13-Year-Old Mohammad Arish Jamal Becomes Hafiz-e-Quran in Syohara 13 साल की आयु में आरिश जमाल ने किया कुरान मुकम्मल , Bijnor Hindi News - Hindustan
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13 साल की आयु में आरिश जमाल ने किया कुरान मुकम्मल

Bijnor News - स्योहारा के मोहम्मद आरिश जमाल ने 13 वर्ष की आयु में कुरआन शरीफ का हिफ्ज़ कर हाफ़िज़-ए-क़ुरआन की उपाधि प्राप्त की। इस अवसर पर मस्जिद तक़ी सराय में एक समारोह आयोजित किया गया। मौलाना इम्तियाज़ कासमी ने कुरआन की महत्ता पर प्रकाश डाला। आरिश को दस्तारबंदी कर सम्मानित किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की दुआ की गई।

Sun, 19 April 2026 12:17 AMNewswrap हिन्दुस्तान, बिजनौर
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13 साल की आयु में आरिश जमाल ने किया कुरान मुकम्मल

स्योहारा। स्योहारा के मोहम्मद आरिश जमाल ने मात्र 13 वर्ष की आयु में कुरआन शरीफ को मुकम्मल हिफ्ज़ कर हाफ़िज़-ए-क़ुरआन की उपाधि हासिल की है। इस उपलब्धि पर मोहल्ला मिलकियान स्थित मस्जिद तक़ी सराय में एक दस्तारबंदी और दुआई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मुबारक मौके पर जामा मस्जिद के इमाम मौलाना इम्तियाज़ कासमी ने शिरकत की। उन्होंने कुरआन शरीफ की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कुरआन को हिफ्ज़ करना अल्लाह की ओर से एक बड़ा इनाम है। जो बच्चा कुरआन को कंठस्थ करता है, वह स्वयं के साथ-साथ अपने माता-पिता और समाज के लिए भी बरकत का जरिया बनता है।

समारोह के समापन पर शहर इमाम मौलाना कामिल कासमी ने विशेष दुआ कराई। उन्होंने आरिश जमाल के उज्ज्वल भविष्य और देश-दुनिया में अमन-चैन की प्रार्थना की। इसी दौरान आरिश की दस्तारबंदी (पगड़ी पोशी) कर उन्हें सम्मानित किया गया।

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