नेहा सिंह राठौर पहुंचीं लखनऊ कोतवाली, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर भरे 50-50 हजार के दो बेल बॉड
लोक गायिका नेहा सिंह राठौर पहलगाम आतंकी हमले के बाद गाए गए गीत के मामले में दर्ज केस में लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में हाजिर हुईं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार उन्होंने 50-50 हजार के दो बेल बॉन्ड भरे हैं।

UP News: ‘का बा’ सीरिज के जरिए सरकार पर हमला बोलने वाली लोक गायिका नेहा सिंह राठौर एक बार फिर लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली पहुंचीं। नेहा राठौर के खिलाफ पहलगाम आतंकी हमले को लेकर गाए गए एक गीत पर आपत्ति दर्ज कराते हुए भड़काऊ बताया गया था और हजरतगंज कोतवाली में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसी मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर नेहा हजरतगंज कोतवाली पहुंची और उन्होंने 50-50 हजार रुपये के दो बेल बॉड भरे। इसी मामले में वाराणसी के लंका थाने में भी नेहा के खिलाफ कई एफआईआर दर्ज कराई गई है।
इसके पूर्व वह अंतरिम जमानत अर्जी खारिज होने पर चार जनवरी को देर शाम भी पति हिमांशु के साथ बयान दर्ज कराने के लिए कोतवाली पहुंची थीं। बुधवार दोपहर करीब दो बजे वह पति हिमांशु सिंह के साथ हजरतगंज कोतवाली पहुंची थी। इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने नेहा से 50-50 हजार रुपये के दो बेल बॉड भरवाए। इसके बाद नेहा चली गई। नेहा सिंह राठौर के खिलाफ वुडलैंड पैराडाइज निवासी अभय प्रताप सिंह उर्फ अभय सिंह निर्भीक ने नेहा सिंह राठौर के खिलाफ हजरतगंज कोतवाली में बीते वर्ष 27 अप्रैल को मुकदमा दर्ज कराया था।
इसके अलावा दुर्विजयगंज निवासी हिमांशु वर्मा, दुगावां के अर्जुन गुप्ता और रानीगंज के सौरभ ने भी रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए प्रार्थनापत्र दिया था। तीनों के प्रार्थनापत्र भी उसी रिपोर्ट में सम्मिलित कर लिए गए थे। हजरतगंज इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने नेहा के खिलाफ दर्ज मुकदमे में दो नोटिस जारी की थी। इसके बाद भी नेहा अपनी अग्रिम जमानत अर्जी पर बयान दर्ज कराने के लिए कोर्ट नहीं पहुंची थी। नेहा अंबेडकर नगर के हीडी पकड़िया गांव की निवासी है। यहां सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में एक अपार्टमेंट में रहती हैं। एसीपी हजरतगंज विकास जायसवाल ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नेहा बेल बॉड भरवाए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप
नेहा सिंह राठौर के गाने चौकीदरवा कायर बा... बनल जनरल डायर बा... गाने पर विवाद छिड़ा। आरोप लगा कि नेहा ने पीएम नरेंद्र मोदी को जनरल डायर कहा है। हिंदू संगठनों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसी के बाद नेहा को निशाने पर लिया और लखनऊ समेत कई जिलों में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। वाराणसी कमिश्नरेट के 3 जोन के 15 थानों में 500 से ज्यादा शिकायतें दी गईं। लंका थाने में ही 318 शिकायतें आईं और एफआईआर दर्ज की गई थी।
लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में दर्ज मामले को लेकर पुलिस ने नेहा को दो बार नोटिस जारी किया था, लेकिन वह बयान दर्ज कराने के लिए उपस्थित नहीं हुई थीं। इसके बाद उन्होंने अपनी अग्रिम जमानत के लिए अदालतों का दरवाजा खटाखटाया। सत्र न्यायालय और हाई कोर्ट से राहत न मिलने के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।




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