Reduce GST on Brick Kilns to Prevent Mass Unemployment ईंट भट्ठा उद्योग पर जीएसटी की चोट, 1.20 लाख मजदूरों की नौकरी दांव पर, Gorakhpur Hindi News - Hindustan
More

ईंट भट्ठा उद्योग पर जीएसटी की चोट, 1.20 लाख मजदूरों की नौकरी दांव पर

Gorakhpur News - ईंट भट्ठा उद्योग पर बढ़ते जीएसटी और कोयले पर बढ़ती दरों के कारण लाखों मजदूरों की रोजी-रोटी संकट में है। 425 भट्ठों से 1.20 लाख लोगों को रोजगार मिलता है। यदि सरकार जीएसटी में कमी नहीं करती, तो लाखों लोग बेरोजगार हो सकते हैं। उद्योग की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

Fri, 7 Nov 2025 10:02 PMNewswrap हिन्दुस्तान, गोरखपुर
share
ईंट भट्ठा उद्योग पर जीएसटी की चोट, 1.20 लाख मजदूरों की नौकरी दांव पर

फ्लाई ऐश से लेकर सीमेंट ईंट के बढ़ते चलन के बीच लाल ईंट के कारोबारी मुश्किल में हैं। प्रदूषण विभाग से लेकर राज्यकर विभाग द्वारा शिकंजा तो कसा ही जा रहा है, मजदूरों को लेकर भी मुश्किलें हैं। श्रम विभाग की कार्रवाई ने भी कारोबारियों की मुश्किलों को बढ़ाया है। जीएसटी काउंसिल द्वारा 22 सितम्बर से लागू जीएसटी के नये स्लैब से भी ईंट भट्ठा कारोबारियों की मुश्किलों को बढ़ा दिया है। ईंट पर 6 से लेकर 12% तक जीएसटी वसूला जा रहा है। वहीं कोयला पर जीएसटी 5% से बढ़ाकर 18% करने से ईंट की निर्माण लागत भी बढ़ गई है।

ऐसे में ईंट की कीमतों में बढ़ोतरी को तय माना जा रहा है। ईंट भट्ठा कारोबारियों का दावा है कि जिले में 425 ईंट भट्ठा के जरिए 1.20 लाख लोगों को सीधा रोजगार मिल रहा है, लेकिन सरकार भट्ठा मालिकों के उत्पीड़न का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहती है। जीएसटी कम होने के साथ सुधार को लेकर प्रयास नहीं हुए तो लाखों लोग बेरोजगार होंगे। गोरखपुर में पिछले कुछ वर्षों में इन्फ्रास्ट्रक्चर के काम बढ़ने से ईंट उद्योग को संजीवनी मिल रही है। लेकिन राज्यकर विभाग, श्रम विभाग, प्रदूषण विभाग द्वारा की जा रही कार्रवाई को लेकर ईंट भट्ठा कारोबारी मुश्किल में हैं।

जीएसटी काउंसिल द्वारा कोयले पर अभी तक लिए जा रहे 5% जीएसटी को 18% के स्लैब में किए जाने से लाल ईंट की लागत बढ़ गई है। विभिन्न मटेरियल से बन रहे ईंट से मुकाबले के बीच सरकार की नीतियों से जिले में 425 ईंट भट्ठा से जुड़े हजारों लोगों का रोजी रोटी संकट में है।ईंट भट्ठा कारोबारियों का कहना है कि वर्ष 2017 में जीएसटी काउंसिल द्वारा ईंट निमार्ताओं पर लागू कंपोजिट स्कीम को मार्च 2022 में समाप्त कर एक फीसदी के स्थान पर 6 फीसदी व आईटीसी लेने पर पांच फीसदी के स्थान पर 12 फीसदी टैक्स थोप दिया गया था। तभी से व्यापारी जीएसटी दर को कम करने की मांग कर रहे थे।

सरकार से वैट के समय लागू समाधान योजना की तरह जीएसटी में भी समाधान योजना की मांग की लेकिन जीएसटी काउंसिल द्वारा लाल ईंट निर्माताओं पर न तो टैक्स घटाया गया और न ही समाधान योजना का कोई विकल्प दिया गया। जबकि सीमेंट पर जीएसटी दर में 28 फीसदी से 18 फीसदी की कमी की गई थी। जहां जीएसटी काउंसिल द्वारा एक तरफ 12 फीसदी कर दर को समाप्त करने की घोषणा की गई, लेकिन लाल ईंट निर्माताओं पर 12 फीसदी का टैक्स रेट अभी भी लागू है।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।