प्रधानी चुनाव से पहले इस ग्राम पंचायत का सामने आया मनरेगा खेल, प्रधान समेत 15 पर बड़ा ऐक्शन
यूपी पंचायत चुनाव तैयारियां चल रही है। ग्राम पंचायत में हलचल तेज हैं। इस बीच एक ग्राम पंचायत में मनरेगा मजदूरी और निर्माण के नाम पर किए गए फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। इस मामले में ग्राम प्रधान समेत 15 पर ऐक्शन हुआ है।

यूपी में पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां चल रही है। चुनाव को लेकर गांवों में ग्राम प्रधान और प्रधान प्रत्याशी सक्रिय हैं। गांंवों में हलचल देखी जा रही है। इस बीच कानपुर में बिल्हौर के सैबसू ग्राम पंचायत में मनरेगा मजदूरी और निर्माण के नाम पर किए गए फर्जीवाड़े में प्रधान, तीन सचिव, दो तकनीकी सहायक समेत 15 पर बुधवार को कार्रवाई की गई है।
जांच में पाया गया है कि ग्राम प्रधान, सचिव और तकनीकी सहायक की मिलीभगत से घोटाला किया गया। सभी ने कागजों पर काम करके फर्जी हाजिरी के जरिए मस्टररोल तैयार करके गोलमाल किया था। अब सभी से 26 लाख की वसूली उनके वेतन से होगी। सभी को विभागीय कार्रवाई और सेवा समाप्त किए जाने का नोटिस जारी किया है। पद के दुरुपयोगका अतिरिक्त जुर्माना लगाया है। इसमें तीन बीडीओ को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया।
ग्रामीणों की शिकायत के बाद लोकपाल दिनेश कुमार ने सैबसू ग्राम पंचायत में जांच की थी। जिसमे 2024-25 और 2025-26 में ग्राम पंचायत में मनरेगा के अंतर्गत कराए गए 17 विकास काम दिखाए गए थे। इनमे चक रोड, नाला और इंटरलार्किंग के काम कराए गए थे। इस काम में फर्जीवाड़ा सामने आया था।
इन पर की गई कार्रवाई:
जांच के बाद गड़बड़ी सामने आने के बाद अब सचिव संदीप ज्ञानवीर, शिवपाल, रोहन कनौजिया, ग्राम प्रधान विमलेश मिश्रा, तकनीकी सहायक प्रमोद कुमार, इंद्र कुमार, ललित कुमार, लेखा सहायक प्रदीप तिवारी, प्रीती, शिशिर और दीप पर कार्रवाई की गई है।
26 लाख की वसूली का आदेश जारी
मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन ने बताया कि सैबसू मनरेगा में की गई गड़बड़ी में 15 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हुई है। 26 लाख की वसूली का आदेश जारी किया गया है। सेवा समाप्ति और विभागीय कार्रवाई का नोटिस जारी किया है। पद का दुरुपयोग करने पर अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया गया है।




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