बिजली कनेक्शन के लिए रिश्वत मांगने पर लाइनमैन बर्खास्त, SDO-JE निलंबित, XEN पर भी ऐक्शन
बिजली कनेक्शन के नाम पर रिश्वत मांगने और गलत एस्टीमेट बनाने के मामले में योगी सरकार ने कड़ी कार्रवाई की है। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने लाइनमैन को बर्खास्त और एसडीओ-जेई को निलंबित कर दिया है। अधिशासी अभियंता को भी हटा दिया गया है।

उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' की नीति को आगे बढ़ाते हुए योगी सरकार ने बिजली विभाग के लापरवाह और भ्रष्ट अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई की है। बाराबंकी जिले में एक नए बिजली कनेक्शन के बदले रिश्वत मांगने और गलत एस्टीमेट बनाने के आरोप में लाइनमैन को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि एसडीओ (SDO) और जेई (JE) को निलंबित करने के आदेश जारी किए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिशासी अभियंता (XEN) के खिलाफ भी अनुशासनिक जांच और तबादले की कार्रवाई की गई है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में खुला भ्रष्टाचार का खेल
यह पूरी कार्रवाई सोमवार को ऊर्जा मंत्री एके शर्मा द्वारा की गई एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान हुई। दरअसल, मंत्री विभागीय कार्यों और जनसुनवाई की समीक्षा कर रहे थे, तभी बाराबंकी के एक उपभोक्ता विमल कुमार ने सीधे अपनी शिकायत दर्ज कराई। विमल ने आरोप लगाया कि नया बिजली कनेक्शन लेने के लिए विभागीय कर्मचारी उन्हें लंबे समय से परेशान कर रहे थे। पहले तो उन्हें कनेक्शन देने के नाम पर 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई और जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो तकनीकी पेंच फंसाकर उन्हें हतोत्साहित किया गया।
साढ़े तीन लाख का एस्टीमेट सीधे 53 हजार पर पहुंचा
उपभोक्ता विमल ने बताया कि भ्रष्टाचार केवल रिश्वत तक सीमित नहीं था, बल्कि एस्टीमेट बनाने में भी भारी धांधली की गई। अधिकारियों ने शुरुआत में उनके कनेक्शन के लिए साढ़े तीन लाख रुपये (₹3.5 लाख) का भारी-भरकम एस्टीमेट थमा दिया। विमल ने जब इसकी शिकायत उच्च स्तर पर की और मामला ऊर्जा मंत्री के संज्ञान में आने की बात हुई, तो विभागीय अधिकारियों ने सोमवार को आनन-फानन में उसी एस्टीमेट को घटाकर मात्र 53 हजार रुपये कर दिया।
ऊर्जा मंत्री की कड़ी नाराजगी और सख्त निर्देश
बिजली उपभोक्ता की व्यथा सुनने के बाद ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने मौके पर ही बाराबंकी के अधीक्षण अभियंता से जवाब तलब किया। जब विभाग ने स्वीकार किया कि एस्टीमेट में गड़बड़ी हुई थी, तो मंत्री ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि "जनता का शोषण करने वाले अधिकारियों की विभाग में कोई जगह नहीं है।"
ऐक्शन और आरोप
लाइनमैन: रिश्वत मांगने के मुख्य आरोप में सेवा से बर्खास्त।
SDO और JE: लापरवाही और भ्रष्टाचार को संरक्षण देने के आरोप में निलंबित।
अधिशासी अभियंता (XEN): एस्टीमेट में गड़बड़ी और खराब पर्यवेक्षण के कारण स्थानांतरण एवं अनुशासनिक कार्यवाही के निर्देश।
इस कार्रवाई से पूरे बिजली विभाग में हड़कंप मच गया है। ऊर्जा मंत्री ने साफ संदेश दिया है कि सरकार का लक्ष्य उपभोक्ताओं को निर्बाध और भ्रष्टाचार मुक्त बिजली सेवा देना है, और इसमें बाधा बनने वाले किसी भी स्तर के अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।




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