fake ias steno duo of jeeja-sala siphoned off crores leaving high profile figures embroiled in ostentatious extravaganza जीजा-साला की फर्जी IAS-स्टेनो जोड़ी ने करोड़ों उड़ाए, तामझाम-भौकाल में उलझे बड़े-बड़े, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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जीजा-साला की फर्जी IAS-स्टेनो जोड़ी ने करोड़ों उड़ाए, तामझाम-भौकाल में उलझे बड़े-बड़े

ललित किशोर ही अपना नाम गौरव कुमार सिंह बताकर खुद को आईएएस बताता था। जबकि, ललित किशोर का साला अभिषेक खुद को आईएएस का स्टेनो और परमानंद गनर बताता था। उनके पास से पुलिस ने 4.15 लाख रुपये नगद, दस लाख रुपये से अधिक कीमत के सोने-चांदी के गहने, कूटरचित दस्तावेज आदि भी बरामद किए हैं।

Thu, 11 Dec 2025 09:59 AMAjay Singh वरिष्ठ संवाददाता, गोरखपुर
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जीजा-साला की फर्जी IAS-स्टेनो जोड़ी ने करोड़ों उड़ाए, तामझाम-भौकाल में उलझे बड़े-बड़े

जीजा-साला की इस फर्जी आईएएस-स्टेनो जोड़ी पर करोड़ों की ठगी का आरोप है। इन्होंने और इनके साथियों ने ऐसा तामझाम और भौकाल फैलाया कि बड़े-बड़े लोग उलझ गए। सरकारी नौकरी और ठेके के नाम पर ठगी करने के आरोपी फर्जी आईएएस जीजा, उसके नकली स्टेनो साले और एक अन्य साथी को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। इसमें से एक फर्जी आईएएस का साला है। फर्जी आईएएस के साथ गिरफ्तार दोनों साथियों में से उसका साला जहां खुद को स्टेनो बताता था, वहीं दूसरा आरोपित गनर बनकर साथ में घूमता था। कई लोगों से ठगी करने वाले इन आरोपितों ने बिहार के मोकामा के व्यापारी मुकुंद से भी दो करोड़ रुपये से अधिक ठगे थे।

बिहार चुनाव के दौरान करीब एक करोड़ रुपये के साथ एक व्यापारी के गोरखपुर जंक्शन पर पकड़े जाने के बाद यह मामला उजागर हुआ था। फिर व्यापारी की तहरीर पर केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने अब आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के पास से पुलिस ने 4.15 लाख रुपये नगद, दस लाख रुपये से अधिक कीमत के सोने-चांदी के गहने, कूटरचित दस्तावेज आदि भी बरामद किया है।

पकड़े गए आरोपितों की पहचान बिहार के सीतामढ़ी जिले के सीतामढ़ी थाना क्षेत्र के मेहरौल निवासी ललित किशोर, सीतामढ़ी के रीगा थाना क्षेत्र के रामनगरा निवासी अभिषेक कुमार और गोरखनाथ के लच्छीपुर निवासी परमानंद गुप्ता के रूप में हुई है। ललित किशोर ही अपना नाम गौरव कुमार सिंह बताकर खुद को आईएएस बताता था। जबकि, ललित किशोर का साला अभिषेक खुद को आईएएस का स्टेनो और परमानंद गनर बताता था।

पूछताछ में अभियुक्त ललित किशोर ने पुलिस को बताया कि गौरव कुमार सिंह के नाम से उसने कूटरचित आईडी कार्ड औेर नेम प्लेट बनवाया था। लोगों से पैसा ठगने व रौब जमाने के लिए इसका इस्तेमाल करता था। बरामद कैश व ज्वैलरी के बारे में तीनों अभियुक्तों ने बताया कि इसे मुकदमा कराने वाले व्यापारी से टेंडर दिलाने के नाम पर लिया था। आरोपितों ने ठगी के पैसों से कई जगहों पर जमीन व मकान भी खरीदे हैं। पुलिस ने ललित किशोर व उसकी पत्नी के तीन बैंक खाते को सीज करा दिया है, जिसमें पांच लाख रुपये से अधिक की रकम हैं। अन्य खातों की जांच की जा रही है।

किराए का लिया था वाहन, एआई से तैयार करते थे फर्जी अखबार

आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि वे किराए पर लग्जरी वाहन लेकर चलते थे ताकि सभी को भरोसा हो कि बड़े अधिकारी हैं। अभिषेक व परमानन्द एआई के माध्यम से फर्जी समाचारपत्र की खबर तैयार कर उसकी कतरन व अन्य फर्जी दस्तावेज ललित किशोर को भेजते थे। जिसका इस्तेमाल वह धौंस जमाने के लिए करता था। झांसे में आए मोकामा के व्यापारी मुकुंद को भी ललित किशोर ने फर्जी अखबार की कतरनों और अन्य दस्तावेजों से विश्वास दिलाया था कि उसको टेंडर मिल गया है।

यूपी बोर्ड के परीक्षा केंद्रों पर पहुंचा था मजिस्ट्रेट बनकर

यूपी बोर्ड परीक्षा, 2025 के दौरान ललित किशोर एपीओ, सदर, गृह मंत्रालय का बोर्ड लगी इनोवा और सुरक्षा कर्मियों के साथ भटहट व पीपीगंज क्षेत्र के कई परीक्षा केंद्रों पर मजिस्ट्रेट बनकर पहुंच गया था। वह केंद्र व्यवस्थापकों पर रौब झाड़ता रहा, लेकिन एक शिक्षक ने उसे पहचान लिया तो वहां से भाग निकला। बाद में पता चला कि वही व्यक्ति 2022 में शिक्षक से ट्यूशन पढ़ता था।

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