सीएम योगी ने बताया आरएसएस को फंडिंग कौन करता है? बोले- संघ ने कभी सौदेबाजी नहीं की
यूपी के लखऊ में दिव्य गीता प्रेरणा उत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दुनिया के कई देशों के अंबेसडर पूछते हैं कि संघ की फंडिंग कहां से आती है?मैं बताता हूं कि ओपेक देशों से नहीं, चर्चो से नहीं समाज मदद करता है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को आयोजित दिव्य गीता प्रेरणा उत्सव में कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपने सौ वर्ष के इतिहास में सेवा के साथ कभी सौदेबाजी नहीं की। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों के अंबेसडर पूछते हैं कि संघ की फंडिंग कहां से आती है मैं जवाब दे रहा हूं। मैं बताता हूं कि ओपेक देशों से नहीं, चर्चों से नहीं समाज मदद करता है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने दुनिया को जियो और जीने दो की प्रेरणा दी है। उन्होंने कहा कि भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत विश्व को दिशा देने में सक्षम है और श्रीमद भगवद गीता मानव को जीवन जीने की कला सिखाती है।
भगवान श्रीकृष्ण ने दी निष्काम कर्म की प्रेरणा
सीएम योगी ने आज के समय के लिए दो उदाहरण भी दिए। कहा कि ‘स्वधर्मे निधनं श्रेयः, परधर्मो भयावहः’ यानी अपने धर्म और कर्तव्य पर चलकर मृत्यु को वरण करना श्रेयस्कर है, लेकिन स्वार्थ के लिए कर्तव्य से च्युत होना पतन का कारण बनेगा। कभी भी धोखे से यह मत करना। भगवान ने कर्म की प्रेरणा दी, वह कर्म, जिसमें फल की इच्छा न हो। सीएम ने कहा कि बीज लगते ही हम फल की इच्छा करते हैं। बीज सही लगेगा तो पेड़ फलेगा और फल दे ही देगा। भगवान श्रीकृष्ण ने भी निष्काम कर्म की प्रेरणा दी।
निष्काम कर्म के प्रेरणास्रोत हैं सरसंघ चालक
सीएम योगी ने मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघ चालक डॉ. मोहन भागवत को निष्काम कर्म का प्रेरणास्रोत बताया। बोले-राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शताब्दी महोत्सव के कार्यक्रम से जुड़ रहा है। दुनिया से आए अंबेसडर, हाई कमिश्नर्स हमसे पूछते हैं कि आप लोगों का आरएसएस से जुड़ाव है, तब हम कहते हैं कि हां! हमने स्वयंसेवक के रूप में कार्य किया है। वे इसकी फंडिंग का पैटर्न पूछते हैं, तब हम बताते हैं कि यहां ओपेक के देश या इंटरनेशनल चर्च पैसा नहीं देता। यहां संगठन समाज के सहयोग से खड़ा हो रहा है और समाज के लिए हर क्षेत्र में समर्पित भाव से कार्य करता है। किसी भी पीड़ित की जाति, मत-मजहब, क्षेत्र, भाषा की परवाह किए बिना हर स्वयंसेवक उसकी सेवा को ही अपना कर्तव्य मानता है।
भगवान की वाणी श्रीमद्भगवदगीता नई प्रेरणा
सीएम योगी ने कहा कि राष्ट्र प्रथम के भाव के साथ हर पीड़ित संग खड़ा होना (जो भारत को परम वैभव तक ले जाने में सहायक हो सकता है) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रेरणा है। आरएसएस ने पिछले 100 वर्षों में सेवा के साथ कोई सौदेबाजी नहीं की, लेकिन कुछ लोगों ने दुनिया व भारत में सेवा को ही सौदे के माध्यम बनाया है। वे लोभ, लालच और दबाव से भारत की डेमोग्राफी को बदलने के लिए छल व छद्म का सहारा लेकर अपना ताना-बाना बदलकर भारत की आत्मा पर प्रहार करने का प्रयास कर रहे हैं। इन स्थितियों में भगवान की वाणी श्रीमद्भगवदगीता नई प्रेरणा बन सकती है।
भगवत ने कहीं ये बातें
वहीं दिव्य गीता प्रेरणा उत्सव में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए आरएसएस के सरसंघ चालक मोहन भागवत ने कहा कि श्रीमद भगवत गीता सभी स्रोतों के ज्ञान का सारांश है। गीता के 18 अध्याय के हर श्लोक में नई बात सीखने को मिलती है। धर्म के आधार पर लड़े गए हर युद्ध का परिणाम लाभकारी ही होता है।आज जैसे दुनिया लड़खड़ा रही थी वैसे महाभारत के दौरान अर्जुन लड़खड़ा रहे थे।अर्जुन के प्रश्न गंभीर थे, राज्य के लिए अपने ही वंधुओं को कैसे मारू। भगवान ने समझाया, धर्मयुद्ध है कर्म करो, यहां न अपना कोई न पराया।दुनिया में जय-विजय नियत है, गीता कहती है धर्म के लिए लड़ते रहो।भारत कभी विश्वगुरू था, परतंत्र में जीना पड़ा तब भी भारत था, अब भी है।




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