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उन्हें सिर नहीं उठाने देना है, सीएम योगी की हुंकार; बोले-विभाजनकारी शक्तियां...

सीएम योगी ने कहा कि विभाजनकारी ताकतें बांटेंगी, लेकिन गुलामी कालखंड का स्मरण करते हुए उन्हें सिर उठाने का अवसर नहीं देना है। संतों की दिव्य साधना से प्राप्त सिद्धि का प्रतिफल देश को मिलेगा। हम सभी को देश की एकता और संप्रभुता के लिए एकजुट होकर कार्य करना होगा।

Sun, 1 Feb 2026 09:27 PMAjay Singh विशेष संवाददाता, लखनऊ
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उन्हें सिर नहीं उठाने देना है, सीएम योगी की हुंकार; बोले-विभाजनकारी शक्तियां...

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि सभी के मन में महापुरुषों, संतों के प्रति मन में श्रद्धा व आदर का भाव होना चाहिए। विभाजनकारी ताकतें बांटेंगी, लेकिन गुलामी कालखंड का स्मरण करते हुए उन्हें सिर उठाने का अवसर नहीं देना है। संतों की दिव्य साधना से प्राप्त सिद्धि का प्रतिफल देश को मिलेगा। हम सभी को देश की एकता व संप्रभुता के लिए एकजुट होकर कार्य करना होगा।

सीएम ने ये बातें रविवार को संत शिरोमणि सद्गुरु रविदास की 649वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में कहीं। मुख्यमंत्री ने बाराबिरवा, कानपुर रोड स्थित संत रविदास मठ में संत रविदास की प्रतिमा व सभागार का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास का प्रकटीकरण 649 वर्ष पहले काशी के सीर गोवर्धन में हुआ था। इतने वर्षों के बाद भी उनकी दिव्य आभा से आलोकित होकर यह समाज ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण की दिशा में बढ़ रहा है।

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लोक कल्याण के प्रति आग्रही बनाती है संत रविदास की प्रेरणा

उन्होंने कहा कि प्रदेश में सनातन धर्म से जुड़े धर्मस्थलों-महर्षि वाल्मीकि का लालापुर, संत तुलसीदास का राजापुर, मां विंध्यवासिनी धाम, चित्रकूट, अयोध्या, शुकतीर्थ, नैमिषारण्य, मथुरा-वृंदावन, भगवान बुद्ध से जुड़े बौद्ध सर्किट समेत लगभग 1200-1500 स्थानों के पुनरोद्धार के कार्य किए गए। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने सबका प्रयास, सबका विकास की प्रेरणा दी। सबके प्रयास से सबका विश्वास अर्जित करते हुए आगे बढ़े। मुख्यमंत्री ने कहा है कि संत रविदास का जब धराधाम पर प्रकटीकरण पर हुआ, तब देश विदेशी आक्रांताओं से त्रस्त था। उन्होंने उस समय भी साधना की पवित्रता और उसे कर्म की साधना के रूप में बदलने का कार्य किया था। उन्होंने प्रत्येक नागरिक को वैष्णव परंपरा के अनुरूप जिस उपासना के लिए प्रेरित किया, वह जीवन में कर्म की प्रधानता, मन की शुद्धता को महत्व देता है और लोककल्याण के प्रति आग्रही बनाता है।

संतों ने समाज को जोड़ने का किया कार्य

मुख्यमंत्री ने संत रविदास के वक्तव्य ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ का जिक्र किया और कहा कि सब कुछ कर्म पर निर्भर करता है। अच्छा कर्म करेंगे तो अच्छा और बुरा कर्म करेंगे तो बुरा फल पाएंगे। संत रामानंद से दीक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने कर्म साधना के माध्यम से लोक कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया। मुख्यमंत्री ने समाज में भेदभाव का आरोप लगाने वालों को भी आईना दिखाया। बोले-जगद्गुरु रामानंदाचार्य ने समाज को जोड़ने के लिए मध्य काल में अलग-अलग जातियों से 12 शिष्य बनाए। समाज को जोड़ने का जितना बड़ा कार्य उस कालखंड में संतों ने किया, वह अद्भुत था। वर्तमान भारत का निर्माण उसी नींव पर हुआ है। गुलामी के बंधन को तोड़ने में वही हमारी प्रेरणा रही है।

