Both the current and former SSPs of Bareilly awarded Chief Minister's medal, Sambhal SP Bishnoi also honored बरेली के मौजूदा और पूर्व दोनों एसएसपी को मुख्यमंत्री पदक, संभल के एसपी बिश्नोई भी सम्मानित, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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बरेली के मौजूदा और पूर्व दोनों एसएसपी को मुख्यमंत्री पदक, संभल के एसपी बिश्नोई भी सम्मानित

'पुलिस मंथन-2025' के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश पुलिस के उन जांबाज अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया। आगरा पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार की तारीफ करते हुए कहा कि धर्मातरण गिरोह का आगरा पुलिस ने बहुत अच्छे तरीके से खात्मा किया।

Mon, 29 Dec 2025 06:57 AMYogesh Yadav लाइव हिन्दुस्तान, लखनऊ
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बरेली के मौजूदा और पूर्व दोनों एसएसपी को मुख्यमंत्री पदक, संभल के एसपी बिश्नोई भी सम्मानित

राजधानी लखनऊ के पुलिस मुख्यालय में आयोजित भव्य 'पुलिस मंथन-2025' के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश पुलिस के उन जांबाज अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया, जिन्होंने अपनी उत्कृष्ट सेवाओं से विभाग का मान बढ़ाया है। इस सम्मान समारोह में बरेली जिला विशेष चर्चा में रहा, क्योंकि यहाँ के वर्तमान एसएसपी अनुराग आर्य और पूर्व एसएसपी प्रभाकर चौधरी (अब डीआईजी) दोनों को ही मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सेवा पुलिस पदक से नवाजा गया। इनके साथ ही संभल के एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई को भी उनकी सराहनीय सेवाओं के लिए मुख्यमंत्री पदक प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री ने वर्ष 2022, 2023, 2024 और 2025 के लिए चुने गए कुल 16 पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को मेडल पहनाकर सम्मानित किया। यह सम्मान समारोह पुलिसिंग में पारदर्शिता, साहस और तकनीक के बेहतर इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। मुख्यमंत्री ने पदक विजेताओं की सराहना करते हुए कहा कि इन अधिकारियों का समर्पण अन्य पुलिसकर्मियों के लिए प्रेरणा बनेगा।

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सम्मान पाने वाले प्रमुख चेहरे

वर्ष 2022: बरेली के पूर्व एसएसपी प्रभाकर चौधरी (डीआईजी), मथुरा के पूर्व एसएसपी शैलेश कुमार पाण्डेय, एएसपी विनय चन्द्रा (अभिसूचना), और इंस्पेक्टर रविन्द्र प्रताप सिंह, दिनेश कुमार डान्डियाल व मनु चौधरी।

वर्ष 2023: एसटीएफ के चर्चित एएसपी विशाल विक्रम सिंह, इंस्पेक्टर विशाल सांगरी, हेड कांस्टेबल मनोज कुमार और नोएडा कमिश्नरेट की सिपाही शैलेश कुन्तल।

वर्ष 2024: बरेली के वर्तमान एसएसपी अनुराग आर्य, संभल के एसपी कृष्ण कुमार (केके बिश्नोई), एसटीएफ के डिप्टी एसपी विमल कुमार सिंह और हेड कांस्टेबल अरुण कुमार।

वर्ष 2025: एसटीएफ के डिप्टी एसपी प्रमेश शुक्ला और आगरा कमिश्नरेट की महिला सिपाही प्रियांशी प्रजापति को पदक प्रदान किया गया।

आगरा पुलिस कमिश्नर की तारीफ की

मुख्यमंत्री ने आगरा पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार की तारीफ करते हुए कहा कि धर्मातरण गिरोह का आगरा पुलिस ने बहुत अच्छे तरीके से खात्मा किया। इस मुद्दे पर उनके प्रस्तुतीकरण को भी सराहा। कहा कि बलरामपुर और आगरा में धर्मांतरण के बड़े गिरोह का खुलासा हुआ। इसमें लगे अपराधियों को पूरी तरह से खत्म करने की जरूरत है।

अंतरराष्ट्रीय धर्मांतरण गिरोह का खात्मा को एआई का इस्तेमाल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर निर्देश दिए हैं कि ‘अंतरराष्ट्रीय अनुदानित धर्मान्तरण रैकेट’ की रोकथाम के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वित्तीय ट्रेल, तकनीकी विश्लेषण एवं आधुनिक संसाधनों के प्रभावी उपयोग को और मजबूत किया जाए। पुलिस को धर्मांतरण कराने वाले गिरोह का खात्मा करने के लिए जीरो टालरेंस की नीति अपनानी होगी। इसमें संलिप्त गिरोह को पूरी तरह से नेस्तनाबूद करने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान, बांग्लादेश एवं नेपाल से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से उत्पन्न हो रही आतंकवादी गतिविधियों के नए आयामों का गहन विश्लेषण करते हुए सीमा निगरानी (सर्विलांस) को और अधिक सुदृढ़ करने पर बल दिया।

