Five crore rupees extortion money was demanded from an exporter of Agra, when the police arrived with books in a box आगरा के निर्यातक से पांच करोड़ मांगी रंगदारी, डिब्बे में किताबें रखकर पहुंची पुलिस तो…, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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आगरा के निर्यातक से पांच करोड़ मांगी रंगदारी, डिब्बे में किताबें रखकर पहुंची पुलिस तो…

आगरा के निर्यातक पूरन डावर से पांच करोड़ रंगदारी मांगी गई है। उनके घर पर धमकी भरा पत्र भेजा गया। जानकारी मिलते ही पुलिस एक्टिव हुई और डिब्बे में पैसों की जगह किताबें लेकर चाय की दुकान पर पहुंच गई। जैसे ही पत्र भेजने वाले पहुंचे, पुलिस ने धरदबोचा।

Mon, 13 Oct 2025 06:33 PMYogesh Yadav लाइव हिन्दुस्तान
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आगरा के निर्यातक से पांच करोड़ मांगी रंगदारी, डिब्बे में किताबें रखकर पहुंची पुलिस तो…

आगरा के प्रमुख जूता निर्यातक एवं एफमेक के निवर्तमान अध्यक्ष पूरन डावर से पांच करोड़ की रंगदारी मांगने का मामला पुलिस तक पहुंचा है। उनके भरतपुर हाउस स्थित आवास पर तीन पन्नों का हाथ से लिखा धमकी भरा पत्र भेजा गया। इसमें कारोबारी से संबंधित सूचनाएं आयकर विभाग को लीक करने की धमकी दी गई थी। पांच करोड़ रुपये डिब्बे में रखकर सेक्टर-16 में चाय की दुकान पर लाने को कहा गया था। पुलिस ने जाल बिछाया और कारोबारी के दो पूर्व कर्मचारी और चाय वाले को दबोच लिया। उनसे पूछताछ की जा रही है।

कारोबारी पूरन डावर ने बताया कि तीन दिन पहले उनके घर एक पत्र आया था। पत्र में उनसे पांच करोड़ रुपये की मांग की गई। पत्र के साथ एक पर्ची लगी थी। पत्र में लिखा था कि रकम डिब्बे में रखकर गुरु का ताल रेलवे ओवर ब्रिज के आगे एक चाय वाले को देनी है। पर्ची भी उसी को देकर आनी है। पत्र में धमकी दी गई थी कि कई महत्वपूर्ण सूचनाएं आयकर को बता दी जाएंगी। पत्र के साथ कुछ फर्जी आयकर के दस्तावेज भी लगाए गए थे।

उन्होंने पत्र की जानकारी पुलिस आयुक्त दीपक कुमार को दी। पुलिस आयुक्त ने इंस्पेक्टर सिकंदरा प्रदीप त्रिपाठी को खुलासे की जिम्मेदारी दी। उधर, पत्र भेजने वालों ने रकम लेकर 12 अक्तूबर को 12 बजे तक बुलाया था। पुलिस ने चाय की दुकान के आस-पास सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए। बेवर्दी पुलिसकर्मी चाय की दुकान के आस-पास लग गए। पूरन डावर से कहा गया कि वह डिब्बे में किताब-कापी रखकर संबंधित जगह पर भिजवा दें। एक व्यक्ति डिब्बा लेकर चाय की दुकान पर गया। चाय वाले को वह पर्ची दे दी। जो पत्र के साथ आई थी। चाय वाले ने बिना कोई सवाल-जवाब किए डिब्बा रख लिया। पुलिस छिपकर सब कुछ देख रही थी।

चाय की दुकान के पास दो युवक काफी देर से मंडरा रहे थे। कुछ देर बाद वे चाय वाले के पास पहुंचे और डिब्बा खंगालने लगे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। दोनों युवक पूर्व में पूरन डावर की शू फैक्ट्री में कर्मचारी रह चुके हैं। थाने में उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह मानकर चल रही है कि इस घटना का मास्टर माइंड कोई और है। उस तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल पुलिस ने तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ रंगदारी मांगने का मुकदमा लिखा है।

पकड़े गए दोनों युवक अनपढ़ हैं

पुलिस ने पकड़े गए युवकों से पूछताछ की तो पता चला कि वे पढ़े-लिखे नहीं हैं। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि पत्र किसने लिखा था। पत्र भी एक-दो लाइन का नहीं बल्कि तीन पेज का था। रकम न देने पर बुरा अंजाम भुगतने की धमकी दी गई थी। फिलहाल दोनों युवक खुद को निर्दोष बता रहे हैं। पुलिस का मानना है कि वे कुछ छिपा रहे हैं। पुलिस उनकी कॉल डिटेल खंगाल रही है। एसीपी हरीपर्वत अक्षय महाडीक ने बताया कि जल्द घटना का खुलासा किया जाएगा।

घर में चोरी करके नौकर बन गया था करोड़पति

भरतपुर हाउस निवासी प्रमुख उद्योगपति पूरन डावर के घर जुलाई 2019 में चोरी हुई थी। इसका हरीपर्वत थाने में मुकदमा लिखाया गया था। छानबीन के बाद पुलिस ने उनके घरेलू नौकर दरभंगा, बिहार निवासी विवेक मेहतो को पकड़ा था। उसके छह खाते फ्रीज कराए गए थे। छह खातों में एक करोड़ से अधिक की रकम निकली थी। नौकर रकम अपने परिवारीजनों को भेजा करता था। उन्होंने 40 लाख रुपये का मकान बनवा लिया था। नौकर यह काम महीनों से कर रहा था। घर से रिवाल्वर गायब होने पर चोरी की भनक लगी थी। पुलिस ने नौकर और उसके भाई को जेल भेजा था।

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