Extortion demanded from a drug dealer in the name of Lawrence Bishnoi, the plan made after watching a web series failed लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर दवा कारोबारी से मांगी रंगदारी, बेव सीरीज देख बनाया प्लान ऐसे हुआ फेल, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर दवा कारोबारी से मांगी रंगदारी, बेव सीरीज देख बनाया प्लान ऐसे हुआ फेल

लखनऊ में बॉलीवुड की फिल्मों और वेब सीरीज से प्रभावित होकर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर रंगदारी मांगी गई है। कारोबारी की शिकायत पर एक्टिव हुई पुलिस ने पूरी साजिश फेल कर दी। मामले का पर्दाफाश करते हुए आरोपी को धर दबोचा है।

Mon, 9 Feb 2026 11:37 AMYogesh Yadav सरोजनी नगर (लखनऊ)
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लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर दवा कारोबारी से मांगी रंगदारी, बेव सीरीज देख बनाया प्लान ऐसे हुआ फेल

राजधानी लखनऊ के एक दवा कारोबारी को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी भरा पत्र भेजकर 30 लाख रुपये की रंगदारी मांगने वाले शातिर अपराधी को सरोजनीनगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ा गया आरोपी कोई पेशेवर अपराधी नहीं, बल्कि पीड़ित कारोबारी की फर्म का ही पूर्व सेल्समैन निकला। कर्ज के बोझ तले दबे इस युवक ने फिल्मों और वेब सीरीज के 'क्राइम प्लॉट' को हकीकत में बदलने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी ने उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया।

लिफाफा खुलते ही उड़े होश

कानपुर रोड स्थित हिंदनगर में 'करुण इंटरप्राइजेज' नाम की दवा फर्म चलाने वाले गौरव बत्रा के लिए 30 जनवरी की सुबह किसी दुःस्वप्न से कम नहीं थी। गौरव जब अपने कार्यालय पहुँचे, तो गार्ड ने उन्हें एक बंद लिफाफा सौंपा। गार्ड ने बताया कि रात के अंधेरे में एक अज्ञात व्यक्ति स्कूटी से आया था, जिसने हेलमेट पहना था और शॉल ओढ़ रखी थी। लिफाफे पर स्पष्ट लिखा था— "सिर्फ गौरव ही खोलें"।

जैसे ही गौरव ने लिफाफा खोला, उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। हाथ से लिखे उस पत्र में खुद को कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताते हुए 30 लाख रुपये की मांग की गई थी। पत्र में साफ चेतावनी दी गई थी कि यदि पैसा नहीं मिला, तो गौरव और उनके सभी कर्मचारियों को जान से मार दिया जाएगा।

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सीसीटीवी फुटेज और पुलिस का जाल

दहशत में आए कारोबारी ने 7 फरवरी को सरोजनीनगर पुलिस से शिकायत की। मामला लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा था, इसलिए पुलिस ने इसे सर्वोच्च प्राथमिकता पर लिया। पुलिस की टीम ने इलाके के करीब 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए पुलिस उस स्कूटी तक पहुंच गई, जिसका इस्तेमाल लिफाफा पहुंचाने में किया गया था। जांच का सिरा बलिया निवासी उमेष यादव तक पहुँचा, जो पूर्व में गौरव की फर्म में सेल्समैन का काम कर चुका था।

वेब सीरीज से मिली 'प्रेरणा' और बैंक का कर्ज

गिरफ्तारी के बाद उमेश यादव ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने पुलिस को बताया कि वह वर्तमान में बिजनौर के सैनिक एंक्लेव में रहता है। उसने बैंक से बड़ा लोन ले रखा था, जिसकी किस्तें न भर पाने के कारण वह गहरे तनाव में था। इसी दौरान उसने कई क्राइम थ्रिलर फिल्में और वेब सीरीज देखीं। वहीं से उसके दिमाग में विचार आया कि अगर वह किसी बड़े गैंग का नाम लेकर अपने पुराने मालिक को डराएगा, तो उसे आसानी से मोटी रकम मिल जाएगी।

उसने सोचा था कि लॉरेंस बिश्नोई का नाम सुनकर व्यापारी पुलिस के पास जाने के बजाय चुपचाप पैसे दे देगा। उमेश ने पहचान छिपाने के लिए हेलमेट और शॉल का सहारा लिया, लेकिन डिजिटल साक्ष्यों ने उसे सलाखों के पीछे पहुँचा दिया।

पुलिस की चेतावनी

सरोजनीनगर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया या फिल्मों से प्रेरित होकर इस तरह के अपराध करने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। यह मामला इस बात का भी उदाहरण है कि तकनीक के दौर में अपराधी चाहे कितनी भी सावधानी बरत ले, वह कानून की नजरों से बच नहीं सकता।

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