकृष्ण ने वृंदावन में गोपियों के साथ महा रास का आयोजन किया था। ज्योतिषाचार्य पं. जीतेंद्र नाथ पाठक ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शरद पूर्णिमा की रात्रि में चंद्रमा पृथ्वी के सबसे निकट होता है और उसकी शीतल किरणों में अमृत तत्व समाहित होता है।
इसी कारण इस दिन दूध, चावल, घी और चीनी से बनी खीर को खुले आकाश के नीचे रखकर चंद्र किरणों में रखा जाता है। रात्रि जागरण के बाद प्रातः इसे प्रसाद रूप में ग्रहण किया जाता है। वहीं पं. नरेंद्र उपाध्याय ने बताया कि इस दिन धन-धान्य की देवी महालक्ष्मी की विशेष पूजा होती है। इसे कोजागर पूर्णिमा भी कहा जाता है। मान्यता है कि लक्ष्मी जी इस रात भूलोक पर भ्रमण करती हैं और जो जागते हैं, उन्हें साल भर संपत्ति का वरदान देती हैं।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन