कफ सिरप तस्करी: मास्टरमाइंड शुभम भगोड़ा घोषित, संपत्ति कुर्क करने की तैयारी में पुलिस
कफ सिरफ तस्करी के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल को कोर्ट ने भगोड़ा घोषित कर दिया है। रोहनिया थाने में दर्ज मुकदमे में शुभम पहले ही भगोड़ा घोषित हो चुका है।

कफ सिरफ तस्करी के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल को कोर्ट ने भगोड़ा घोषित कर दिया है। रोहनिया थाने में दर्ज मुकदमे में शुभम पहले ही भगोड़ा घोषित हो चुका है। शनिवार को कोतवाली थाने में दर्ज मुकदमे में भी शुभम को भगोड़ा घोषित कर दिया गया। अपर सत्र न्यायाधीश/ एफटीसी 14 की अदालत ने धारा 84 (4) के तहत कार्यवाही की।
विवेचक दयाशंकर सिंह ने बताया कि कफ सिरप तस्करी में कायस्थ टोला (आदमपुरा) निवासी शुभम जायसवाल सरगना है। उसके विरुद्ध कुर्की की कार्रवाई का आदेश दिया गया था। उसके आवासों पर नोटिस चस्पा किया गया। मुनादी कराई गई थी। उसे 30 मार्च तक हाजिर होना था। निर्धारित समय तक वह कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ। इस पर पुलिस उसे भगोड़ा घोषित करने की कोर्ट से अपील की।
रोहनिया थाने में दर्ज मुकदमे में पहले ही भगोड़ा घोषित
रोहनिया थाने में दर्ज मुकदमे में शुभम पहले ही भगोड़ा घोषित हो चुका है। पुलिस अब उसके खिलाफ चार्जशीट लगाने की तैयारी में है। रोहनिया के इंस्पेक्टर राजू सिंह ने बताया कि भदवर में 19 नवंबर को दो करोड़ की कफ सिरप की बरामदगी में भी वह नामजद है। एफटीसी-14 की कोर्ट ने 30 मार्च तक उसे पेश होने का नोटिस जारी किया था। कोर्ट की अवमानना में उसे भगोड़ा घोषित मानते हुए उसके खिलाफ मंगलवार रात केस दर्ज किया गया। बताया कि विवेचक छह अप्रैल को त्रिपुरा जेल जाएंगे जहां सौरभ त्यागी का बयान लिया जाएगा। इसके बाद शुभम और सौरभ त्यागी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल होगी।
शुभम के तीन और कारिंदों की संपत्तियां चिह्नित
कफ सिरप तस्करी के सरगना शुभम जायसवाल के तीन और कारिंदों की संपत्तियां चिह्नित की गई हैं। धारा 107 के तहत इन्हें जब्त करने के लिए कोतवाली पुलिस ने एफटीसी-14 कोर्ट में अर्जी लगाई है। एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह ने बताया कि वाजिदपुर (जौनपुर) का विकास सिंह, स्टेट बैंक कॉलोनी कुंज (खजुरी, पांडेयपुर) का प्रतीप कुमार गुजराती और बिरदोपुर (महमूरगंज) स्थित शंकरपुरी कॉलोनी का प्रशांत उपाध्याय आरोपी है। विकास की 39 लाख 46 हजार 388 रुपये की संपत्ति चिह्नित की गई है। प्लॉट के अलावा दो कार और बैंक में जमा राशि है। प्रतीक कुमार की एक करोड़ 39 लाख 20 हजार 625 रुपये की संपत्ति है। इसमें भवन और बैंक में जमा राशि है। प्रशांत उपाध्याय की 20 करोड़ 48 लाख 73 हजार 452 रुपये की संपत्ति है। अचल संपत्तियों के अलावा बैंक में जमा राशि है। तीनों आरोपियों के पास करीब 22 करोड़ 28 लाख रुपये की चल-अचल संपत्ति है। विकास सिंह नरवे और प्रतीक कुमार गुजरात जेल में है। अर्जित आरोपियों के बारे में तीनों आरोपियों को 18 अप्रैल तक कोर्ट में जवाब देना होगा।




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