समायोजन में खेल! दिव्यांग-गंभीर बीमार शिक्षिकाओं को भेजा 40 KM दूर, अब DM ने तलब की पूरी लिस्ट
प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों के समायोजन में हुई भारी अनियमितताओं का शासन और डीएम विशाख जी ने संज्ञान लिया है। डीएम ने मामले की जांच के लिये सीडीओ की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनायी है।

प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों के समायोजन में हुई भारी अनियमितताओं का शासन और डीएम विशाख जी ने संज्ञान लिया है। डीएम ने मामले की जांच के लिये सीडीओ की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनायी है। यह कमेटी डीएम की संस्तुति के बाद दो से तीन दिन के भीतर शिक्षकों के समायोजन की संशोधित सूची बीएसए को जारी करेगी। डीएम ने बीएसए से समायोजन किए गए सभी शिक्षकों की सूची तलब की है। साथ ही शिक्षकों की ओर से दिए गए आपत्ति प्रत्यावेदन लेकर कमेटी इनकी जांच करेगी।
हिन्दी अखबार हिन्दुस्तान ने शिक्षकों के समायोजन में हुई गड़बड़ियों के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। गुरुवार के अंक में ‘कैंसर, लकवा रोगी व दिव्यांग शिक्षिकाओं का समायोजन’ व बुधवार के अंक में ‘महिला शिक्षकों का समायोजन 40 किमी दूर, नाराज शिक्षक कोर्ट जाएंगे’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की। बीएसए ने यू-डायस पोर्टल की मदद से मंगलवार को नगर व ग्रामीण क्षेत्र के बंद व एकल प्राइमरी स्कूलों में करीब 170 शिक्षकों का समायोजन किया था। बीएसए विपिन कुमार को कॉल की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठा।
शिक्षिकाओं ने समायोजन में लगाए गड़बड़ी के आरोप
50 से अधिक प्रधानाध्यापकों और शिक्षक व शिक्षिकाओं ने बीएसए कार्यालय में दिये आपत्ति के प्रत्यावेदन में समायोजन में भारी अनियमितताओं और खामियों का आरोप लगाया है। समायोजन में नियम एवं मानकों की अनदेखी हुई है। अधिकारियों ने एक ओर शिक्षिकाओं का 40 किलोमीटर दूर के स्कूल में समायोजन कर दिया। शिक्षकों के ब्लॉक व जोन बदल दिये। जबकि उसी ब्लॉक व जोन में शिक्षकों के पद खाली थे।
वहीं, दूसरी ओर कैंसर, दिल व लकवा रोग से पीड़ित और दो अन्य दिव्यांग शिक्षिकाओं का दूसरे ब्लॉक व जोन के स्कूलों में समायोजन कर दिया है। इनके घर से नए स्कूल की दूरी 25 से 40 किलोमीटर हो गई। ऐसे में इन्हें नए स्कूलों तक जाने की कई मुश्किलें एवं चुनौतियां होंगी। इन शिक्षिकाओं ने बीएसए समेत डीएम व सीडीओ को भेजे शिकायत पत्र में समायोजन निरस्त कर पुराने स्कूल में तैनाती दिये जाने का आग्रह किया था।




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