पंचायत चुनाव से पहले बनारस में बवाल, प्रधानी की रंजिश में भिड़े, पथराव, पुलिस जीप में तोड़फोड़
प्रधानी चुनाव की रंजिश में बनारस में बवाल हो गया है। प्रधान के परिवार और दूसरे गुट में जमकर मारपीट हो गई। पुलिस पर एक पक्षीय कार्रवाई का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर दिया। पुलिस ने लाठी भांजी तो ग्रामीण आक्रोशित हो गए।

यूपी में कुछ समय बाद ही पंचायत चुनाव होने हैं। इससे पहले रविवार की देर रात प्रधानी चुनाव की रंजिश में बनारस में बवाल हो गया। गंगापार स्थित रामनगर के सुल्तानपुर गांव में प्रधान के परिवार और दूसरे गुट में जमकर मारपीट हो गई। पुलिस पर एक पक्षीय कार्रवाई का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर दिया। दोपहर बाद सड़क जाम कर ग्रामीण धरने पर बैठ गए। दिन की रोशनी में तो पुलिस ने कुछ नहीं किया। देर रात चक्काजाम खत्म करने के लिए लाठी भांजी तो ग्रामीण भड़क गए। पुलिस पर पथराव कर दिया। पुलिस की जीप तोड़ दी। पथराव में कांस्टेबल समेत आठ पुलिसकर्मी चोटिल हुए हैं। देर रात पुलिस ने तगड़ा एक्शन लिया और गांव के 27 पुरुष और 10 महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया। उन पर हत्या का प्रयास, बलवा और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने समेत कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
एक पक्ष के विशेष कुमार मौर्य का आरोप है कि प्रधानपति मनोज मौर्य पंचायत चुनाव को लेकर रंजिश रखते हैं। रविवार को जलापूर्ति नहीं होने पर उनके ट्यूबेल ऑपरेटर भतीजे से शिकायत करने उनके घर पहुंचे। वहां दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। इसमें विशेष, रोहित सहित अन्य लोगों को चोटें आईं। इसकी सूचना विशेष ने 112 नम्बर पर दी। पुलिस दोनों पक्षों थाने ले आई।
सत्ता पक्ष के दबाव में पुलिसिया कार्रवाई
आरोप है कि सत्ता पक्ष के दबाव में पुलिस ने घायल रोहित, विशेष मौर्य का मेडिकल भी नहीं कराया और थाने पर बैठा लिया। प्रधान रितु मौर्या और उनके भतीजे का मेडिकल कराकर विपक्षी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। इससे आक्रोशित सैकड़ों लोगों ने थाने का घेराव कर दिया। इनमें महिलाएं भी थीं। थाने पर सुनवाई नहीं होने पर दुर्गा मंदिर-लंका मार्ग को दोनों ओर बल्ली लगाकर बंद कर दिया और धरने पर बैठ गए।
लाठी भांजते ही भगदड़, फिर पथराव
मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी निरीक्षक दुर्गा सिंह एवं पुलिसकर्मियों को देखते ही महिलाएं भड़क गईं। ग्रामीण पुलिस अधिकारी को बुलाने, पकड़े गए लोगों को छोड़ने, प्रधानपति, उनके भतीजे पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। दिनभर ऐसे ही चलता रहा। रात करीब 9 बजे एसीपी कोतवाली डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी पहुंचे। पुलिस ने धरना दे रहे लोगों पर लाठी फटकारी तो भगदड़ मच गई। इसके बाद ग्रामीणों ने भी पथराव कर दिया। इसमें कई पुलिस वाले घायल हो गए।
फोर्स के साथ गांव में घुसे अधिकारी
बवाल के बाद देर रात ही डीसीपी काशी, एसीपी कोतवाली पुलिस एवं पीएसी बल के साथ गांव में घुसे। पुलिस पर पथराव करने वालों की गिरफ्तारी के लिए देर रात तक दबिश जारी थी। कुछ परिवार घरों पर ताला लगाकर भाग गए। जबकि कई लोगों ने खुद को अंदर बंद कर लिया था।




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