BSP chief Mayawati that necessary assess changes people lives before praising budget लोगों के जीवन में आए बदलाव का आकलन बजट की वाहवाही से पहले करना जरूरी: मायावती, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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लोगों के जीवन में आए बदलाव का आकलन बजट की वाहवाही से पहले करना जरूरी: मायावती

बसपा प्रमुख ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, संसद में आज केन्द्र सरकार द्वारा लाये गये बजट में विभिन्न योजनाओं, परियोजनाओं, वादों और आश्वासनों के सम्बन्ध में भविष्य में इनके परिणामों को लेकर यही लगता है कि इनके नाम तो बड़े-बड़े हैं, किन्तु जमीनी स्तर पर इनके दर्शन छोटे ना हो तो बेहतर होगा।

Sun, 1 Feb 2026 05:35 PMDinesh Rathour लाइव हिन्दुस्तान, लखनऊ
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लोगों के जीवन में आए बदलाव का आकलन बजट की वाहवाही से पहले करना जरूरी: मायावती

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कहा कि जीडीपी से ज्यादा लोगों के जीवन में विकास और गुणात्मक परिवर्तन अहम है और इसका आकलन रविवार को पेश केंद्रीय बजट की वाहवाही से पहले करना जरूरी है। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए यह टिप्पणी की। मायावाती ने सवाल किया कि कहीं यह बजट भी 'आया और गया' की तरह परम्परागत रूप से मायूस करने वाला तो नहीं है?

बसपा प्रमुख ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, संसद में आज केन्द्र सरकार द्वारा लाये गये बजट में विभिन्न योजनाओं, परियोजनाओं, वादों और आश्वासनों के सम्बन्ध में भविष्य में इनके परिणामों को लेकर यही लगता है कि इनके नाम तो बड़े-बड़े हैं, किन्तु जमीनी स्तर पर इनके दर्शन छोटे ना हो तो बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि इसीलिए सर्वसमाज के हित में केवल बातें ना हो बल्कि इनपर सही नीयत से अमल भी जरूरी है। मायावती ने कहा, वैसे तो केन्द्र सरकार का बजट सत्ताधारी पार्टी की नीति व नीयत में चाल, चरित्र व चेहरे का आईना होता है, जिसमें यह झलक मिलती है कि सरकार की सोच वास्तव में गरीब व बहुजन-हितैषी होकर व्यापक देशहित की है या फिर पूंजीवादी सोच की पोषक बड़े-बड़े पूंजीपति व धन्नासेठ समर्थक की है।

उन्होंने कहा कि भारत के सन्दर्भ में इस बात का भी विशेष महत्व है कि सरकार की नीति दीर्घकाल में आत्मनिर्भरता की अगर है तो उसके लिए सरकारी क्षेत्र को कितना महत्व देकर बाबा साहेब डॉ. भीमराव आम्बेडकर के कल्याणकारी संविधान के पवित्र मंशा के हिसाब से क्या कार्य किया गया है। बसपा प्रमुख ने पूछा कि क्या तुलनात्मक रूप में लोगों के जीवन में कोई परिवर्तन आया है। उन्होंने कहा, वास्तव में जीडीपी से अधिक लोगों के जीवन में बहु-अपेक्षित विकास व बहु-प्रतीक्षित गुणात्मक परिवर्तन है जो सीधे तौर पर व्यापक जनहित व देशहित से जुडे़ हैं और जिनका आकलन वर्तमान बजट की वाहवाही से पहले जरूर कर लेना है।

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