girl was separated from her mother at the age of 8 police reunited her with her family after 49 years 8 साल की उम्र में मां से बिछड़ गई थी बच्ची, 49 साल बाद पुलिस ने परिवार से मिलाया, ऐसे हुई अपनों की पहचान, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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8 साल की उम्र में मां से बिछड़ गई थी बच्ची, 49 साल बाद पुलिस ने परिवार से मिलाया, ऐसे हुई अपनों की पहचान

आजमगढ़ से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां आठ साल की उम्र में मां से बिछड़ी महिला को पुलिस ने 49 साल बाद परिजनों से मिला दिया। मंगलवार को पुलिस लाइन में परिवार के लोगों से मिलने के बाद महिला के चेहरे पर रौनक लौट आई।

Wed, 25 Dec 2024 04:37 PMPawan Kumar Sharma हिन्दुस्तान, आजमगढ़
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8 साल की उम्र में मां से बिछड़ गई थी बच्ची, 49 साल बाद पुलिस ने परिवार से मिलाया, ऐसे हुई अपनों की पहचान

यूपी के आजमगढ़ से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। मुरादाबाद में आठ साल की उम्र में मां से बिछड़ी महिला को पुलिस ने 49 साल बाद परिजनों से मिला दिया। मंगलवार को पुलिस लाइन में परिवार के लोगों से मिलने के बाद महिला के चेहरे पर रौनक लौट आई। रौनापार के वेदपुर की मूल निवासी फूला देवी अपनी मां श्यामा देवी के साथ 1975 में मुरादाबाद गई थी। उस दौरान उसकी आठ वर्ष थी। मां के साथ मेला देखने के लिए गई थी।

फूला के अनुसार, मेले में वह बिछड़ गई। इसके बाद एक वृद्ध प्रलोभन देकर उसे भगा ले गया। बाद में उसने उसे रामपुर जिले के भोंट के रायपुर गांव निवासी लालता प्रसाद गंगवार के हाथों बेच दिया। लालता ने उसके साथ शादी कर ली। लालता से उसका एक पुत्र सोमपाल है। वर्तमान में सोमपाल की 34 साल है। कुछ वर्ष पूर्व लालता की मौत हो गई। फूला रामपुर में स्थित एक विद्यालय में रसोइयां है। उसे अपना ननिहाल च्यूंटीडांड़, आजमगढ़ और घर के पास एक कुआं याद था। यह उसके दिमाग में बैठ गया था। वह तभी से परिवार की तलाश कर रही थी।

प्रिंसिपल-एसपी सिटी की मेहनत रंग लाई

एसपी सिटी शैलेंद्र लाल ने बताया कि फूला देवी ने प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापक को एक दिन अपनी कहानी बताई। प्रधानाध्यापक ने फूला को बताया कि उसके एक परिचित पुलिस अधिकारी आजमगढ़ जिले में हैं। उनसे बात कर पता लगवाने की कोशिश करेगी। प्रधानाध्यापक ने एसपी सिटी शैलेंद्र लाल को फोन कर जानकारी दी। इसके बाद एसपी सिटी फूला देवी के परिजनों की तलाश में जुट गए। काफी प्रयास के बाद पुलिस को पता चला कि फूला देवी जिस च्यूंटीडांड़ गांव का नाम ले रही है, वह वर्तमान में मऊ जिले के दोहरीघाट थाना क्षेत्र में है।

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ऐसे हुई मुलाकात

लाटघाट चौकी प्रभारी जफर खान ने च्यूंटीडांड़ गांव सिपाही भेजा। पता चला कि फूला के मामा रामचंदर इसी गांव के निवासी हैं। फूला के तीन मामा में सिर्फ रामहित पुत्र पांचू ही जिंदा हैं। रामहित ने बताया कि फूला के भाई लालधर रौनापार के वेदपुर में रहते हैं। पुलिस ने जब लालधर से संपर्क किया तो उसने बताया कि उसकी बहन बचपन में बिछड़ गई थी। परिजनों का पता चलने पर पुलिस ने फूला को रामपुर से आजमगढ़ बुलाया। इधर, फूला के मामा और भाई भी मंगलवार को पुलिस लाइन आ गए थे। एसपी हेमराज मीना की उपस्थिति में एसपी सिटी ने फूला को उसके मामा और भाई से मिलाया।

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