यूपी में फर्जी आईएएस ने 150 लोगों से 80 करोड़ रुपए ठगे, गिरफ्तार
यूपी के लखनऊ में फर्जी आईएएस गिरफ्तार कर लिया गया है। उसने खुद को गुजरात कैडर का आईएएस और बहनों को आईपीएस बताकर नौकरी लगवाने के नाम पर 150 बेरोजगारों से 80 करोड़ से अधिक की ठगी की थी।

यूपी के लखनऊ में एक फर्जी आईएएस पकड़ा गया है। खुद को गुजरात कैडर का आईएएस और बहनों को आईपीएस बताकर नौकरी लगवाने के नाम पर 150 बेरोजगारों से 80 करोड़ से अधिक की ठगी करने वाले जालसाज को सीआईडी और चिनहट पुलिस की संयुक्त टीम ने कमता तिराहे से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार जालसाज गिरोह का सरगना डॉ. विवेक मिश्रा उर्फ आनंद मिश्रा है। उसने दो युवकों को डिप्टी एसपी और एक को गुजरात सरकार के जनसंपर्क अधिकारी का फर्जी नियुक्ति पत्र भी जारी कर दिया था।
पुलिस के मुताबिक अधिवक्ता आशुतोष मिश्रा ने स्टिंग ऑपरेशन कर जालसाजों का भंडाफोड़ किया था। वर्ष 2019 में चिनहट थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। जालसाज डॉ. विवेक मूल रूप से झारखंड के बोकारो जिले के चास शिवपुरी कॉलोनी का रहने वाला है। पुलिस ने बताया कि आशुतोष मिश्रा की मुलाकात विवेक से हुई थी। विवेक ने बताया था कि वह गुजरात कैडर का आईएएस है। उसकी दो बहनें निधि मिश्रा और विधि मिश्रा आईपीएस हैं।
दो डिप्टी एसपी का जारी किया फर्जी नियुक्तपत्र
सीआईडी के इंस्पेक्टर रमेश चंद्र तिवारी के मुताबिक तफ्तीश में पता चला कि जालसाज विवेक ने दो डिप्टीएसपी का भी फर्जी नियुक्तपत्र जारी किया था। उसने यूपी के अलावा बिहार, दिल्ली, झारखंड, गुजरात और कई अन्य राज्यों में अपना नेटवर्क फैला रखा हैं। यहां के तमाम लोगों से उसने ठगी की थी। गिरोह के अन्य जालसाजों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा।
रायबरेली रोड स्थित होटल में हुई थी मुलाकात :
अधिवक्ता आशुतोष ने पुलिस को बताया कि जून 2018 में डॉ. विवेक से उनकी मुलाकात रायबरेली रोड स्थित एक होटल में हुई थी। विवेक ने बताया था कि वह 2014 बैच का आईएएस अफसर है। वह रुतबे से चलता था। गाड़ी में बत्ती भी लगा रखी थी। फेसबुक प्रोफाइल भी आईएएस के नाम से बनी थी। वह नौकरी के नाम पर लोगों से ठगी करता था। तफ्तीश में पता चला कि कई लड़कियों को शादी का झांसा देकर उनका शोषण भी किया था। इस संबंध में साक्षय संकलन किए जा रहे हैं।




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