आशुतोष ब्रह्मचारी की नाक काटने की कोशिश, स्वाति अघोरी ने ली जिम्मेदारी; क्या है शंकराचार्य कनेक्शन?
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर केस लिखाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पर रीवा एक्सप्रेस में हमला हो गया है। आरोप है कि किसी ने उनकी नाक काटने की कोशिश की। जीआरपी इस मामले की जांच में जुटी है। ब्रह्मचारी की मेडिकल जांच भी कराई गई है। स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली गई है। जानें अब तक का अपडेट।

UP News: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Swami Avimukteshwaranand) के खिलाफ पॉक्सो का मुकदमा दर्ज करने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी (Ashutosh Brahmachari) पर रविवार की सुबह पांच बजे रीवा एक्सप्रेस में सफर के दौरान हमला करने का मामला सामने आया। हमलावर ने उनकी नाक काटने की कोशिश की और उनके चेहरे पर वार किए। आशुतोष ब्रह्मचारी ने किसी तरह ट्रेन के टॉयलेट में खुद को बंद कर अपनी जान बचाई। प्रयागराज जंक्शन पर ट्रेन पहुंचने पर उन्होंने जीआरपी थाने में साजिश रचने और हमला करने की शिकायत की। जीआरपी ने आशुतोष ब्रह्मचारी का मेडिकल परीक्षण कराया। बताया जा रहा है कि इसमें शार्प इंजरी यानी धारदार हथियार से हमले की पुष्टि नहीं हुई। देर रात मेडिकल रिपोर्ट आने पर जीआरपी ने वीएनएस की धारा 118-1 के तहत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। हमलावर की तलाश के लिए रेलवे स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। हालांकि अभी तक कोई संदिग्ध नजर नहीं आया है। उधर, आशुतोष ब्रह्रचारी पर हमले के बाद सोशल मीडिया पर स्वाति अघोरी द्वारा जिम्मेदारी लेने की बात भी सामने आई है। हालांकि ‘लाइव हिन्दुस्तान’ इसकी पुष्टि नहीं करता हे।
आशुतोष ब्रह्मचारी अपने साथी सुधांशु के साथ गाजियाबाद से प्रयागराज के लिए रीवा एक्सप्रेस के एसी कोच में सफर कर रहे थे। रविवार सुबह करीब पांच बजे ट्रेन सिराथू रेलवे स्टेशन के पास पहुंची थी कि वह बाथरूम जाने लगे। आरोप है कि उसी वक्त अज्ञात हमलावर ने उन पर हमला बोल दिया। आशुतोष ब्रह्मचारी का आरोप है कि हमलावर ने सीधे उनके चेहरे पर धारदार हथियार से हमला किया। उनकी नाक और चेहरे पर चोटें आई है। खून निकलने लगा। इससे पहले की हमलावर उन पर अगला वार करता, वे बाथरूम में घुस गए और दरवाजा बंद कर लिया। वहीं से जीआरपी कंट्रोल रूम को फोनकर हमले की सूचना दी।
फुटेज में नजर नहीं आया हमलावर, किसने की मुखबिरी
आशुतोष ब्रह्मचारी पर हमला करने वाला सीसीटीवी फुटेज में अभी तक नजर नहीं आया है। दूसरा सवाल ये है कि हमलावर को कैसे पता चला कि आशुतोष रीवा एक्सप्रेस में सफर कर रहे हैं। क्या वह बाथरूम तक पहुंचने का इंतजार कर रहा था। आखिर किसने सटीक मुखबिरी की। इन सवालों के जवाब तलाशने में जुटी जीआरपी ने सिराथू से लेकर प्रयागराज जंक्शन तक का सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कर लिया है। गाजियाबाद में भी ट्रेन में चढ़ने वालों की फुटेज जांची जाएगी।
