एनकाउंटर में मारे जा चुके माफिया के ड्राइवर ने फैलाया खौफ, मांगी 1 करोड़ की रंगदारी
आरोपित अंकित पासवान ने खुद को माफिया विनोद उपाध्याय का भाई बताते हुए अंकुर शुक्ल से एक करोड़ की रंगदारी मांगी। 23 फरवरी को गौरव पांडेय और अंबिका पासवान ने अंकुर के घर पर जाकर गोली चलाने की कोशिश की, जो विफल रही। 24 फरवरी को फिर से दोनों वहां पहुंचे और इस बार अंबिका ने कार पर गोलियां बरसा दीं।

यूपी के गोरखपुर में गैंग बनाकर प्रापर्टी डीलर के घर फायरिंग कर रंगदारी मांगने वाले गिरोह पर शाहपुर थाने की पुलिस ने गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज किया है। गिरोह का गैंग लीडर गौरव पाण्डेय है। वह एनकाउंटर में मारे जा चुके माफिया विनोद उपाध्याय का ड्राइवर रह चुका है। उसने अपनी गैंग के पांच सदस्यों के साथ वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने इन सभी के सम्पत्ति का ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है। अपराध की कमाई से बनाई गई सम्पत्ति को भी जब्त कराने की तैयारी है।
गौरव के अलावा गिरोह के जिन सदस्यों पर कार्रवाई हुई है, उनमें अम्बिका पासवान, शुभम श्रीवास्तव, अंकित पासवान उर्फ मंटू, साहिल अली और नितिन मिश्रा आदि का नाम शामिल है। शाहपुर थाना क्षेत्र के श्रीराम चौराहा स्थित शताब्दी पुरम कॉलोनी निवासी प्रापर्टी डीलर सोमनाथ उर्फ अंकुर शुक्ला के घर पर खड़ी कार पर बाइक सवार बदमाशों ने गोली चला कर सनसनी फैला दी। पुलिस ने सीसीटीवी की मदद से आरोपितों को गिरफ्तार किया तो पता चला कि पहले भी उन्होंने फायरिंग का प्रयास किया था, लेकिन तब गोली नहीं चली थी। गिरोह प्रापर्टी डीलर से पांच करोड़ की रंगदारी मांग रहा था और पैसा न देने पर फायरिंग की योजना बनाई थी।
जांच में पता चला कि आरोपित अंकित पासवान ने खुद को माफिया विनोद उपाध्याय का भाई बताते हुए अंकुर शुक्ल से एक करोड़ की रंगदारी मांगी। इसके बाद 23 फरवरी को गौरव पांडेय और अंबिका पासवान ने अंकुर के घर पर जाकर गोली चलाने की कोशिश की, जो विफल रही। 24 फरवरी को फिर से दोनों वहां पहुंचे और इस बार अंबिका ने कार पर गोलियां बरसा दीं।
घटना के बाद पुलिस और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई में पांच मार्च को इस गिरोह के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें अंकित पासवान उर्फ मंटू, अंबिका पासवान, नितिन मिश्रा, साहिल अली और शुभम श्रीवास्तव शामिल थे। इनके पास से अवैध असलहे, कारतूस, दो बोलेरो और एक बाइक बरामद की गई थी। वहीं गैंग लीडर गौरव पाण्डेय ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। पुलिस ने गौरव से पूछताछ की तो माफिया के भाई संजय के इशारे पर वारदात की बात कही।




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