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पूर्वी यूपी में अब एआई और ड्रोन टेक्नोलॉजी के गुर सीख सकेंगे युवा, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का लोकार्पण

सीएम योगी ने गोरखपुर में पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले अत्याधुनिक 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' (CoE) का लोकार्पण किया। यह केंद्र एआई, साइबर सिक्योरिटी, ड्रोन टेक्नोलॉजी और डेटा साइंस जैसे क्षेत्रों में युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगा।

Thu, 16 April 2026 07:17 AMYogesh Yadav लाइव हिन्दुस्तान, गोरखपुर
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पूर्वी यूपी में अब एआई और ड्रोन टेक्नोलॉजी के गुर सीख सकेंगे युवा, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का लोकार्पण

UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को पूर्वी उत्तर प्रदेश के युवाओं को उभरती प्रौद्योगिकी (इमर्जिंग टेक्नोलॉजी) के शिक्षण-प्रशिक्षण के लिए एक बड़ी सौगात दी। उन्होंने गोरखपुर में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की तरफ से संचालित महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमपीआईटी) में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) फाउंडेशन के सहयोग से बने पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) का लोकार्पण किया। इसके खुलने से पूर्वी यूपी में ही युवा अब एआई और ड्रोन टेक्नोलॉजी के गुर सीख सकेंगे। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन और टीसीएस के सीईओ के. कृतिवासन की उपस्थिति में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने खुद को देश के अंदर न केवल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदेश के रूप में बल्कि मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में भी स्थापित किया है।

सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जो परिवर्तन देखने को मिल रहा है, वैसा नौ वर्ष पहले हो पाना कठिन था। तब सड़कें अच्छी नहीं थीं, बिजली का अता-पता नहीं था। सुरक्षा संकट में थी। नीतियां नहीं थीं। न नीति थी, न ही नियति। स्वाभाविक रूप से सुरक्षा का माहौल न होने और नीति न होने के कारण निवेश भी नहीं होता था। जब निवेश नहीं होगा तो स्वाभाविक रूप से रोजगार भी नहीं मिलेगा। यही स्थिति तब यूपी की थी लेकिन आज का यूपी हरेक क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे टेक्नोलॉजी के पास जितना नजदीक जाएंगे, टेक्नोलॉजी से खुद को जोड़कर आगे बढ़ेंगे तो टेक्नोलॉजी उतनी ही आपके हाथों का खिलौना बनेगी। नौजवान जब टेक्नोलॉजी के साथ जुड़ेंगे, पारंगत बनेंगे तो उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, नवाचार सहित हरेक क्षेत्र में आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं की पूर्ति करेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

सीएम योगी ने इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के लिए पूर्वी उत्तर प्रदेश का पहला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने में सहयोग के लिए टाटा समूह के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह सेंटर वर्तमान और भविष्य की इमर्जिंग टेक्नोलॉजी की आवश्यकताओं की पूर्ति करने में सहायक होगा। इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकसित और आत्मनिर्भर भारत के रोडमैप को एक महत्वपूर्ण प्लेटफार्म मिलेगा।

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इस सेंटर को एआई, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी, स्पेस टेक्नोलॉजी, थ्री डी प्रिंटिंग, स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे डिजिटल युग की जरूरतों पर विशेष फोकस करते हुए आगे बढ़ाया जा रहा है। यह सेंटर आफ एक्सीलेंस तकनीकी उन्नयन, रिसर्च, इनोवेशन, स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर की दृष्टि से युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि एमपीआईटी में स्थापित यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पीएम मोदी की डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, मेक इन इंडिया की मुहिम को भी आगे बढ़ाने में प्रभावी भूमिका का निर्वहन करेगा।

युवाओं, किसानों और महिलाओं के लिए टेक्नोलॉजी की नई ज्योति

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस गोरखपुर, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमोत्तर बिहार और नेपाल की तराई से जुड़े नौजवानों, अन्नदाता किसानों और महिलाओं के लिए टेक्नोलॉजी की ज्योति बनकर आया है। यह न केवल पूर्वी उत्तर प्रदेश, बल्कि भारत के विकास के लिए एक नया प्रकाश देने का माध्यम बनेगा। उन्होंने प्रसन्नता जताई कि यह सेंटर ऐसे क्षेत्र (पूर्वी उत्तर प्रदेश) में बना है जिसे कभी उत्तर प्रदेश का सबसे बैकवर्ड एरिया माना जाता था। उस क्षेत्र में अब, युवा, किसान और नारी शक्ति तकनीकी दृष्टि से सशक्त होकर पीएम मोदी के विजन के अनुरूप पूरे क्षेत्र की समृद्धि में योगदान देंगे।

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एमपी शिक्षा परिषद की स्थापना और इसके योगदान का किया उल्लेख

अपने संबोधन में सीएम योगी ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना और इसके योगदान का भी उल्लेख किया। बताया कि देश जब परतंत्र था तब 1932 में तत्कालीन गोरक्षपीठाधीश्वर महंत श्रीदिग्विजयनाथ जी महाराज ने गोरखपुर में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना की। यह वही शिक्षा परिषद है जिसने जब पूर्वी उत्तर प्रदेश के अंदर पहले, गोरखपुर विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए अपने दो संस्थान सरकार को देकर विश्वविद्यालय का शुभारंभ कराया। उन्होंने कहा कि इसी शिक्षा परिषद के उपक्रम महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में टाटा ग्रुप के सहयोग से शानदार सेंटर आफ एक्सीलेंस यहां के युवाओं के लिए प्राप्त हुआ है।

