Delhi Blast: तब्लीगी जमात से डॉ. शाहीन के सीधे कनेक्शन, एजेंसियों के रडार पर 100 से अधिक लोग
डॉ. परवेज उसकी बहन डॉ. शाहीन के मोबाइल और उनके घर से बरामद इलेक्ट्रानिक गैजेट्स में इसके सबूत मिले हैं। इंटीग्रल विश्वविद्यालय में पढ़ाने के साथ ही कट्टरपंथी डॉ. परवेज जमात के लोगों से मिलता था। वह जमात के मौलवी और अन्य लोगों की मदद से कुछ स्लीपर सेल भी तैयार करता था।

Delhi Car Blast: दिल्ली विस्फोट कांड में पकड़े गए साजिशकर्ता डॉ. शाहीन उसके साथी और भाई डॉ. परवेज के तब्लीगी समाज के सीधे कनेक्शन खुफिया विभाग को मिले हैं। कट्टरपंथियों से कनेक्शनों को खुफिया एंजेसियां खंगाल रही हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ ही दिल्ली और लखनऊ के 100 से अधिक लोग एजेंसियों की रडार पर हैं।
खुफिया विभाग सूत्रों के मुताबिक डॉ. परवेज उसकी बहन डॉ. शाहीन के मोबाइल और उनके घर से बरामद इलेक्ट्रानिक गैजेट्स में इसके साक्ष्य मिले हैं। इंटीग्रल विश्वविद्यालय में पढ़ाने के साथ ही कट्टरपंथी डॉ. परवेज जमात के लोगों से मिलता था। वह जमात के मौलवी और अन्य लोगों की मदद से कुछ स्लीपर सेल भी तैयार करता था। काम आने पर उन्हें निर्देश दिए जाएंगे। वह क्या से निर्देश स्लीपर सेल को देने की बात करता था? इस बारे में एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं। अगस्त माह में डॉ. शाहीन लखनऊ आई थी। कई दिन रुकी। यहां पर परवेज ने उसकी मुलाकात तब्लीगी जमात से जुड़े लोगों से कराई। कई बैठकें हुईं। इसके बाद परवेज ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, हाथरस, हापुड़, मुरादाबाद, संभल, बिजनौर, दिल्ली के अलावा कनपुर में कई बैठके कराई थी। भाई-बहन साथ मिलकर आतंक का तानाबाना बुन रह रहे थे।
विस्फोट में शामिल लोगों के मददगार बने, पनाह दी
खुफिया विभाग को पूछताछ में पता चला है कि तब्लीगी जमात के लोग विस्फोट में शामिल आतंकियों की मदद की थी। एक से दूसरे स्थान जाने के लिए यह लोग उन्हें गाड़ियां मुहैया कराते थे। कपड़े समेत अन्य जरूरतों का सामान रास्ते में इनतक पहुंचाते थे। आवश्यकता पड़ने पर विभिन्न शहरों में उनके रुकने का बंदोबस्त कराते थे।
कोविड काल में कोराना फैलाने में जमात का था बड़ा हाथ
कोविड काल में भी तब्लीगी जमात के लोगों ने कोराना फैलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उस समय भी यह स्लीपर सेल की तरह काम कर रहे थे। कैंट इलाके से 12 लोगों को पुलिस ने पकड़ा भी था। यह लोग चोरी छिपे बैठके कर रहे थे। इसके अलावा दिल्ली में भी इन लोगों ने बड़ी बैठकें और जमात बुलाई थी। खूब चर्चा में रहे। देश विरोधी गतिविधियों में इस संगठन का नाम हमेशा आगे रहा है।
जन्नत का रास्ता बताकर फैलाते हैं आतंक
जमात के लोग बैठकों में नए युवाओं को जोड़ते हैं। आतंक के रास्ते को अल्लाह पाक और जन्नत का रास्ता बताकर उन्हें देश विरोधी गतिविधियों में शामिल करते हैं। इस्लामिक साहित्य और वीडियो देकर उन्हें कट्टरपंथी की राह पर ले जाते हैं। इनकी संगत में पड़कर युवा भ्रमित और उत्तेजित होकर आतंक की राह चुन लेता है। उसे वह रास्ता जन्नत का दिखने लगता है और फिर देश विरोधी गतिविधियां करता है।




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