Facility to rent out houses like hotels new rental policy in UP मकान को होटल की तरह किराए पर चलाना होगा आसान, नई रेंटल नीति की तैयारी, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
More

मकान को होटल की तरह किराए पर चलाना होगा आसान, नई रेंटल नीति की तैयारी

होटल की तरह मकान और फ्लैट बनाकर किराए पर देने वालों को बढ़ावा देने की तैयारी है। ऐसे मकानों से व्यावसायिक के स्थान पर आवासीय शुल्क लेने का भी सुझाव दिया गया है। इससे घरेलू होटल चलाने के क्षेत्र में रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।

Sat, 4 April 2026 06:47 AMPawan Kumar Sharma शैलेंद्र श्रीवास्तव, लखनऊ
share
मकान को होटल की तरह किराए पर चलाना होगा आसान, नई रेंटल नीति की तैयारी

यूपी के शहरों में होटल की तरह मकान और फ्लैट बनाकर किराए पर देने वालों को बढ़ावा देने की तैयारी है। ऐसे मकानों से व्यावसायिक के स्थान पर आवासीय शुल्क लेने का भी सुझाव दिया गया है। इससे घरेलू होटल चलाने के क्षेत्र में रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। नीति आयोग ने राज्यों को कई जरूरी सुझाव भेजे हैं। इसमें घरेलू होटल व्यवसाय को बढ़ावा देने की बात कही गई है।

नीति आयोग ने तर्क दिया है कि कुछ निजी कंपनियां छोटे से लेकर बढ़े शहरों में कम कीमत पर लोगों की जरूरतों को पूरा कर रही हैं। इसीलिए इसे बढ़ावा देने की दिशा में राज्यों द्वारा काम किया जाए। छोटे-छोटे फ्लैट और मकान बनाकर उसे महीने के स्थान पर रोज के किराए पर देने वालों को प्रोत्साहित किया जाए। उन्हें इसके लिए नीतियों में संशोधन करते हुए राहत भी दी जाए।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:मार्च में विभागों ने 1 लाख करोड़ से ज्यादा किए खर्च, साल भर का 18% खपाया

नीति आयोग की रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ कंपनियां मकानों और फ्लैटों को लीज पर लेकर किराए पर चला रही हैं। इसे पेइंग गेस्ट (पीजी) आवास, को-लिविंग सुविधा या सर्विस अपार्टमेंट के तौर पर चलाया जा रहा है। ऐसी यूनिट्स के लिए पानी, बिजली और कचरा निस्तारण पर मौजूदा समय व्यावसायिक दरों पर टैक्स लिया जा रहा, जिससे किराएदारों और ऑपरेटर्स पर खर्च का बोझ बढ़ जाता है। इसीलिए इसमें छूट की व्यवस्था की जाए।

निजी भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए ऐसे प्रोजेक्ट्स को किफायती आवास की श्रेणी में माना जाना चाहिए और उन पर आवासीय दरों से शुल्क लगाया जाना चाहिए। आवासीय उपयोगिता शुल्कों के साथ किराए से होने वाली आय पर प्रोत्साहन देने का सुझाव दिया गया है। इससे रेंटल हाउसिंग बाजार को बढ़ावा भी मिलेगा।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:यूपी में आसमान से गिरा ड्रोन, पुलिस और दमकल टीम ने लगाई दौड़

शासन के एक अधिकारी के मुताबिक, नीति आयोग के सुझाव पर ऐसे मकानों को बनाने और उसे किराए पर चलाने के लिए नीति लाने पर काम होगा। यूपी के कई ऐसे प्रमुख शहर हैं, जहां लोग दूसरे प्रदेशों और शहरों से आकर नौकरी या फिर अन्य तरह का रोजगार कर रहे हैं। ऐसे लोगों को मकान लेने के लिए काफी भटकना पड़ता है। ऐसे मकानों को बनाने के लिए अनुमति मिलने के बाद शहरों में सुनियोजित तरीके से एक ही स्थान पर लोगों को जरूरत के आधार पर सुविधाएं मिल सकेंगी।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:कोविड से मौत के मुआवजे के लिए टेस्ट रिपोर्ट या डेथ सर्टिफिकेट जरूरी: हाईकोर्ट
लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News , Pareet Yadav Death Live और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।