व्यर्थ नहीं जाती संत की वाणी

मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास ने प्रेरणा दी कि ऐसा राज होना चाहिए, जहां सभी को अन्न प्राप्त हो, कोई भूखा न सोए। हर व्यक्ति को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिले। संत की वाणी कभी व्यर्थ नहीं होती। मुगलों, अंग्रेजों व आजादी के बाद की विभिन्न सरकारों ने संत रविदास की प्रेरणा को भुला दिया, लेकिन 2014 में सरकार बनने के बाद पीएम मोदी ने गरीबों के बैंक खाते खुलवाए, जिससे शासन की योजनाओं का लाभ सीधे उनके खाते में मिले। गरीबों को शौचालय, पीएम आवास, रसोई गैस, फ्री बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराए। हर जरूरतमंद को राशन व स्वास्थ्य सुविधा का लाभ प्रदान किया गया। ‘सबका साथ-सबका विकास’ के प्रेरणा की तह में सद्गुरु रविदास की ही प्रेरणा है।

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डबल इंजन सरकार ने महापुरुषों के प्रति ज्ञापित की कृतज्ञता

सभागार के लोकार्पण पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महापुरुषों के प्रति श्रद्धा रखती है। सभागार बनने से सर्दी-गर्मी, बरसात में भी कार्यक्रम करने के लिए समिति को कष्ट नहीं उठाना पड़ेगा। भजन मंडली, भक्त, वक्ता सभी बैठकर एक साथ कार्यक्रम कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि सीर गोवर्धन में आज देश भर से लगभग दो लाख श्रद्धालु आए हैं। वर्ष 2017 के पहले वहां जाने का रास्ता और लंगर हॉल नहीं था। पीएम मोदी की प्रेरणा से डबल इंजन सरकार ने उनकी जन्मभूमि को फोरलेन सड़क से जोड़ दिया। काफी बड़ी जमीन को कोर्ट से जीता गया, उसका पैसा गरीबों को उपलब्ध कराया और उस जमीन को संत रविदास के नाम पर खरीद कर जमीन उपलब्ध कराई गई। लंगर हॉल बनवाया, जिससे 50 हजार लोग लंगर छक सकते हैं। पांच किमी दूर से भी संत रविदास की मूर्ति दिखाई देती है। वहां धाम का भव्य स्वरूप है। यह हमारे लिए केवल नारा नहीं था, बल्कि संत रविदास प्रेरणा के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का माध्यम था, जिसे भाजपा की डबल इंजन सरकार ने काशी में करके दिखाया।

मुख्यमंत्री ने दी माघ पूर्णिमा की बधाई

मुख्यमंत्री ने माघ पूर्णिमा की बधाई देते हुए कहा कि मां गंगा सभी की मनोकामना पूर्ण करें। प्रयागराज में लाखों कल्पवासी एक महीने से साधनारत और भगवत भजन में लीन थे। वे साधना का एक माह पूरा कर मां गंगा, यमुना व सरस्वती के आशीर्वाद से आस्था की डुबकी लगा कर फिर घर को प्रस्थान करेंगे। यही संतों की प्रेरणा व भारत की सनातन परंपरा है। सर्दी, गर्मी व बारिश की परवाह किए बिना कठिन साधना से जूझते हुए तपा हुआ शरीर ही संकट के समय चुनौती का सामना करने के लिए खुद को तैयार कर पाएगा।

सदैव प्रेरणा प्रदान करते रहेंगे संत रविदास

मुख्यमंत्री ने संत रविदास की दिव्य वाणी-दिव्य सिद्धि का उदाहरण दिया। बोले कि संत रविदास के सहयोगियों ने उनसे कहा कि चलो, गंगा स्नान करते हैं। इस पर संत रविदास ने कहा कि मेरे पास आज अधिक काम आ गया है, मेरी ओर से मां गंगा को दमड़ी चढ़ा देना। अन्य संतों ने स्नान व पूजा-अर्चना की, लेकिन उन्होंने जैसे ही संत रविदास की दमड़ी चढ़ाई तो मां गंगा ने प्रकट होकर दक्षिणा स्वीकार की। मां गंगा ने कहा कि वो मेरा सच्चा भक्त है। जैसी चाह, वैसी राह। जैसा मन में रखेंगे, वैसे ही परिणाम आएंगे। संत रविदास की प्रेरणा ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ बनाने के लिए सदैव प्रेरणा प्रदान करती रहेगी।

इस मौके पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, विधान परिषद सदस्य लाल जी प्रसाद निर्मल, विधायक अमरेश कुमार, भाजपा के महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य सरदार परविंदर सिंह, संत रविदास सेवा समिति के अध्यक्ष हरीशचंद, महामंत्री संतोष कुमार, राकेश कुमार आदि मौजूद रहे।

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