इस हाईप्रोफाइल मामले की जांच कर रही जीआरपी ने ट्रेन के प्रयागराज जंक्शन पर पहुंचते ही तफ्तीश शुरू कर दी। सिराथू रेलवे स्टेशन पर लगे कैमरों की जांच की गई, लेकिन कोई भी संदिग्ध व्यक्ति उस वक्त ट्रेन में चढ़ते व उतरते हुए नजर नहीं आया। इसके बाद उन्होंने ट्रेन के कर्मचारियों से पूछताछ की। इसी क्रम में ट्रेन में ड्यूटी पर मौजूद रहे सीआईटी मुस्ताक अहमद से पूछताछ की। मुस्ताक अहमद ने जीआरपी को बताया कि रविवार सुबह करीब सवा पांच बजे उन्हें अटेंडेंट ने बताया कि एच-वन कोच में एक यात्री पर हमला हुआ है। वह पहुंचे तो प्राथमिक उपचार की सलाह दी और कहा कि नाक पर पट्टी कर देंगे लेकिन आशुतोष ब्रह्मचारी ने इनकार कर दिया। वे बोले कि प्रयागराज पहुंचने पर इलाज होगा। यह भी बताया कि उस वक्त ट्रेन के दरवाजे बंद थे। किसी यात्री को हमले के बारे में भनक नहीं लगी थी।
‘21 लाख रुपये के लिए काटना चाहता था नाक’
आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया है कि एक व्यक्ति ने सार्वजनिक मंच से उनकी नाक काटने पर 21 लाख रुपये देने की घोषणा की थी। उसी वजह से हमला किया गया है। जीआरपी थाने में दी गई तहरीर के मुताबिक, आशुतोष ब्रह्मचारी ने अविमुक्तेश्वरानंद और मुकुंदानंद के खिलाफ नाबालिगों के यौन शोषण का मुकदमा झूंसी थाने में दर्ज कराया है। इसके कारण अविमुक्तेश्वरानंद, मुकुंदानंद, प्रकाश उपाध्याय, दिनेश शर्मा ने उनकी नाक काटने की योजना बनाई। इन्हीं आरोपियों के कहने पर दिनेश शर्मा निवासी मथुरा ने उनकी नाक काटने पर 21 लाख रुपये देने की घोषणा की थी। इसी कारण रविवार सुबह पांच बजे ट्रेन में सिराथू स्टेशन के पास युवक ने धारदार हथियार से उनकी नाक काटने की कोशिश की। अगर वे बाथरूम में घुसकर दरवाजा बंद न करते तो युवक उनकी हत्या कर देता।
रिपोर्ट में धारदार हथियार से हमले की पुष्टि नहीं
जीआरपी ने रविवार को कॉल्विन अस्पताल में आशुतोष ब्रह्मचारी का मेडिकल परीक्षण कराया। जीआरपी ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट में शार्प इंजरी यानी धारदार हथियार से हमले की पुष्टि नहीं हुई। चोट के बारे में खरोज बताया गया है। इसके बाद डॉक्टर ने एक्सरे कराया जिसमें कोई चोट की पुष्टि नहीं हुई। आखिर में नाक, कान और गला विशेषज्ञ ने सीटी स्कैन कराने की सलाह दी। इस रिपोर्ट में भी कोई गंभीर चोट के निशान नहीं मिले। बताया जा रहा है कि इसी रिपोर्ट के आधार पर पुलिस मुकदमे में जानलेवा हमले की धाराएं नहीं लगाई। चोट के आधार पर धारा 118-1 के तहत जीआरपी ने मुकदमा दर्ज किया है। बता दें, आशुतोष ब्रह्मचारी को इससे पहले भी ट्रेन में बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। आशुतोष 18 नवंबर 2024 को ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस से प्रयागराज आ रहे थे। रास्ते में उन्हें पाकिस्तान से कॉल करके धमकी दी गई थी। धमकी देने वाले ने ऑडियो मैसेज भेजे। उसमें हाईकोर्ट ओर सप्रीम कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी।
स्वाति ने मैसेज कर ली जिम्मेदारी
आशुतोष ब्रह्मचारी पर हमले के बाद सोशल मीडिया पर स्वाति अघोरी की ओर से जिम्मेदारी लेने की बात सामने आई है। हालांकि ‘लाइव हिन्दुस्तान’ इसकी पुष्टि नहीं करता। आशुतोष ब्रह्माचारी के व्हाट्सएप ग्रुप में इसे शेयर भी किया गया है। बताया जा रहा है कि डॉ. स्वाति अघोरी के नाम से बने फेसबुक एकाउंट पर लिखा है कि आशुतोष ब्रह्मचारी पर जो भी हमला हुआ है, उसमें वह बच गया। भगोड़ा ट्रेन के शौचालय में घुस गया था। बोला था न मेरे लोगों के हत्थे न चढ़ जाना।




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