नॉलेज पावर हाउस बन रहा गोरखपुर

सीएम योगी ने कहा कि एक समय था जब पूर्वी उत्तर प्रदेश सबसे पिछड़ा माना जाता था। जबकि आज पीएम मोदी की प्रेरणा से यह क्षेत्र आगे बढ़ता हुआ, नॉलेज पावर हाउस के रूप में अपने आप को स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि गोरखपुर में चार पूर्ण क्रियाशील विश्वविद्यालय कार्यरत हैं। इसके साथ ही अभी कुछ दिन पहले भारत सरकार के सहयोग से सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क की भी स्थापना गोरखपुर में की गई है।

एक्सप्रेसवे प्रदेश बना उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि नौ वर्ष में यूपी ने खुद को एक्सप्रेसवे प्रदेश के रूप में स्थापित किया है। देश मे 55 प्रतिशत एक्सप्रेसवे यूपी के पास है। गंगा एक्सप्रेसवे इसी माह हम राष्ट्र को समर्पित करवाने जा रहे हैं। तब उत्तर प्रदेश का देश के एक्सप्रेसवे में 60 फीसद हिस्सा होगा। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के हाथों मंगलवार को लोकार्पित दिल्ली-देहरादून आर्थिक कॉरिडोर का 65 से 70 फीसद भूभाग भो उत्तर प्रदेश से होकर जाता है।

यूपी और प्रौद्योगिकी, दोनों में अनलिमिटेड पोटेंशियल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा यूपी और प्रौद्योगिकी, दोनों में अनलिमिटेड पोटेंशियल है। यूपी की पोटेंशियल को आगे बढ़ाने में प्रौद्योगिकी बड़ी भूमिका का निर्वहन कर सकती है। सरकार की तरफ से उसी के अनुरूप वातावरण बनाने का परिणाम है कि भारत के अंदर 55 फीसद मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग अकेले उत्तर प्रदेश में हो रही है और बड़ी संख्या में रोजगार मिल रहा है। इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट 55 से 60 फ़ीसद उत्तर प्रदेश में बन रहा है। 96 लाख से अधिक एमएसएमई यूपी के पास है। वर्तमान में 32000 से अधिक बड़े कारखाने उत्तर प्रदेश के अंदर संचालित हैं। 22000 से अधिक स्टार्टअप उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में योगदान दे रहे हैं।

बुंदेलखंड में 56000 एकड़ में बन रही नई इंडस्ट्रियल सिटी

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में एनसीआर आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का हब बना है। कानपुर लेदर और ड्रोन टेक्नोलॉजी हब बना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश एग्रीटेक और एमएसएमई का हब बन रहा है। लखनऊ डिफेंस कॉरिडोर के रूप में विकसित हो रहा है। बुंदेलखंड में 56000 एकड़ में एक नई इंडस्ट्रियल सिटी, फ्यूचर रेडी इंडस्ट्रियल टाउनशिप और फार्मा पार्क की स्थापना की जा रही है।

एआई आज के समय की आवश्यकता

सीएम योगी ने कहा कि एआई आज के समय की आवश्यकता है। हम सबको इसमें अपने आपको पीछे नहीं करना है। उन्होंने एमपीआईटी के निदेशक और फैकल्टी का आह्वान किया कि वे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में युवाओं के लिए अलग-अलग प्रकार के सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और डिग्री कोर्स बनाएं जो उन्हें उनके लक्ष्य की ओर आगे बढ़ाए।

सीओई का भ्रमण कर अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं की जानकारी ली सीएम ने

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन व टीसीएस के सीईओ के. कृतिवासन के साथ सीओई का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच लोकार्पण करने के बाद अत्याधुनिक भवन एवं लैब्स (प्रयोगशालाओं) का भ्रमण कर निरीक्षण किया। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लैब, साइबर सिक्योरिटी लैब, ड्रोन टेक्नोलॉजी लैब, थ्री डी प्रिंटिंग लैब की व्यवस्थाओं, सुविधाओं और कार्यप्रणाली की जानकारी ली। मुख्यमंत्री को बताया गया कि यह सीओई ‘एआई फॉर आल’ की अवधारणा पर आधारित है, जिसके माध्यम से तकनीकी को समाज के हर वर्ग तक सुलभ बनाया जाएगा।

नवाचारों का प्रदर्शन देखा मुख्यमंत्री और टाटा संस के चेयरमैन ने

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री, टाटा संस के चेयरमैन और अन्य अतिथियों के समक्ष चयनित स्टार्टअप्स ने नवाचारों का प्रदर्शन किया। स्टार्टअप्स का अवलोकन और इनसे जुड़े युवाओं से संवाद करने के बाद सीएम योगी ने नवाचरियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भविष्य में स्टार्टअप इन्क्यूबेशन तथा उ‌द्यमिता विकास का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। इससे पूर्वांचल में नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

एमपीआईटी के विजन डॉक्यूमेंट का हुआ अनावरण

सीओई के लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन और अन्य अतिथियों ने एमपीआईटी के विजन डॉक्यूमेंट तथा इनक्लूसिव एआई फॉर यूपी के विजन डॉक्यूमेंट का अनावरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के समक्ष एमपीआईटी और विभिन्न संस्थानों के मध्य एमओयू का आदान प्रदान भी हुआ।

एआई फॉर आल अवेयरनेस प्रोग्राम और एआई फॉर फार्मर्स कोर्स का भी शुभारंभ

एमपीआईटी में सीओई के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान टीसीएस आई-ऑन के सहयोग से ‘एआई फॉर आल’ एवं साइबर सिक्योरिटी अवेयरनेस प्रोग्राम (21 घंटे का ऑनलाइन कोर्स) का भी शुभारंभ सीएम योगी द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एआई फॉर फार्मर्स कोर्स का भी शुभारंभ किया।

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