नहर के समान बह रहा गांव में नाबदान का पानी
Chandauli News - बरहनी विकास खंड के मनराजपुर गांव में जलनिकासी की समस्या गंभीर हो गई है। घरों से निकलने वाले नाबदान का पानी सड़क किनारे जमा हो रहा है, जिससे दुर्गंध और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या दशकों पुरानी है, लेकिन समाधान नहीं हुआ है।
सैयदराजा, हिन्दुस्तान संवाद। बरहनी विकास खंड के मनराजपुर गांव में जलनिकासी की समस्या गंभीर होती जा रही है। घरों से निकलने वाले नाबदान के पानी की निकासी नहीं होने से गावं के बाहर सड़क किनारे पानी जमा हो रहा है। जिससे पानी सड़ रहा है और उससे उठ रही दुर्गंध से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। वहीं संक्रामक बीमारी फैलने की आशंका से ग्रामीण भयभीत हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या कई दशक से बनी है। लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं हुआ। जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है। गांव के भोला यादव का कहना है कि अधिकांश घरों से निकला पानी गांव के ही राजेश यादव, विरेंद्र यादव और बृजेश के लगभग दो एकड़ जमीन में एकत्र हो तालाब का का रुप ले चुका है।
बरसात के मौसम में स्थिति काफी भयावह हो जाती है। घरों से निकला तथा बरसात का पानी, निचले इलाके में बने घरों में घुसने लगता है। ग्रामीण फिर पम्पिंग सेट आदि लगाकर पानी निकाल कर जमानियां रोड स्थित नहर में डालते है तब जाकर राहत मिलती है। ग्रामीण अवधेश यादव का कहना है कि मनराजपुर गांव के एक तरफ नगर पंचायत सैयदराजा और दूसरी तरफ जमानिया रोड है। गांव की आबादी लगभग तीन हजार है। गांव में जाने के लिए नगर पंचायत एवं जमानिया रोड की तरफ से लोक निर्माण विभाग की ओर से निर्मित सड़क है। गांव के घरों से निकलने वाले पानी की निकासी की समस्या काफी पुरानी है। गांव की सड़क के दक्षिण तरफ तो नाली का निर्माण कर उसे लगभग पांच सौ मीटर दूर छतेम ताल में मिला दिया गया लेकिन सड़क के उत्तर तरफ की आबादी की पानी की निकासी के लिए नाली का निर्माण नहीं किया गया। जिससे घरों से निकला पानी गांव के ही तीन लोगों के लगभग दो एकड़ मंहगी जमीन में एकत्र हो रहा है। स्थिति यह है की इनका खेत ताल का रुप ले चुका है। जय प्रकाश सिंह का कहना है कि लोग गांव का मामला होने के कारण इसका विरोध भी नहीं कर पा रहे हैं। इसी गांव के रास्ते से जनप्रतिनिधि और अधिकारी गुजरते हैं लेकिन उन्हें इस समस्या से कोई सरोकार नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या के निदान के तहसील दिवस से लगायत सम्बन्धित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों तक गुहार लगाया जा चुका हैं। पर सुनवाई नहीं हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के उत्तर तरफ भी नाली निर्माण कर छतेम ताल में मिला दिया जाय तो समस्या का समाधान हो जाएगा। इधर पानी निकासी की समस्या से जिन किसानों का खेत ताल का रुप ले चुका है वे किसान समस्या से परेशान है।
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