cm yogi adityanath gives a direct warning to criminals said aparaadh kiya to bachoge nahin यूपी में अपराध किया तो बचोगे नहीं, कीमत चुकानी होगी; क्रिमिनलों को योगी की सीधी चेतावनी, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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यूपी में अपराध किया तो बचोगे नहीं, कीमत चुकानी होगी; क्रिमिनलों को योगी की सीधी चेतावनी

सीएम योगी ने कहा कि देश के सबसे अधिक आबादी वाले यूपी में 2017 से पहले केवल चार फॉरेंसिक साइंस लैब थीं। सरकार बनने के बाद हर कमिश्नरी में एक लैब स्थापित करने का निर्णय लिया गया। 8 सालों में लैब्स की संख्या बढ़कर 12 हो गई है। 6 नई लैब्स निर्माणाधीन हैं और जल्द ही हर कमिश्नरी में यह सुविधा उपलब्ध होगी।

Tue, 18 Nov 2025 01:43 PMAjay Singh वरिष्ठ संवाददाता, गोरखपुर
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यूपी में अपराध किया तो बचोगे नहीं, कीमत चुकानी होगी; क्रिमिनलों को योगी की सीधी चेतावनी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 के बाद का नया उत्तर प्रदेश अपराध को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करता। कोई यहां अपराध करने की जुर्रत करता है तो उसे हर हाल में उसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। यूपी में वह दौर समाप्त हो चुका है जब पीड़ित भटकता था और अपराधी मौज-मस्ती करते थे। अब प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति और फॉरेंसिक साइंस लैब्स के जरिए साक्ष्य संकलन की मजबूत व्यवस्था ने अपराधियों के बचने की सभी संभावनाएं खत्म कर दी हैं।

मुख्यमंत्री मंगलवार को गोरखपुर में बी से ए क्लास में उच्चीकृत क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला (आरएफएसएल) के छह मंजिला हाईटेक भवन के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। 72.78 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस अत्याधुनिक भवन का उद्घाटन कर उन्होंने सुविधाओं का निरीक्षण भी किया।

सीएम योगी ने कहा कि देश के सबसे अधिक आबादी वाले राज्य में 2017 से पहले केवल चार फॉरेंसिक साइंस लैब थीं। सरकार बनने के बाद हर कमिश्नरी में एक लैब स्थापित करने का निर्णय लिया गया, जिसके परिणामस्वरूप आठ वर्षों में लैब्स की संख्या बढ़कर 12 हो गई है। छह नई लैब्स निर्माणाधीन हैं और जल्द ही हर कमिश्नरी में यह सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि हर जिले में फॉरेंसिक साक्ष्य संकलन के लिए दो-दो मोबाइल वैन मुहैया कराई गई हैं, जिससे कुछ ही घंटों में पुख्ता साक्ष्य इकट्ठे किए जा पा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के पहले अच्छे फॉरेंसिक इंफ्रास्ट्रक्चर के अभाव में कई मामलों में अपराधी बच निकलते थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में लागू भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और भारतीय साक्ष्य संहिता 2023 के बाद फॉरेंसिक जांच की भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है। नए कानूनों में सात साल से अधिक दंड वाले अपराधों में फॉरेंसिक जांच को अनिवार्य किया गया है।

फॉरेंसिक साइंस लैब्स से युवाओं को मिलेगा रोजगार

सीएम योगी ने कहा कि फॉरेंसिक साइंस लैब्स न सिर्फ अपराध नियंत्रण का सशक्त माध्यम हैं, बल्कि युवाओं के लिए नए रोजगार भी सृजित कर रही हैं। इसके लिए लखनऊ में यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस की स्थापना की गई है, जहां लैब टेक्नीशियन के लिए सर्टिफिकेट, साक्ष्य विश्लेषण के लिए डिप्लोमा और विशेषज्ञों के लिए डिग्री कोर्स शुरू किए गए हैं। संस्थान में एडवांस डीएनए डायग्नोस्टिक लैब, एआई, ड्रोन और रोबोटिक लैब की सुविधाएं उपलब्ध हैं।

मॉडर्न पुलिसिंग के लिए गेम चेंजर

उन्होंने कहा कि गोरखपुर की अपग्रेडेड फॉरेंसिक साइंस लैब में सभी अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद होंगी, जो सटीक और त्वरित जांच सुनिश्चित करेंगी। यह मॉडर्न पुलिसिंग के लिए गेम चेंजर साबित होगी और लोगों को समय से न्याय मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार साइबर फॉरेंसिक को वैश्विक मानक तक ले जाने के लक्ष्य के साथ काम कर रही है।

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