MRP बढ़ाकर ग्राहकों को चूना, कंपनियों की नई चाल आई सामने
Gorakhpur News - गोरखपुर में जीएसटी के स्लैब घटने के बाद कंपनियों ने कई उत्पादों की एमआरपी बढ़ा दी है। देसी घी, प्रेशर कुकर और आइसक्रीम जैसे सामानों की कीमतों में बढ़त देखने को मिली है।

जीएसटी के स्लैब को घटाकर उपभोक्ताओं को दीवाली तोहफा के सरकार के दावे की कंपनियां हवा निकाल रही हैं। जिन रोजमर्रा की वस्तुओं पर जीएसटी का स्लैब घटा है, उसका पुराना स्टॉक ही खपाया जा रहा है। जिन कंपनियों ने नया माल मार्केट में उतारा है, उसकी एमआरपी बढ़ा दी जा रही है। देसी घी के तीन प्रोडक्ट पर एमआरपी में 31 से 65 रुपये तक एमआरपी में बढ़ोतरी कर दी गई है।
नया स्लैब लागू होने के बाद कुछ प्रोडक्ट पर नई एमआरपी आ गई है। देसी घी की तीन बड़ी कंपनियों का नया माल बढ़े हुए एमआरपी पर आया है। देसी घी बेचने वाले प्रमुख ब्रांड का एक लीटर घी पहले 665 रुपये का आ रहा था। जीएसटी का स्लैब घटने के बाद एमआरपी 730 रुपये हो गई है। इसी तरह सर्वाधिक बिक्री वाले दूसरे ब्रांड के एमआरपी में 31 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है। प्रेशर कुकर के सेगमेंट में सर्वाधिक तीन लीटर की बिक्री होती है।
प्रमुख ब्रांड में तीन लीटर का कुकर 1750 रुपये का था, नई एमआरपी 1825 रुपये कर दी गई है। नमकीन और चिप्स बनाने वाली कंपनियों ने एमआरपी में कोई कमी नहीं की है। प्रमुख ब्रांड में 20 रुपये में पहले 36 ग्राम चिप्स मिल रहा था, अब इसमें 48 ग्राम चिप्स भरा गया है। वहीं 10 रुपये के पैकेट में पहले 35% फीसदी एक्सट्रा था, नई पैकिंग अब 65 हो गया है। चैंबर ऑफ कामर्स के अध्यक्ष संजय सिंघानिया कहना है कि कई कंपनियों ने 22 सितम्बर से पहले ही प्रोडक्ट की एमआरपी बढ़ा दी है। देसी घी, प्रेशर कुकर, टूथपेस्ट से लेकर साबुन जैसे रोजमर्रा की वस्तुओं में यह खेल हो रहा है।
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