डीएल बनवा लो, एक जनवरी से 10 हजार लगेंगे, लखनऊ आरटीओ के ठेका कर्मचारियों का खेल
लखनऊ आरटीओ के ठेका कर्मचारियों के बड़े खेल का खुलासा हुआ है। इनकी व्हाट्सएप चैटिंग की जांच में डीएल बनाने के लिए दलालों के साथ मिलकर दलाली का पर्दाफाश हुआ है। चैटिंग में लिखा मिला कि एक जनवरी से पहले डीएल बना लो नहीं तो 10000 रुपये का खर्चा आएगा।

राजधानी लखनऊ में ट्रांसपोर्ट नगर आरटीओ में ड्राइविंग लाइसेंस, वाहनों के ट्रांसफर आदि का काम ठेके पर करने वाली निजी कंपनी के कर्मचारियों और दलालों की साठगांठ का खुलासा हुआ है। एक कर्मचारी के व्हाट्सएप चैटिंग की जांच में डीएल बनाने के लिए 4000 रुपये मांगे जाने का जिक्र मिला। एक अन्य को कहा गया कि एक जनवरी से पहले डीएल बना लो नहीं तो 10,000 रुपये का खर्चा आएगा।
आरटीओ में डीएल, वाहन ट्रांसफर सिल्वर टच ठेके पर देख रही है। आरटीओ को शिकायत मिली कि कंपनी के चार कर्मचारी दलालों से मिलीभगत कर रहे हैं। चारों के मोबाइल फोन की जांच की गई। कपिल दीप के व्हाट्सएप चैट से साठगांठ का खुलासा हुआ। इस दौरान एक महिलाकर्मी के मोबाइल फोन की जांच होने लगी तो वह रोने लगी। आरोप है कि उसके पर्सनल फोटो देखने के कारण ऐसा हुआ।
एक हजार रुपये भेज दिया, लर्निंग बना देना
एक व्यक्ति ने कपिल दीप के मोबाइल वॉलेट में एक हजार रुपया भेज कर कहा कि लर्निंग लाइसेंस बना देना। एक चैट में कर्मचारी ने एक न्यूज की कटिंग पोस्ट कर दो लोगों को लिखा है कि दिसंबर से पहले परमानेंट लाइसेंस बनवा लें। नहीं तो एक जनवरी से दस हजार खर्चा आएगा।
महिलाकर्मी की निजी फोटो देखने का आरोप
जब मोबाइल फोन की जांच की जा रही थी तब एक महिला कर्मी के मोबाइल फोन पर निजी फोटो देखने का आरोप आरटीओ अधिकारियों और कर्मचारियों पर लगा। महिलाकर्मी के मोबाइल फोन का फोटो फोल्डर देखा जाने लगा तो उसने मना किया। इस पर भी अधिकारी-कर्मचारी नहीं मानें तो वह रोने लगी।
पूरे मामले पर आरटीओ प्रशासन संजय तिवारी कहा कि सिल्वर टच कंपनी के कर्मचारियों की दलालों से मिलीभग की शिकायत मिली थी। जांच में कर्मचारी कपिल दीप इस काम में संलिप्त मिला। वह दलालों के माध्यम से डीएल बनाने और वाहनों के ट्रांसफार आदि का काम कर देता था।




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