इंस्टाग्राम पर दोस्ती, अपनी शादी से 20 दिन पहले हत्या, फौजी निकला 11वीं की छात्रा का हत्यारा
प्रयागराज में 11वीं की छात्रा की लाश मिलने के मामले का खुलासा हो गया है। छात्रा की हत्या एक फौजी ने की थी। इंस्टाग्राम पर छात्रा और फौजी की दोस्ती हुई थी। फौजी की कहीं और शादी होने वाली थी और छात्रा इसका विरोध कर रही थी।

प्रयागराज में 11वीं की छात्रा की सात बार चाकू गोंदकर बेरहमी से हत्या करने वाला गिरफ्तार हो गया है। हत्यारा फौजी यानी सेना का जवान है। इंस्टाग्राम पर उसकी छात्रा से दोस्ती और फिर प्यार हुआ था। इसी बीच फौजी की शादी कहीं और तय हो गई। 30 नवंबर को बारात जानी थी। इसकी जानकारी छात्रा को हुई तो वह विरोध करने लगी। छात्रा से पीछा छुड़ाने के लिए ही फौजी ने अपनी शादी से बीस दिन पहले खौफनाक साजिश रची। छात्रा की हत्या कर शव को सुनसान में ले जाकर जमीन में गाड़ दिया था। संयोग से कुत्तों ने जमीन खोद दी तो छात्रा का हाथ दिखाई देने लगा। इसके बाद हत्या की जानकारी हुई और पुलिस जांच में जुटी। पुलिस ने आरोपी को कुसुंगुर गांव के समीप मनसैता नदी के पुराना पुल के पास गिरफ्तार करने के साथ ही हत्या में प्रयुक्त चाकू और फावड़ा भी बरामद कर लिया है।
प्रयागराज के डीसीपी नगर मनीष कुमार शांडिल्य व डीसीपी गंगानगर कुलदीप सिंह गुनावत ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि 15 नवंबर की सुबह लखरावां गांव में मनसैता नदी किनारे जमीन में दफन 11वीं की छात्रा साक्षी यादव का शव मिला था। वह दस नवंबर की सुबह स्कूल जाते समय लापता हो गई थी। साक्षी के परिजनों से पूछताछ और इंस्टाग्राम पर चैटिंग व अन्य साक्ष्यों के आधार पर पता चला कि वह थरवई थानाक्षेत्र के कुसुंगुर गांव निवासी सेना में नायक हर्षवर्धन सिंह उर्फ दीपक से लगातार बातचीत कर रही थी।
हत्यारे फौजी ने क्या बताया
छात्रा की हत्या करने वाले फौजी दीपक ने पूछताछ में बताया कि जून 2025 में इंस्टाग्राम पर साक्षी से बातचीत शुरू हुई थी फिर दोनों की नजदीकियां बढ़ गईं। दीपक की छह महीने पहले दूसरी जगह शादी तय हो चुकी थी और 30 नवंबर को बारात जानी थी। इंस्टाग्राम पर होने वाली पत्नी की फोटो पोस्ट करने के बाद साक्षी को इसकी जानकारी हो गई थी। वह बार-बार दीपक से शादी करने का जिद कर रही थी।
छात्रा को इस तरह रास्ते से हटाया
साक्षी को रास्ते से हटाने की नीयत से दीपक बाइक पर अपने साथ दस नवंबर की शाम लखरावां गांव मनसैता नदी किनारे ले गया। जहां चाकू से ताबड़तोड़ वार कर हत्या करने के बाद पास ही मंदिर में रखे फावड़े से जमीन में गड्ढा खोदकर उसका शव दफन कर दिया। इसके बाद उसने चाकू और फावड़ा भी पास ही जमीन में गाड़ दिया था। हत्या करने के बाद उसका बैग हाईवे किनारे देवरियां गांव के समीप फेंक कर अपने घर चला गया था। लेकिन बैग में रखी एक कॉपी में दीपक फौजी और उसका मोबाइल नंबर लिखा था, यही पुलिस की जांच में अहम सुराग बना।
शव मिलने की सूचना पर फौजी भी घटना स्थल गया था
हत्या के पांच दिन बाद 15 नवंबर की सुबह जमीन में दफन साक्षी का शव मिलने की सूचना मिलने पर दीपक भी लखरावां गांव में घटनास्थल पर पहुंचा था। वह ग्रामीणों की भीड़ के बीच खड़े होकर पुलिस की कार्रवाई व जांच पड़ताल की जानकारी लेता रहा। पुलिस की मानें तो दीपक ने सोचा था कि जमीन में शव दफन करने के बाद किसी को कुछ पता नहीं चलेगा। इस वजह से वह हत्या करने के बाद भी अपने घर चला गया। वह अपनी शादी के लिए एक महीने की छुट्टी पर घर आया था।
हत्या के बाद मोबाइल कर दिया था फार्मेट
पुलिस ने बताया कि हत्या को अंजाम देने के बाद दीपक ने अपना मोबाइल फार्मेट कर दिया था। उसने यूट्यूब पर इंस्टाग्राम आईडी को फार्मेट करने की तरकीब देखी थी लेकिन, ब्राउसर मेमोरी डिलिट नहीं कर सका था। दस नवंबर को सीसीटीवी फुटेज में बालसन चौराहे पर साक्षी को बाइक पर बैठाकर ले जाते दिखा है। उसने पूछताछ में बताया कि साक्षी का पैतृक गांव बनकट उसके घर से नजदीक है। वह साक्षी को पहले से जानता था, लेकिन इंस्टाग्राम में बातचीत के बाद नजदीकियां बढ़ गई थी। छुट्टी पर घर आने पर वह साक्षी से मिलता था।
वारदात से पहले साक्षी के साथ गया था आजाद पार्क
पुलिस की पूछताछ में हत्यारोपी दीपक ने बताया कि दस नवंबर की सुबह साक्षी स्कूल जाने के समय घर से निकली थी। बालसन चौराहे पर मिलने के बाद वह उसे लेकर आजाद पार्क गया था। जहां लगभग पांच-छह घंटे तक वह साक्षी को समझाने का प्रयास करता रहा लेकिन, साक्षी उससे तय शादी तोड़ने और अपने माता-पिता से मिलवाने की जिद पर अड़ी रही। शाम लगभग पांच बजे साक्षी को अपने माता-पिता से मिलवाने के बहाने वह मनसैता नदी किनारे लखरावां गांव के बाग में ले गया था।




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