Electricity workers will protest against privatization in UP Rajasthan and Chandigarh on January 31 निजीकरण के खिलाफ बिजली कर्मचारियों का विरोध तेज, कल यूपी, राजस्थान और चंडीगढ़ में करेंगे प्रदर्शन, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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निजीकरण के खिलाफ बिजली कर्मचारियों का विरोध तेज, कल यूपी, राजस्थान और चंडीगढ़ में करेंगे प्रदर्शन

  • यूपी, चंडीगढ़ और राजस्थान में बिजली निजीकरण के फैसले के खिलाफ शुक्रवार को समूचे देश में बिजलीकर्मी विरोध प्रदर्शन करेंगे। विरोध प्रदर्शन के माध्यम से संबंधित राज्य सरकारों पर निजीकरण का फैसला वापस लिए जाने का दबाव बनाएंगे।

Thu, 30 Jan 2025 09:48 PMPawan Kumar Sharma हिन्दुस्तान, लखनऊ
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निजीकरण के खिलाफ बिजली कर्मचारियों का विरोध तेज, कल यूपी, राजस्थान और चंडीगढ़ में करेंगे प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़ और राजस्थान में बिजली निजीकरण के फैसले के खिलाफ शुक्रवार को समूचे देश में बिजलीकर्मी विरोध प्रदर्शन करेंगे। विरोध प्रदर्शन के माध्यम से संबंधित राज्य सरकारों पर निजीकरण का फैसला वापस लिए जाने का दबाव बनाएंगे। यूपी में इस विरोध प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने जोरदार तैयारियां की है। वहीं, गुरुवार को भी प्रदेश के सभी जिलों तथा परियोजना मुख्यालयों पर बिजली कर्मियों ने मोमबत्ती जुलूस निकालने के साथ ही विरोध प्रदर्शन किया।

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश ने कहा है कि महाकुंभ आयोजन को देखते हुए प्रयागराज के बिजली कर्मियों को दो फरवरी तक आंदोलन से दूर रहने को कहा गया है। प्रयागराज के बिजलीकर्मी वहां की बिजली व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में जुटे रहेंगे।

कल चंडीगढ़ की बिजली व्यवस्था निजी हाथों

नेशनल कोआर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स के निर्णय के अनुसार 31 जनवरी को उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़ और राजस्थान में बिजली व्यवस्था के निजीकरण की चल रही प्रक्रिया के विरोध में देश के सभी जनपदों और परियोजना मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। कर्मचारी नेताओं ने कहा है कि मुनाफे में चल रहे चंडीगढ़ के विद्युत विभाग को गोयनका ग्रुप की एमिनेंट इलेक्ट्रिक कम्पनी को एक फरवरी को सौंपने की तैयारी की गई है। इस फैसले से पूरे देश के बिजली कर्मचारियों में भारी गुस्सा है। मुनाफे में चल रहे चंडीगढ़ के बिजली विभाग की 22 हजार करोड़ रुपये की परिसंपत्तियों को मात्र 871 करोड़ रुपये में बेचा गया है। वहीं यूपी में पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम को बेचने की प्रक्रिया चल रही है।

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मोमबत्ती जुलूस निकाल लोगों को निजीकरण की खामियां बताई

यूपी में गुरुवार को बिजली कर्मियों ने मोमबत्ती जुलूस निकाल कर आम नागरिकों को यह संदेश दिया कि यदि बिजली का निजीकरण नहीं रोका गया तो निजी क्षेत्र में बिजली इतनी महंगी हो जाएगी कि उपभोक्ताओं को मोमबत्ती का ही सहारा लेना पड़ेगा। निजीकरण के विरोध में 31 जनवरी को होने वाले राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन को देखते हुए संघर्ष समिति ने 31 जनवरी को यूपी में प्रस्तावित बुद्धि-शुद्धि यज्ञ कार्यक्रम को स्थगित कर दिया है। एक फरवरी को अगले कार्यक्रम घोषित किए जाएंगे।

गुरुवार को राजधानी लखनऊ में मध्यांचल मुख्यालय पर विरोध सभा हुई और शक्ति भवन पर विरोध सभा के बाद मोमबत्ती जुलूस निकाला गया। वाराणसी, आगरा, मेरठ, कानपुर, गोरखपुर, अयोध्या, देवी पाटन, सुल्तानपुर, बस्ती, आजमगढ़, बरेली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, नोएडा, मुरादाबाद, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, एटा, झांसी, बांदा, परीक्षा ,जवाहरपुर, हरदुआगंज , पनकी , ओबरा और हरदुआगंज में विरोध सभा के बाद मोमबत्ती जुलूस निकाले गए।

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