अराजकतत्वों से सख्ती से निपटने को कहा

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के दुरुपयोग, दुष्प्रचार, डार्कवेब, साइबर अपराध और आतंकी नेटवर्क जैसी चुनौतियों से निपटने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करने वाले किसी भी पोस्ट का संज्ञान लेकर तुरन्त कार्रवाई की जानी चाहिए। जाति व धर्म के नाम पर समाज को बांटने वालों के खिलाफ किसी तरह की नरमी बरतने की जरूरत नहीं है।

उन्होंने कहा कि कुछ अपराधी प्रवृत्ति के लोग महापुरुषों के नाम का गलत इस्तेमाल कर नए-नए संगठन बनाकर माहौल बिगाड़ने में लिप्त लोगों की पृष्ठभूमि की जांच कर उनके नेटवर्क को ध्वस्त किया जाए। उन्होंने हर कार्रवाई कानून के दायरे में करने की नसीहत भी दी।

नशीले पदार्थों की तस्करी में हुई कार्रवाई की सराहना की

मुख्यमंत्री ने आतंकवाद के साथ ही नशीले पदार्थों की तस्करी में लिप्त गिरोह पर की गई कार्रवाई की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि इन गिरोह पर और अधिक कार्रवाई की जरूरत है। इसके लिए विभागीय समन्वय और सुरक्षा एजेंसियों के बीच सूचनाएं साझा कर त्वरित कार्रवाई की जानी चाहिए। हर हाल में अपराधियों का नेटवर्क पूरी तरह से तोड़ने की जरूरत है। उन्होंने गो-तस्करी में सिर्फ आरोपियों की गिरफ्तारी को ही पर्याप्त नहीं बताया बल्कि गिरोहों के सरगना पर सख्त कार्रवाई करने को कहा।

जनप्रतिनिधियों से माह में एक बार संवाद जरूर करें

मुख्यमंत्री ने समापन के मौके पर एक अध्यापक की तरह वरिष्ठ पुलिस अफसरों को कई तरह की नसीहतें भी दी। उन्होंने कहा कि संवाद बेहद जरूरी है। अफसरों को जनप्रतिनिधियों से महीने में एक बार संवाद जरूर करना चाहिए। साथ ही उनका फोन जरूर उठाना चाहिए। कोई भी जनप्रतिनिधि गलत काम के बारे में नहीं बोलता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संवाद न होने पर पीड़ित जन प्रतिनिधियों के सामने जो बोलता है, उसे ही वह सच मान लेते हैं। धर्मगुरुओं और व्यापारियों के साथ की संवाद करते रहना चाहिए। त्योहारों के समय शांति समिति की बैठक की जाती है लेकिन बाद में इसे भूल जाते हैं। समय-समय पर नागरिकों से ऐसे संवाद करते रहने से आपका सूचना तंत्र भी मजबूत होगा।

थानेदार सर्किल और पुलिस लाइन में समन्वय जरूर बनाए

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर पुलिसिंग आफिस में बैठकर नहीं हो सकती है। थाना, सर्किल और पुलिस लाइन में बेहतर समन्वय होना चाहिए। अगर कोई घटना हो जाती है तो थानेदार को ही जिम्मेदार मान लिया जाता है। अगर तीनों में समन्वय हो तो परिणाम अच्छे निकल सकते हैं।

स्मार्ट पुलिसिंग का मंत्र दिया अफसरों को

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ समय पहले प्रधानमंत्री ने सभी प्रदेशों के डीजीपी व आईजी के सम्मेलन में स्मार्ट पुलिसिंग की बात कही थी। यूपी में भी स्मार्ट पुलिसिंग होनी चाहिए। अफसरों का व्यवहार ही पुलिस की पहचान बनाता है। फरियादियों की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करने से पुलिस का अच्छा चेहरा समाज में आता है।

बिना जाति धर्म भेदभाव के काम किया

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने बिना जाति धर्म भेदभाव के काम किया। कानून का राज स्थापित किया गया तभी राज्य में निवेश आया और लोगों को रोजगार मिला। उन्होंने कहा कि पौने नौ वर्ष के कार्यकाल में नौ लाख लोगों को नौकरी दी गई। सरकार ने लाखों लोगों को रोजगार दिया। पारदर्शी तरीके से हर किसी का काम किया। इसके लिए किसी को चेहरा, जाति और धर्म नहीं देखी। अगर किसी ने कानून को ठेंगा दिखाया तो उसे उसकी ही भाषा में जवाब दिया गया।

डीजीपी की तारीफ की

मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्मेलन में पुलिस ने अपनी समयबद्धता को दिखाया। इससे यह भी साफ हुआ कि पुलिस का समय प्रबधंन ठीक से है। अफसरों ने अपने सभी सत्रों में सब कुछ समय से किया। उन्होंने इस पूरे कार्यक्रम में हर चीज समय से होने के लिए डीजीपी की तारीफ भी की।

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