डॉक्टर से एकतरफा प्यार में दीवानी हुई लड़की, घंटों करती है इंतजार; पति-पत्नी परेशान
डॉक्टर दंपति के समझाने का युवती पर कोई असर नहीं पड़ा है। परेशान सीनियर रेजिडेंट ने युवती के खिलाफ थाने में शिकायत कर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले की जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है। करीब ढाई साल पहले युवती के पिता को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था।

गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में तैनात सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर के प्रेम में एक युवती दीवानी हो गई है। वह रेजिडेंट की एक झलक पाने के लिए घंटों हॉस्टल के बाहर खड़ी रहती है। उसके मोबाइल पर मैसेज और फोन करती है। रेजिडेंट ने उसका नंबर ब्लॉक कर दिया तो दूसरे नंबर से कॉल करने लगी। युवती को समझाने की कोशिश रेजिडेंट की पत्नी ने भी की। रेजिडेंट की पत्नी भी सीनियर रेजिडेंट है। डॉक्टर दंपति के समझाने का युवती पर कोई असर नहीं पड़ा है। परेशान सीनियर रेजिडेंट ने युवती के खिलाफ गुलरिहा थाने में शिकायत कर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले की जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है।
रेजिडेंट मानसिक रोग विभाग में तैनात हैं। बताया जाता है कि करीब ढाई साल पहले युवती के पिता को गंभीर हालत में मानसिक रोग विभाग में भर्ती कराया गया था। इलाज करने वाली टीम में रेजिडेंट भी रहे। उस समय युवती रेजिडेंट के संपर्क में आई। डॉक्टर के इलाज से मरीज डिस्चार्ज हो गए।
उसके बाद से मरीज के फालोअप के बहाने युवती समय-समय पर फोन और मैसेज करती रही। अब वह एकतरफा प्रेम में पड़ गई है। रेजिडेंट की पत्नी नाक कान गला रोग विशेषज्ञ हैं। रेजिडेंट ने इसकी जानकारी करीब एक वर्ष पहले अपनी पत्नी को दे दी थी। पत्नी ने भी फोन पर कई बार युवती को समझाया।
हॉस्टल के कंपाउंड में दो दिन बैठी रही युवती
रेजिडेंट पीजी हॉस्टल में रहते थे। अब वह पत्नी के साथ कॉलेज से बाहर फ्लैट लेकर रहते हैं। हद तब हो गई जब जब युवती रेजिडेंट की तलाश में रविवार को दिनभर हॉस्टल के कंपाउंड में बैठी रही। इसकी सूचना हॉस्टल के दूसरे रेजिडेंट ने वार्डन को दी। सोमवार की भी सुबह युवती चली आई। वह हॉस्टल के वेटिंग एरिया में रेजिडेंट का इंतजार करने लगी। एक बार फिर रेजिडेंटों ने मामले की शिकायत वार्डन से की। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस की मौजूदगी में मानसिक रोग के विभागाध्यक्ष के साथ रेजिडेंट, उनकी पत्नी, हॉस्टल वार्डन युवती को लेकर प्राचार्य के पास पहुंचे। सभी ने युवती को समझने का प्रयास किया। वह सभी की बातों को अनसुना कर रही थी। इसके बाद रेजिडेंट ने पूरे मामले की लिखित शिकायत गुलरिहा थाने में की है।
मानसिक तौर पर बीमार, माता-पिता से रहती है अलग
मानसिक रोग के विभागाध्यक्ष डॉ तपस आइच ने बताया कि युवती मानसिक तौर पर कमजोर व बीमार है। वह अपने माता-पिता से अलग रहती है। उसे कहीं से मेंटल सपोर्ट नहीं मिल रहा है। इस मेंटल सपोर्ट को वह डॉक्टर में तलाश रही है। इसी वजह से वह इस हालत में पहुंच गई है। यह एक मानसिक बीमारी है। उसे अपने माता-पिता और दूसरे परिजनों के सपोर्ट की आवश्यकता है। युवती को इलाज की जरूरत है।
क्या बोले प्राचार्य
प्राचार्य डॉ.राजकुमार जायसवाल ने कहा कि मामला मेरे संज्ञान में आया है। सोमवार को रेजिडेंट को लेकर विभागाध्यक्ष स्वयं आए। हॉस्टल वार्डन भी आए। रेजिडेंट की पत्नी भी मौजूद थी। सभी ने युवती को बहुत समझाया। इस दौरान रेजिडेंट ने साक्ष्य भी दिखाया कि उसने कई बार युवती को मना किया। कॉल न करने की हिदायत दी। इसके बावजूद वह मान नहीं रही है। कॉलेज प्रशासन रेजिडेंट के साथ है।




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