Delhi Blast: यूपी के इस शहर में 200 संदिग्धों की जांच को निकलीं 4 टीमें, एक हजार की बनी लिस्ट
कानपुर में जांच के दौरान बलरामपुर के पते पर 30, झारखंड के पाकुड़ के पते से 40, असोम बारपेटा के पते से 60 और पश्चिम बंगाल के 4 जिलों के पते से 70 संदिग्ध मिले हैं। ये लोग कानपुर में जहां काम करते हैं, उन्हें नौकरी पर रखने वाले ठेकेदारों को भी LIU की टीमें साथ ले गई हैं।

Delhi Blast UP Connection: पश्चिम बंगाल, बलरामपुर, झारखंड और असोम के पते का आधार कार्ड लेकर कानपुर में रह रहे करीब 200 रोहिंग्याओं का सत्यापन करने एलआईयू की चार टीमें निकल चुकी हैं। 15 से 20 दिनों में जांच पूरी होने की संभावना अधिकारी जता रहे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद रोहिंग्याओं पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। जांच एजेंसियों ने 1000 संदिग्ध लोगों की सूची बनाई थी। अधिकारियों ने इनमें से 10 फीसद के रोहिंग्या होने की संभावना जताई है।
सरकार ने दिल्ली में हुए विस्फोट को आतंकी घटना माना है। ऐसे में इसकी जांच राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी एनआईए को दी गई है। एनआईए के साथ ही एटीएस, आईबी, एसटीएफ और अन्य लोकल एजेंसियां अपने-अपने स्तर पर जांच में जुटी हैं। इसी घटना के बाद प्रदेश सरकार का आदेश आने के बाद कानपुर में बड़े पैमाने पर रोहिंग्याओं की तलाश शुरू कर दी गई है। जांच एजेंसियों ने अब तक करीब 1000 ऐसे संदिग्ध लोगों की सूचना जुटा ली है, जिनकी बोली, रहन-सहन करीब-करीब बांग्लादेशियों से मिलता जुलता है।
कहां-कितने मिले संदिग्ध
कानपुर में जांच के दौरान बलरामपुर के पते पर 30, झारखंड के पाकुड़ के पते से 40, असोम बारपेटा के पते से 60 और पश्चिम बंगाल के चार जिलों के पते से 70 संदिग्ध मिले हैं। यह लोग कानपुर में जहां काम करते हैं, उन्हें नौकरी पर रखने वाले ठेकेदारों को भी एलआईयू की टीमें साथ ले गई हैं। क्षेत्रीय लोकल इंटेलीजेंस यूनिट से टीमें संपर्क कर इनका पता खंगालेंगी। अधिकारियों ने बताया कि ग्राम प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी, सरकारी कर्मचारियों की मदद इसमें ली जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक अधिकतर संदिग्ध जाजमऊ की टेनरियों में चमड़ा सफाई और नगर निगम में कूड़ा बटोरने का काम करते हैं। बचे खुचे कबाड़ी का काम कर रहे हैं। यह झोपड़ी बनाकर मलिन बस्तियों में रहते हैं। एडीसीपी एलआईयू महेश कुमार के मुताबिक, लोकल इंटेलीजेंस यूनिट की चार टीमों को भेजा गया है। हमारी टीमें संदिग्धों के स्थानीय पते का सत्यापन करेंगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई होगी। जिनकी सूची बनाई गई है, उन पर हमारी नजर है।
डॉ. शाहीन को शहर ला सकती है एनआईए
एनआईए ने डॉ. शाहीन को रिमांड पर ले लिया है। मंगलवार को उसे लखनऊ ले जाने की जानकारी सूत्र दे रहे हैं। चूंकि उसका कानपुर कनेक्शन भी सामने आया है ऐसे में उसे यहां भी लाया जा सकता है। जांच एजेंसियां उससे यह जानने की कोशिश करेंगी कि लखनऊ और कानपुर में किन लोगों के संपर्क में थी। डा. परवेज को कार किसने खरीद कर दी थी। बता दें दिल्ली विस्फोट मामले में शाहीन की भूमिका अहम है। सूत्र बताते हैं कि वह लंबे समय से डाक्टरों को आतंकी नेटवर्क के साथ जोड़ रही है। अपने इस काम में वह भाई परवेज की मदद लेती थी। खुफिया एजेंसियों की माने तो शाहीन के संपर्क में रहे ज्यादातर लोगों ने विभिन्न प्रकार के बम बनाने का प्रशिक्षण लिया था। इसके लिए जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी शाहीन के संपर्क वाले डाक्टरों व अन्य आतंकियों की थी। लखनऊ और कानपुर से लेकर सहारनपुर तक के उसके संपर्कों को खंगालने के लिए एनआईए की टीम उसे विभिन्न स्थानों पर लेकर जाएगी। सूत्रों की माने तो इस दौरान एनआईए डॉ. शाहीन को अतिसुरक्षा वाली कार से लेकर जाएगी। जहां भी उसे ले जाया जाएगा, पूरा कार्यक्रम गोपनीय रखा जाएगा। कानपुर में एजेंसियों से जुड़े लोगों के मुताबिक शाहीन को कानपुर लाने की संभावना है।




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