cm yogi performed rudrabhishek in gorakhnath temple puja havan with the wish for rashtra kalyan सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर में किया रुद्राभिषेक, जानें कैसे होता है महादेव का ये विशेष पूजन और हवन, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर में किया रुद्राभिषेक, जानें कैसे होता है महादेव का ये विशेष पूजन और हवन

  • सीएम योगी ने देवाधिदेव महादेव को विल्व पत्र, कमल पुष्प, दूर्वा, अनेकानेक पूजन सामग्री अर्पित करने कर बाद दूध, दही, घी, शर्करा और कई तीर्थ स्थलों के पवित्र जल से रुद्राभिषेक किया। विद्वत पुरोहितगण ने शुक्ल यजुर्वेद संहिता के रुद्राष्टाध्यायी के महामंत्रों द्वारा रुद्राभिषेक का अनुष्ठान पूरा कराया।

Fri, 3 Jan 2025 09:43 AMAjay Singh लाइव हिन्दुस्तान
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सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर में किया रुद्राभिषेक, जानें कैसे होता है महादेव का ये विशेष पूजन और हवन

Rudrabhishek in Gorakhnath temple: सीएम योगी आदित्‍यनाथ गोरखपुर में हैं। शुक्रवार की सुबह-सुबह उन्‍होंने महादेव से लोकमंगल की कामना के साथ गोरखनाथ मंदिर में रुद्राभिषेक किया। भगवान भोलेनाथ से उन्‍होंने राष्ट्र कल्याण और सभी नागरिकों के सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। पौष माह की शुक्ल पक्ष चतुर्थी (विनायक चतुर्थी) के मान में हुए रुद्राभिषेक अनुष्ठान की पूर्णता सीएम योगी ने हवन करके की। गोरखनाथ मंदिर स्थित पीठाधीश्वर आवास के प्रथम तल पर शक्तिपीठ में सीएम योगी ने देवाधिदेव महादेव को विल्व पत्र, कमल पुष्प, दूर्वा, अनेकानेक पूजन सामग्री अर्पित करने कर बाद दूध, दही, घी, शर्करा और कई तीर्थ स्थलों के पवित्र जल से रुद्राभिषेक किया। मठ के विद्वत पुरोहितगण ने शुक्ल यजुर्वेद संहिता के रुद्राष्टाध्यायी के महामंत्रों द्वारा रुद्राभिषेक का अनुष्ठान पूर्ण कराया। रुद्राभिषेक के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन किया। विधि विधान से पूर्ण हुए अनुष्ठान के बाद उन्होंने भगवान भोलेनाथ से राष्ट्र के कल्याण की प्रार्थना और समस्त नागरिकों के आरोग्यमय, सुखमय, समृद्धमय और शांतिमय जीवन की मंगलकामना की।

परंपरागत दिनचर्या के अनुसार सीएम योगी गोशाला में गए और कुछ देर तक वहां गो-सेवा की। सीएम आज गोरखपुर में मिनी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स का लोकार्पण करेंगे। इसके अलावा आज वह रैन बसेरे का जायजा लेंगे और जरूरतमंदों में कंबल का वितरण भी करेंगे। गोरखनाथ मंदिर में इन दिनों मकर संक्रांति से लगने वाले खिचड़ी मेला की तैयारियां जोरों पर हैं।

सीएम योगी ने प्रदेशवासियों के सुखमय, समृद्धमय और शांतिमय जीवन की मंगलकामना के साथ देवाधिदेव महादेव को विल्व पत्र, कमल पुष्प आदि अर्पित करते हुए रुद्राभिषेक किया। इसके बाद सीएम योगी ने मंदिर परिसर में आए सैकड़ों फरियादियों से मुलाकात की। उन्‍होंने एक-एक फरियादी के पास जाकर उनके प्रार्थना पत्र लिए और उनसे बात की। सीएम योगी ने वहां मौजूद अधिकारियों को लोगों की समस्‍याओं के तत्‍काल समाधान का आदेश दिया। सीएम जब कभी गोरखपुर आते हैं तो जनता दर्शन के तहत फरियादियों से जरूर मुलाकात करते हैं। लोग अपनी समस्‍याओं के समाधान का भरोसा लेकर सुबह-सुबह ही मंदिर पहुंच जाते हैं। जनता दर्शन में बड़ी आसानी से सीएम से उनकी मुलाकात होती है और समस्‍याओं का समाधान भी मिलता है।

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गोरखनाथ मंदिर में योग साधना

गोरखनाथ मंदिर में प्राचीन काल से अनवरत योग साधना चल रही है। मान्‍यता है कि गुरु गोरखनाथ कांगड़ा स्थित ज्वालादेवी के स्थान से भ्रमण करते हुए गोरखपुर आए थे। यहां उन्‍होंने राप्ती के तट पर तपस्या की थी और उसी स्थान पर अपनी दिव्य समाधि लगाई थी। गोरखनाथ मंदिर वहीं पर स्थित है। नाथ पंथ के प्रवर्तक गुरु गोरखनाथ का पुण्य स्थल होने के कारण ही गोरखपुर का ये नाम पड़ा। गोरखनाथ मंदिर में लगातार योग साधना चलती रहती है। सीएम योगी जब कभी गोरखपुर आते हैं तो मंदिर में पूजन-अर्चन के जरिए प्रदेश और देशवासियों के मंगल की कामना करते हैं।

मकर संक्रांति से लगेगा खिचड़ी मेला

गोरखनाथ मंदिर में मकर संक्रांति पर खिचड़ी चढाने के लिए लाखों श्रद्धालु जुटते हैं। वर्तमान में मंदिर में खिचड़ी मेला को लेकर जोरशोर से तैयारियां चल रही हैं। सीएम योगी ने गुरुवार को गोरखनाथ मंदिर में अधिकारियों की बैठक कर इन तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्‍होंने कहा कि खिचड़ी मेले की सभी तैयारियां समय से पूरी की जाएं जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की दिक्कत न होने पाए। सभी विभाग इसे प्राथमिकता में रखें।

क्‍या होता है रुद्राभिषेक

रुद्राभिषेक का अर्थ है रुद्र यानी भूतभावन शिव का अभिषेक। रुद्र और शिव एक-दूसरे के पर्यायवाची हैं। श‍िव को ही रुद्र कहा जाता है। धर्मग्रंथों के अनुसार रुद्रार्चन और रुद्राभिषेक से हमारी कुंडली के पातक कर्म और महापातक भी जलकर भष्‍म हो जाते हैं। इससे साधक में शिवत्‍व का उदय होता है। भक्‍तों को भगवान का शुभ आशीर्वाद प्राप्‍त होता है और उनके सभी मनोरथ पूरे होते हैं। मान्‍यता है कि एकमात्र सदाशिव रुद्र के पूजन से ही सभी देवताओं की पूजा स्‍वत: हो जाती है।

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